डांग जिले के Dang Ahwa क्षेत्र में तेजस्विनी संस्कृति धाम वासुरना में 101 युगलों का भव्य सामूहिक विवाह संपन्न

🗓️ Published on: December 19, 2025 3:32 pm
Dang Ahwa

डांग (Dang Ahwa) : गुजरात के डांग जिले में आदिवासी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक एकता और सेवा भावना का अद्भुत उदाहरण 14 दिसंबर को देखने को मिला, जब सापुतारा के पास वासुरना गांव स्थित तेजस्विनी संस्कृति धाम में 101 युगलों का सामूहिक विवाह समारोह बड़े ही भव्य और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न केवल आदिवासी समाज को एक नई दिशा दी, बल्कि सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को भी मजबूती प्रदान की।

यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम तेजस्विनी संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य डांग जिले के आदिवासी परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना रहा। कार्यक्रम का संपूर्ण संचालन तेजस्विनी संस्कृति धाम की ब्रह्मवादिनी पूज्य हेतल दीदी और आचार्य केतनबापू के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से हुआ। उनके सान्निध्य में यह सेवा यज्ञ पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न किया गया।

दो दिवसीय आयोजन में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक

इस भव्य आयोजन की शुरुआत 13 दिसंबर से हुई, जब आसपास के आदिवासी गांवों से आए लोगों ने पारंपरिक सांस्कृतिक और प्राकृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। विवाह से एक दिन पहले आदिवासी समुदाय द्वारा अपने आराध्य पर्वत देवता की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

14 दिसंबर की सुबह आमंत्रित अतिथियों के स्वागत और अभिनंदन के साथ मुख्य विवाह समारोह आरंभ हुआ। पारंपरिक रीति-रिवाजों और शास्त्रों के अनुसार सभी 101 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। दूल्हा-दुल्हन, उनके परिवारजन और रिश्तेदारों ने बारात, हाथ मिलाना और अन्य परंपरागत रस्मों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

संत-महंतों और जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस सामूहिक विवाह समारोह में कई संत-महंतों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। परम पूजनीय श्री भारद्वाजगिरी, श्री पी.पी. स्वामीजी, पूज्य विनुबापू हालोल, श्री ताराचंद बापू सहित अनेक संतों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से भी कई प्रमुख हस्तियां कार्यक्रम में शामिल हुईं। गुजरात सरकार के आदिवासी मंत्री नरेश पटेल, सांसद धवल पटेल, गुजरात विधानसभा के दंडक विजय पटेल, पूर्व सांसद लालूभाई दमन, तथा विवाह के सारथी अशोकभाई गजेरा, चंदूभाई गदरा और चतुरभाई मोरजा की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। इनके साथ समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोग और दानदाता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

कन्या हॉस्टल की घोषणा बनी कार्यक्रम का अहम आकर्षण

इस आयोजन के दौरान तेजस्विनी संस्कृति धाम द्वारा डांग जिले की बेटियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की गई। Dang Ahwa क्षेत्र में जल्द ही “शिवाश्रय कन्या हॉस्टल” शुरू करने का विचार सार्वजनिक किया गया, जिसकी सभी अतिथियों और दानदाताओं ने खुले दिल से सराहना की।

आदिवासी मंत्री नरेशभाई पटेल ने इस अवसर पर घोषणा की कि उनका विभाग कन्या हॉस्टल के लिए 30 लाख रुपये की सहायता प्रदान करेगा। वहीं सांसद धवल पटेल ने 5 लाख रुपये और विधायक विजय पटेल ने भी 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। इस घोषणा ने कार्यक्रम को सामाजिक विकास की दिशा में एक मजबूत कदम बना दिया।

नवविवाहित जोड़ों को मिले भव्य उपहार

सामूहिक विवाह संपन्न होने के बाद सभी 101 नवविवाहित जोड़ों को दुल्हन के उपहार स्वरूप घरेलू उपयोग की वस्तुएं, कपड़े, गहने, सोने की बालियां और लगभग 100 से अधिक आवश्यक सामान भेंट किए गए। विशेष रूप से आदिवासी समाज के बाघ देवता और सनातन धर्म के देवी-देवताओं के मंदिर उपहार में दिए गए, जो सभी के आकर्षण का केंद्र रहे।

कार्यक्रम के दौरान लगभग दस हजार लोगों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। अंत में परंपरागत तरीके से दुल्हनों की विदाई के साथ इस ऐतिहासिक सामूहिक विवाह समारोह का समापन हुआ।

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आयोजन को सफल बनाने वालों का किया गया आभार

तेजस्विनी संस्कृति चैरिटेबल ट्रस्ट की मंत्री निमिषा नायक, ट्रस्टी दिनेशभाई देलवाडिया, धनसुखभाई, चेतनभाई और उनकी पूरी टीम की मेहनत से यह विशाल आयोजन सफल हो सका। तेजस्विनी के सांस्कृतिक परिवार ने सारथी अशोकभाई, अतुलभाई सहित राजनीतिक, सामाजिक और धर्मार्थ क्षेत्र के सभी सहयोगियों और भामाशाहों का आभार व्यक्त किया।

डांग जिले के Dang Ahwa क्षेत्र में आयोजित यह सामूहिक विवाह न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि आदिवासी समाज के लिए सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बनकर उभरा, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक सुनाई देती रहेगी।