सऊदी अरब एक बार फिर वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में है। इस बार वजह है एक ऐसी गगनचुंबी इमारत, जो पूरी दुनिया की ऊँचाई की परिभाषा ही बदलने जा रही है। jeddah tower नाम की यह विशाल संरचना न केवल दुबई की बुर्ज खलीफा को पीछे छोड़ देगी, बल्कि इसे दुनिया की अब तक की सबसे ऊँची इमारत बना देगी। इसकी ऊँचाई लगभग 1,000 मीटर (एक किलोमीटर) होगी और इसके 2028 तक पूरी होने की उम्मीद है।
अब तक बुर्ज खलीफा को दुनिया की सबसे ऊँची इमारत माना जाता रहा है, जिसकी ऊँचाई 828 मीटर है। लेकिन jeddah tower के पूरा होते ही यह रिकॉर्ड इतिहास बन जाएगा। सऊदी अरब इस मेगा प्रोजेक्ट के जरिए न केवल इंजीनियरिंग की सीमाओं को आगे बढ़ा रहा है, बल्कि अपने आर्थिक, पर्यटन और वैश्विक प्रभाव को भी नई ऊँचाई पर ले जाने की तैयारी में है।
जेद्दा इकोनॉमिक सिटी में आकार ले रहा है jeddah tower
jeddah tower का निर्माण सऊदी अरब के जेद्दा शहर में स्थित Jeddah Economic City में किया जा रहा है। यह इलाका भविष्य के एक आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां व्यापार, पर्यटन और तकनीक को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे प्रमुख आकर्षण यही टॉवर है।
रेड सी (लाल सागर) के तट के पास बन रहा यह टॉवर न केवल जेद्दा की पहचान बदलेगा, बल्कि इसे दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शहरों की सूची में भी शामिल कर देगा। टॉवर के चारों ओर बनने वाला इकोनॉमिक सिटी क्षेत्र भविष्य में वैश्विक निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बनने वाला है।
Vision 2030 से जुड़ा है jeddah tower का सपना
इस ऐतिहासिक परियोजना को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम Vision 2030 के तहत विकसित किया जा रहा है। Vision 2030 का उद्देश्य सऊदी अरब को तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था से निकालकर पर्यटन, व्यापार, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था बनाना है।
jeddah tower इसी सोच का प्रतीक है। यह प्रोजेक्ट सऊदी अरब की नई पहचान को दर्शाता है—एक ऐसा देश जो भविष्य की तकनीक, आधुनिक शहरों और वैश्विक नेतृत्व की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
2011 में हुई थी घोषणा, फिर रुका काम
jeddah tower की घोषणा पहली बार 2011 में की गई थी। उस समय यह कहा गया था कि यह दुनिया की सबसे ऊँची इमारत होगी और मानव इंजीनियरिंग की नई मिसाल बनेगी। शुरुआती वर्षों में निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ा और देखते ही देखते इमारत के कई मंज़िलें पूरी हो गईं।
हालांकि, कुछ वर्षों बाद परियोजना को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। वित्तीय समस्याओं और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों के चलते निर्माण कार्य रोक दिया गया। जब काम रुका, तब तक लगभग 63 मंज़िलें बन चुकी थीं। इसके बाद कई वर्षों तक यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया।
2025 में फिर शुरू हुआ निर्माण कार्य
कई सालों के इंतज़ार के बाद 2025 में jeddah tower का निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया गया। इस बार परियोजना को नई रणनीति, बेहतर निगरानी और मजबूत वित्तीय समर्थन के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
काम दोबारा शुरू होने के बाद से निर्माण की रफ्तार काफी तेज़ बताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब यह प्रोजेक्ट अपने तय समय पर पूरा हो सकता है।
अब तक 80 मंज़िलें हो चुकी हैं पूरी
ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, jeddah tower की लगभग 80 मंज़िलें अब तक पूरी की जा चुकी हैं। यह इस बात का संकेत है कि परियोजना सही दिशा में आगे बढ़ रही है। जैसे-जैसे इमारत ऊँचाई पकड़ रही है, इंजीनियरिंग की चुनौतियाँ भी बढ़ती जा रही हैं।
इतनी ऊँचाई पर निर्माण के लिए हवा के दबाव, संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके लिए दुनिया की सबसे आधुनिक निर्माण तकनीकों और सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
एक किलोमीटर ऊँची इमारत बनाना क्यों है चुनौती?
jeddah tower को एक किलोमीटर तक ऊँचा बनाना कोई सामान्य काम नहीं है। इतनी ऊँचाई पर तेज़ हवाएँ, तापमान में बदलाव और ज़मीन पर पड़ने वाला भार बड़ी चुनौती बन जाता है।
इसी कारण इस टॉवर का डिज़ाइन खास तरीके से तैयार किया गया है, ताकि हवा का दबाव कम से कम पड़े और इमारत स्थिर बनी रहे। इसकी नींव भी बेहद गहरी और मजबूत बनाई गई है, ताकि यह लंबे समय तक सुरक्षित रह सके।
बुर्ज खलीफा से कैसे अलग होगा jeddah tower?
दुबई की बुर्ज खलीफा में 163 मंज़िलें हैं और यह 828 मीटर ऊँची है। वहीं jeddah tower की ऊँचाई लगभग 1,000 मीटर होगी और इसमें इससे भी अधिक मंज़िलें होंगी।
इस टॉवर में अत्याधुनिक हाई-स्पीड लिफ्ट सिस्टम लगाया जाएगा, जो कुछ ही सेकंड में सैकड़ों मीटर की दूरी तय कर सकेगा। इतनी ऊँचाई पर लोगों की आवाजाही को आसान और सुरक्षित बनाना इस परियोजना का अहम हिस्सा है।
jeddah tower के अंदर क्या-क्या होगा?
jeddah tower सिर्फ एक ऊँची इमारत नहीं होगी, बल्कि यह अपने आप में एक “वर्टिकल सिटी” होगी। इसमें कई तरह की सुविधाएँ शामिल होंगी:
ऑफिस स्पेस
दुनिया की बड़ी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के लिए अत्याधुनिक कार्यालय बनाए जाएंगे।
लग्ज़री होटल
टॉवर में एक हाई-एंड होटल होगा, जहां से शहर और समुद्र का अद्भुत नज़ारा दिखेगा।
रिहायशी अपार्टमेंट
उच्च स्तर के आवासीय फ्लैट्स बनाए जाएंगे, जहां रहना अपने आप में एक खास अनुभव होगा।
ऑब्ज़र्वेशन डेक
दुनिया के सबसे ऊँचे व्यूइंग डेक्स में से एक यहां होगा, जहां से लोग आसमान से ज़मीन को देख सकेंगे।
पर्यटन के लिए गेम-चेंजर साबित होगा jeddah tower
jeddah tower के पूरा होते ही सऊदी अरब के पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दुनिया की सबसे ऊँची इमारत देखने के लिए लाखों पर्यटक हर साल जेद्दा पहुंच सकते हैं।
सऊदी अरब पहले ही अपने पर्यटन नियमों को आसान बना चुका है और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आकर्षित करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रहा है। jeddah tower इस रणनीति का सबसे बड़ा चेहरा बन सकता है।
अर्थव्यवस्था और रोज़गार पर बड़ा असर
इस मेगा प्रोजेक्ट से हज़ारों लोगों को रोज़गार मिला है और भविष्य में भी इससे लाखों अप्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा होंगी। निर्माण, होटल, रियल एस्टेट, पर्यटन और सर्विस सेक्टर को इससे सीधा फायदा मिलेगा।
Jeddah Economic City के आसपास का क्षेत्र भी तेजी से विकसित होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
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आधुनिकता और पर्यावरण संतुलन पर भी ध्यान
इतनी विशाल इमारत होने के बावजूद jeddah tower को पर्यावरण-अनुकूल बनाने की कोशिश की जा रही है। इसमें ऊर्जा-सक्षम सिस्टम, पानी की बचत तकनीक और आधुनिक क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम लगाए जाएंगे।
प्राकृतिक रोशनी के बेहतर इस्तेमाल और उन्नत इन्सुलेशन तकनीक के जरिए ऊर्जा की खपत को कम रखने की योजना है।
वैश्विक वास्तुकला के लिए नया अध्याय
jeddah tower के पूरा होते ही दुनिया भर के आर्किटेक्ट्स और इंजीनियर्स के लिए यह एक नई प्रेरणा बनेगा। यह साबित करेगा कि इंसान की सोच और तकनीक की कोई सीमा नहीं है।
जहां कभी बुर्ज खलीफा को असंभव माना जाता था, वहीं अब jeddah tower उससे भी आगे निकलने जा रहा है।
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निष्कर्ष
jeddah tower केवल एक इमारत नहीं, बल्कि सऊदी अरब के बदलते भविष्य का प्रतीक है। वर्षों की देरी और रुकावटों के बाद अब यह प्रोजेक्ट पूरी रफ्तार में है। एक किलोमीटर ऊँचा यह टॉवर न केवल बुर्ज खलीफा का रिकॉर्ड तोड़ेगा, बल्कि दुनिया की वास्तुकला के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा।
जैसे-जैसे 2028 नज़दीक आ रहा है, पूरी दुनिया की निगाहें जेद्दा पर टिकी हैं। jeddah tower के पूरा होते ही सऊदी अरब वैश्विक मानचित्र पर और भी मजबूती से उभरेगा।













