सूरत में इंसानियत को झकझोर देने वाला डबल मर्डर केस: फरार बूटलेगर पर Surat Police की फायरिंग, पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती

🗓️ Published on: December 16, 2025 8:14 pm
Surat Police

सूरत (गुजरात):
Surat Police: गुजरात के सूरत शहर से सामने आया गोडादरा डबल मर्डर केस न केवल अपराध की भयावह तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह कानून से बेखौफ अपराधी समाज में खुलेआम आतंक फैलाते हैं। इस सनसनीखेज मामले में 16 दिनों से फरार चल रहे कुख्यात बूटलेगर और मुख्य आरोपी शिवाकांत यादव उर्फ शिवा टकला को आखिरकार Surat Police ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर हमला करने और भागने की कोशिश की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी, जिसके बाद उसे तत्काल स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

“गलती हो गई, अब नहीं भागूंगा” – गोली लगते ही टूटा आरोपी

पैर में गोली लगते ही शिवा टकला का हौसला टूट गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने वह हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा। भारी आवाज़ में कहे गए उसके शब्द
“सर, गलती हो गई… ऐसा दोबारा नहीं होगा… मुझे अकेला छोड़ दो”
उसकी डर और घबराहट को साफ बयां कर रहे थे। जो आरोपी कुछ दिनों पहले तक कानून को ठेंगा दिखा रहा था, वही अब पुलिस की कार्रवाई के सामने पूरी तरह टूट चुका था।

कैसे हुई पुलिस कार्रवाई

Surat Police को खुफिया सूचना मिली थी कि गोडादरा डबल मर्डर केस का मुख्य आरोपी एक खास इलाके में छिपा हुआ है। जैसे ही पुलिस टीम ने उसे पकड़ने की कोशिश की, शिवा टकला ने अचानक पुलिस पर हमला करने का प्रयास किया। हालात बिगड़ते देख और आरोपी के फरार होने की कोशिश के बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। गोली लगते ही आरोपी ज़मीन पर गिर पड़ा। इसके तुरंत बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर 108 एम्बुलेंस के ज़रिये स्मीमेर अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी में इलाज कर रही है, जबकि पुलिस हर गतिविधि पर नज़र बनाए हुए है।

क्या है पूरा गोडादरा डबल मर्डर केस

यह मामला 1 दिसंबर को सूरत के गोडादरा इलाके से जुड़ा है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। आरोपी शिवा टकला, जो एक कुख्यात शराब तस्कर है, ने महज़ 20,000 रुपये की रंगदारी के लिए इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं।

तीन दोस्तों का अपहरण

पीड़ित युवकों की पहचान इरशाद उर्फ कनियो, नाज़िम उर्फ भांजा सादिक और 22 वर्षीय शोएब फिरोज चांद शेख के रूप में हुई। तीनों दोस्त उस दिन मारुति नगर इलाके में बैठे थे। नाज़िम का शिवा टकला से पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए तीनों लक्ष्मण नगर, गोडादरा पहुंचे।

लेकिन बातचीत सुलह की बजाय तीखी बहस में बदल गई। इसके बाद शिवा टकला और उसके साथियों ने तीनों दोस्तों का अपहरण कर लिया और उन्हें कैपिटल स्क्वायर इलाके में ले गए।

बर्बरता की सारी हदें पार

कैपिटल स्क्वायर में जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार करने वाला था। वहां शिवा टकला के साथ उसके कई साथी मौजूद थे, जिनमें अन्य कुख्यात अपराधी भी शामिल थे। तीनों युवकों को चारों तरफ से घेर लिया गया।

इसके बाद उन्हें:

  • लकड़ी के डंडों
  • लोहे की रॉड
  • लात-घूंसे
  • और जूतों से बेरहमी से पीटा गया

लेकिन आरोपी का गुस्सा यहीं नहीं रुका।

“किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेंगे”

मारपीट के बाद आरोपियों ने युवकों को धमकी दी कि वे उन्हें “किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ेंगे।” इसके बाद जो किया गया, वह किसी दरिंदे से कम नहीं था।

रेज़र से तीनों के:

  • सिर के आधे बाल काट दिए गए
  • आधी मूंछें काट दी गईं
  • एक-एक आइब्रो काट दी गई

खून से लथपथ हालत में भी आरोपी उन पर हंसते रहे, मज़ाक उड़ाते रहे और लगातार यातनाएं देते रहे।

दो दोस्तों की दर्दनाक मौत

इस अमानवीय अत्याचार को 22 वर्षीय शोएब शेख सहन नहीं कर पाया। गंभीर चोटों और सदमे के चलते उसकी मौके पर ही या इलाज के दौरान मौत हो गई।

इसके बाद आरोपी नाज़िम और इरशाद को एक कार में डालकर महाराष्ट्र की ओर ले गए। रास्ते में नाज़िम की भी मौत हो गई। उसकी लाश नंदुरबार बॉर्डर के पास फेंक दी गई। वहीं इरशाद को मरा हुआ समझकर सड़क किनारे फेंक दिया गया, जिससे वह किसी तरह बच गया।

मां की चीखें और इंसाफ की गुहार

शोएब शेख अपने परिवार का सहारा था। वह उबर टैक्सी चलाकर घर का खर्च चलाता था। उसकी मां शकीला का रो-रोकर बुरा हाल है।

“अम्मी, ये लोग 20,000 रुपये मांग रहे हैं”

शकीला ने बताया कि घटना से पहले उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया था। दूसरी तरफ उनका बेटा शोएब रोते हुए कह रहा था
“अम्मी, ये लोग 20,000 रुपये मांग रहे हैं। अगर पैसे नहीं दिए तो ये मुझे मार देंगे।”

परिवार गरीब था और इतनी बड़ी रकम तुरंत जुटा पाना संभव नहीं था। इससे पहले कि वे कुछ कर पाते, फोन बंद हो गया।

बेटे की लाश देख कांप उठी मां

कुछ समय बाद पुलिस से खबर मिली कि शोएब की लाश मिल गई है। शकीला ने बताया कि जब उन्होंने बेटे को देखा तो उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे, बाल कटे हुए थे, आइब्रो कटी हुई थी और पूरे शरीर पर ज़ख्म थे।

“मेरा बेटा बेगुनाह था। मुझे बस इंसाफ चाहिए,” मां की यह गुहार हर किसी की आंखें नम कर देती है।

राजनीतिक घमासान और सिस्टम पर सवाल

इस घटना के बाद सूरत की राजनीति भी गरमा गई। कांग्रेस नेता असलम सैकलवाला ने सरकार और पुलिस सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े किए।

उन्होंने कहा कि शिवा टकला कोई पहली बार अपराध करने वाला व्यक्ति नहीं है। वह पहले भी हत्या और पुलिस पर हमले जैसे मामलों में शामिल रहा है। सवाल यह है कि ऐसा अपराधी खुलेआम शराब का धंधा कैसे चला रहा था?

फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग

असलम सैकलवाला ने मांग की कि:

  • केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो
  • दोषियों को कड़ी से कड़ी, यहां तक कि मौत की सज़ा दी जाए

उनका कहना था कि यह घटना सूरत के लॉ एंड ऑर्डर पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

Surat Police की सख्त कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए Surat Police, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। अब तक:

  • मुख्य आरोपी शिवा टकला को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया
  • उसके दो सहयोगियों को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका है
  • अन्य फरार आरोपियों की तलाश तेज़ कर दी गई है

पुलिस का कहना है कि यह पूरा अपराध पैसे की वसूली के लिए रचा गया था, जिसमें दो निर्दोष युवकों की जान चली गई।

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समाज के लिए बड़ा सवाल

यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के सामने एक चेतावनी है। यह दिखाता है कि जब अपराधियों को समय रहते नहीं रोका जाता, तो वे किस हद तक जा सकते हैं।

Surat Police की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अदालत में इस मामले का क्या अंजाम होता है और पीड़ित परिवार को कब इंसाफ मिलता है।