Commonwealth Games की तैयारियों पर सवाल: अहमदाबाद में करोड़ों का स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर बदहाल, AMC जनरल मीटिंग में विपक्ष ने उठाए गंभीर मुद्दे

🗓️ Published on: December 19, 2025 11:52 pm
Commonwealth

अहमदाबाद को वर्ष 2030 में होने वाले Commonwealth Games की मेज़बानी का अवसर मिलने के बाद शहर को एक वैश्विक स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही 2036 ओलंपिक खेलों की मेज़बानी की संभावनाओं को देखते हुए अहमदाबाद को “स्पोर्ट्स सिटी” के रूप में ढालने के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। लेकिन इन महत्वाकांक्षी दावों के बीच ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।

नगर निगम की हाल ही में हुई जनरल मीटिंग में विपक्षी दल कांग्रेस ने शहर में पहले से बने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर की बदहाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए। विपक्ष के नेता शहजाद खान पठान ने मेयर और म्युनिसिपल कमिश्नर के सामने सवाल उठाया कि जब अहमदाबाद को Commonwealth जैसे अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेज़बानी करनी है, तो पहले से मौजूद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स क्यों धूल फांक रहे हैं।

“कॉमनवेल्थ की तैयारी कैसे होगी जब मैदान ही बंद पड़े हैं?”

19 दिसंबर को हुई अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) की आम बैठक में विपक्ष के नेता ने कहा कि नगर निगम द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स या तो बंद पड़े हैं या फिर उनका सही तरीके से उपयोग नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के कई हिस्सों में बने खेल परिसर देखरेख के अभाव में जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं।

उनका कहना था कि Commonwealth Games जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेज़बानी केवल बड़े-बड़े दावों और घोषणाओं से नहीं होती, बल्कि इसके लिए ज़मीनी स्तर पर मजबूत, चालू और उपयोग में आने वाला स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर चाहिए।

साबरमती रिवरफ्रंट और शाहपुर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर सवाल

विपक्ष ने विशेष रूप से साबरमती रिवरफ्रंट और शाहपुर स्थित ईस्ट रिवरफ्रंट के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का मुद्दा उठाया। इन दोनों परिसरों के निर्माण पर 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है, लेकिन वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई।

साबरमती रिवरफ्रंट के पश्चिमी हिस्से में बने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की स्केटिंग रिंग का उपयोग खेल गतिविधियों के बजाय कबूतरों को दाना डालने के लिए किया जा रहा है। वहीं शाहपुर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स लंबे समय से इस्तेमाल में नहीं है। विपक्ष ने इसे सार्वजनिक धन की बर्बादी करार दिया।

15 साल पहले बना स्केटिंग रिंग अब अस्तित्व में नहीं

विपक्षी नेताओं ने पुराने वडाज गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि करीब 15 साल पहले वहां लगभग 1 करोड़ रुपये की लागत से स्केटिंग रिंग बनाई गई थी, लेकिन आज वह पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा मेमनगर, चांदखेड़ा और अन्य इलाकों में बने टेनिस कोर्ट भी रखरखाव की कमी के कारण बंद पड़े हैं।

इन मुद्दों को उठाते हुए विपक्ष ने सवाल किया कि जब मौजूदा सुविधाएं ही सुरक्षित और चालू नहीं रखी जा पा रही हैं, तो Commonwealth जैसे वैश्विक खेल आयोजन की तैयारी कैसे की जाएगी।

नारनपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स अब भी आम जनता के लिए बंद

नारनपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को लेकर भी विपक्ष ने गंभीर सवाल खड़े किए। इस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन सितंबर महीने में किया गया था, लेकिन तीन महीने बीत जाने के बावजूद इसकी कई सुविधाएं आम लोगों के लिए शुरू नहीं की गई हैं।

विपक्ष के नेता ने बैठक में तस्वीरें पेश करते हुए बताया कि कुछ खेल मैदानों में घास उग आई है और टेनिस कोर्ट का इस्तेमाल पार्किंग स्थल के रूप में किया जा रहा है। सबसे गंभीर आरोप यह रहा कि नारनपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का स्विमिंग पूल अब तक जनता के लिए नहीं खोला गया है।

उनका कहना था कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, खासकर तब जब शहर को Commonwealth Games जैसे बड़े आयोजन की मेज़बानी करनी है।

नगर निगम का जवाब: “नया इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है”

विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए AMC की स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन देवांग दानी ने कहा कि नगर निगम ने बीते वर्षों में करोड़ों रुपये की लागत से नया स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है और कई परियोजनाएं अभी भी निर्माणाधीन हैं।

उन्होंने स्वीकार किया कि साबरमती रिवरफ्रंट स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा की कमी के कारण कुछ घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं, इसके लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वस्त्राल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को बिल्डिंग यूज़ (BU) की मंजूरी मिल चुकी है और इसे जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा।

Commonwealth Games और अहमदाबाद की वैश्विक छवि

विशेषज्ञों का मानना है कि Commonwealth Games जैसे आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं होते, बल्कि वे किसी भी शहर की वैश्विक छवि, पर्यटन, निवेश और युवा प्रतिभाओं के विकास से जुड़े होते हैं। ऐसे में यदि मौजूदा स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर का सही उपयोग और रखरखाव नहीं किया गया, तो यह शहर की अंतरराष्ट्रीय साख को नुकसान पहुंचा सकता है।

यह भी पढ़े: Priyansh Arya Biography: भारतीय क्रिकेट का नया उभरता सितारा और IPL का युवा सुपरस्टार

निष्कर्ष

अहमदाबाद के लिए Commonwealth की मेज़बानी एक ऐतिहासिक अवसर है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। विपक्ष द्वारा उठाए गए सवाल यह संकेत देते हैं कि केवल नए प्रोजेक्ट शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पहले से बने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को सक्रिय, सुरक्षित और जनता के लिए उपयोगी बनाना भी उतना ही जरूरी है।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर निगम इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या अहमदाबाद वास्तव में Commonwealth Games और भविष्य के ओलंपिक जैसे वैश्विक आयोजनों के लिए खुद को तैयार कर पाता है या नहीं।