राजकोट, गुजरात:
Karuna Foundation: हर साल मकर संक्रांति का त्योहार जहां खुशियों, पतंगबाजी और उत्साह का प्रतीक होता है, वहीं यह समय हजारों बेजुबान पक्षियों के लिए जानलेवा साबित होता है। पतंग की तेज और खतरनाक डोर से घायल होकर अनगिनत पक्षी गंभीर रूप से जख्मी हो जाते हैं। इसी संवेदनशील मुद्दे को ध्यान में रखते हुए Karuna Foundation Trust – Animal Helpline, Rajkot ने मकर संक्रांति 2026 से पहले एक व्यापक और मानवीय पहल की शुरुआत की है।
राजकोट में आयोजित एक विशेष बैठक के माध्यम से “Save Birds Campaign 2026” की रूपरेखा तैयार की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य पतंग की डोर से घायल पक्षियों का त्वरित बचाव, उपचार और संरक्षण सुनिश्चित करना है। यह अभियान न केवल गुजरात बल्कि भारत के अन्य राज्यों तक विस्तारित किया जाएगा।
Karuna Foundation: भारत की सबसे बड़ी निःशुल्क पशु-पक्षी चिकित्सा संस्था
Karuna Foundation आज भारत की सबसे बड़ी ऐसी संस्था के रूप में जानी जाती है, जो निःशुल्क पशु और पक्षी उपचार सेवाएं प्रदान करती है। वर्षों से यह संस्था जीवदया, करुणा और अहिंसा के मूल सिद्धांतों पर कार्य कर रही है।
मकर संक्रांति के दौरान पक्षियों की बढ़ती मृत्यु दर को देखते हुए Karuna Foundation ने हर साल विशेष “Karuna Abhiyan” चलाया है, और वर्ष 2026 के लिए यह अभियान पहले से कहीं अधिक व्यापक और संगठित रूप में शुरू किया गया है।
Save Birds Campaign 2026: बैठक का उद्देश्य और महत्व
राजकोट में आयोजित इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था:
- राज्यव्यापी और राष्ट्रीय स्तर पर Bird Treatment Control Room की व्यवस्था
- प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्वयंसेवकों की तैनाती
- आपातकालीन हेल्पलाइन और रेस्क्यू नेटवर्क को मजबूत करना
- मकर संक्रांति के दौरान दान (Donation Counters) की योजना
- पक्षी संरक्षण को लेकर जनजागरूकता अभियान
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि Save Birds Campaign 2026 को केवल एक स्थानीय प्रयास नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का जीवदया अभियान बनाया जाएगा।
प्रमुख समाजसेवियों और जीवदया कार्यकर्ताओं की सहभागिता
इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें बिल्डर, उद्योगपति, सामाजिक संगठन प्रमुख, युवा सेवा समूहों के प्रतिनिधि और जीवदया कार्यकर्ता शामिल थे।
सभी ने मिलकर Save Birds Campaign 2026 के लिए मार्गदर्शन दिया और Karuna Foundation को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इन सामाजिक नेताओं की भागीदारी से अभियान को जन-समर्थन और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मकर संक्रांति पर Bird Treatment Control Room की विशेष व्यवस्था
Karuna Foundation Trust – Animal Helpline, Rajkot द्वारा मकर संक्रांति के दौरान विशेष Bird Treatment Control Room स्थापित किए जाएंगे।
इन कंट्रोल रूम्स में निम्न सुविधाएं उपलब्ध होंगी:
- अनुभवी पशु चिकित्सक
- आधुनिक चिकित्सा उपकरण
- सर्जरी और प्राथमिक उपचार की सुविधा
- घायल पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय
- 24×7 आपातकालीन सेवा
इन कंट्रोल रूम्स का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी घायल पक्षी को समय पर इलाज मिल सके।
त्रिकोण बाग, राजकोट में Mega Bird Control Room
Save Birds Campaign 2026 के तहत 13, 14 और 15 जनवरी को राजकोट के त्रिकोण बाग में एक Mega Bird Treatment Control Room संचालित किया जाएगा।
यह मेगा कंट्रोल रूम अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा और इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आम नागरिक भी वहां आकर:
- घायल पक्षियों का उपचार देख सकें
- जीवदया के कार्यों को समझ सकें
- स्वयंसेवक के रूप में जुड़ सकें
Karuna Foundation का मानना है कि जब लोग अपनी आंखों से पक्षियों का दर्द और उपचार देखेंगे, तो समाज में करुणा और जिम्मेदारी की भावना और मजबूत होगी।
10 से 20 जनवरी तक विशेष आपातकालीन अभियान
गुजरात सरकार के जीवदया-समर्थक दृष्टिकोण के अंतर्गत, Karuna Abhiyan 2026 के तहत 10 जनवरी से 20 जनवरी तक विशेष आपातकालीन सेवाएं संचालित की जाएंगी।
इस अवधि के दौरान:
- रेस्क्यू टीमें लगातार सक्रिय रहेंगी
- हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी
- घायल पक्षियों को नजदीकी उपचार केंद्र तक पहुंचाया जाएगा
यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि मकर संक्रांति से पहले और बाद में घायल हुए पक्षियों को भी समय पर मदद मिल सके।
Chinese Manja के खिलाफ सख्त जागरूकता अभियान
Save Birds Campaign 2026 का एक अहम हिस्सा है Chinese Manja के उपयोग के खिलाफ जनजागरूकता।
Karuna Foundation ने नागरिकों से अपील की है कि:
- Chinese Manja या किसी भी खतरनाक डोर का उपयोग न करें
- सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल डोर का ही इस्तेमाल करें
Chinese Manja न केवल पक्षियों बल्कि इंसानों और जानवरों के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो चुकी है।
पतंग उड़ाने के समय को लेकर विशेष अपील
पक्षियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Karuna Foundation ने पतंग उड़ाने के समय को लेकर भी विशेष अपील जारी की है।
नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे निम्न समय के दौरान पतंग न उड़ाएं:
- सुबह 6 से 8 बजे
- सुबह 7 से 9 बजे
- शाम 5 से 7 बजे
- शाम 6 से 8 बजे
ये समय पक्षियों की उड़ान और भोजन का होता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है।
स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं की भूमिका
इस अभियान में शहर के कई स्वयंसेवी संगठन, युवा समूह और सामाजिक संस्थाएं सक्रिय रूप से भाग लेंगी।
उनकी भूमिकाएं होंगी:
- घायल पक्षियों की सूचना देना
- रेस्क्यू कार्य में सहायता
- चिकित्सा टीम के साथ सहयोग
- जनजागरूकता फैलाना
Karuna Foundation ने युवाओं से विशेष रूप से आगे आने की अपील की है ताकि करुणा और जीवदया की भावना अगली पीढ़ी तक पहुंचे।
दान और सहयोग के लिए जनता से अपील
Save Birds Campaign 2026 को सफल बनाने के लिए Karuna Foundation ने जनता से दान और सहयोग की अपील की है।
दान का उपयोग किया जाएगा:
- दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के लिए
- रेस्क्यू वाहनों के संचालन के लिए
- स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण के लिए
संस्था ने स्पष्ट किया है कि दान का हर एक रुपया पूरी पारदर्शिता के साथ जीवदया कार्यों में ही उपयोग किया जाएगा।
Karuna Foundation का संदेश: उत्सव मनाएं, लेकिन जिम्मेदारी के साथ
Karuna Foundation का स्पष्ट संदेश है कि त्योहार खुशियों के लिए होते हैं, न कि किसी की जान लेने के लिए।
मकर संक्रांति जैसे बड़े त्योहार को यदि थोड़ी सी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ मनाया जाए, तो हजारों पक्षियों की जान बचाई जा सकती है।
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निष्कर्ष: करुणा ही सच्चा उत्सव है
Save Birds Campaign 2026 केवल एक अभियान नहीं, बल्कि एक मानवीय आंदोलन है। यह समाज को यह सिखाता है कि विकास, परंपरा और उत्सव तभी सार्थक हैं जब उनमें करुणा शामिल हो।
Karuna Foundation एक बार फिर यह साबित कर रहा है कि संगठित प्रयास, जनभागीदारी और सच्ची संवेदना से बड़े से बड़े संकट का समाधान संभव है।
मकर संक्रांति 2026 पर यदि हर नागरिक थोड़ा सा भी सतर्क और जिम्मेदार बन जाए, तो यह त्योहार वास्तव में जीवदया का पर्व बन सकता है।













