हरिद्वार / जामनगर:
भारत में आस्था, युवा शक्ति और फिटनेस के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा है एक ऐतिहासिक आयोजन। 27 दिसंबर 2025 से Bhagirthi Relay Run 2025–26 का भव्य शुभारंभ उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार से होने जा रहा है। यह अनोखी रिले दौड़ लगभग 1400 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पवित्र गंगाजल को गुजरात के जामनगर जिले के खरड़ी गांव तक लेकर पहुंचेगी, जहां प्राचीन खरडेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत गंगाजल अभिषेक किया जाएगा।
यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि धर्म, स्वास्थ्य, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बनकर उभर रहा है। इस ऐतिहासिक पहल का आयोजन नवयुवक चैरिटेबल ट्रस्ट, खरड़ी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें कुल 30 युवा धावक भाग ले रहे हैं। इनमें भावनगर के 15 युवा और 2 सेवारत पुलिस जवान भी शामिल हैं, जो इस दौड़ को और अधिक गौरवपूर्ण बनाते हैं।
गंगा से गुजरात तक: आस्था और संकल्प की ऐतिहासिक यात्रा
Bhagirthi Relay Run का मूल उद्देश्य हरिद्वार से पवित्र गंगा नदी का जल लेकर उसे गुजरात के एक छोटे से गांव खरड़ी तक पहुंचाना है। यह यात्रा भारतीय पौराणिक कथा में वर्णित राजा भगीरथ के तप और संकल्प से प्रेरित है, जिन्होंने गंगा को धरती पर लाने के लिए कठिन साधना की थी।
आज उसी प्रेरणा को आधुनिक रूप देते हुए, युवा पीढ़ी गंगाजल को अपने कदमों से देश के कोने-कोने से जोड़ते हुए गुजरात तक पहुंचाएगी। यह आयोजन दर्शाता है कि कैसे प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं और आधुनिक फिटनेस आंदोलन एक साथ मिलकर समाज को नई दिशा दे सकते हैं।
5 राज्यों से गुजरती 1400 किमी की नॉन-स्टॉप Relay Run
Bhagirthi Relay Run की शुरुआत 27 दिसंबर 2025 को हरिद्वार (उत्तराखंड) से होगी। यह रिले दौड़ उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात—इन पांच राज्यों से होकर गुजरेगी।
मुख्य मार्ग में शामिल हैं:
- हरिद्वार
- रुड़की
- जयपुर
- एकलिंगजी
- अहमदाबाद
- और अंत में जामनगर जिले का खरड़ी गांव
यह दौड़ दिन-रात बिना रुके (Non-Stop) चलेगी। धावक रिले प्रणाली के तहत एक-दूसरे को जिम्मेदारी सौंपते हुए लगातार आगे बढ़ते रहेंगे। अनुमान है कि यह यात्रा 2 या 3 जनवरी 2026 तक पूर्ण होगी।
Run for Nation और Fit India का मजबूत संदेश
Bhagirthi Relay Run केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक सशक्त सामाजिक उद्देश्य भी है। यह दौड़ Run for Nation और Fit India Movement के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।
आज के दौर में जहां युवा पीढ़ी मोबाइल, तनाव और अस्वस्थ जीवनशैली से जूझ रही है, वहीं यह पहल यह संदेश देती है कि:
- शारीरिक फिटनेस राष्ट्र निर्माण का आधार है
- युवा शक्ति में अपार सामर्थ्य है
- एकता और अनुशासन से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है
दौड़ के दौरान विभिन्न शहरों और गांवों में लोग धावकों का स्वागत करेंगे, जिससे फिटनेस और राष्ट्रप्रेम का यह संदेश और भी व्यापक स्तर पर फैलेगा।
भावनगर और गुजरात के लिए गर्व का क्षण
इस Bhagirthi Relay Run में भावनगर के 18 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ पीएसआई महावीरसिंह जडेजा, जो वर्तमान में वडोदरा में सेवाएं दे रहे हैं, भी भाग ले रहे हैं। दो पुलिस जवानों की सहभागिता इस आयोजन को अनुशासन, सेवा और समर्पण का प्रतीक बनाती है।
आयोजक राहुल वालजीभाई सरवैय्या ने बताया कि यह विचार शुरुआत में छोटा था, लेकिन धीरे-धीरे यह एक राष्ट्रीय स्तर का संकल्प बन गया। उनका कहना है कि इस दौड़ का उद्देश्य केवल गंगाजल लाना नहीं, बल्कि देश को एक सकारात्मक संदेश देना है।
युवाओं की आवाज़: “भारत के लिए कुछ नया करना चाहते हैं”
दौड़ में शामिल किशोर मकवाणा, जो मूल रूप से तळाजा तालुका के निसड़ी गांव के निवासी हैं और वर्तमान में भावनगर में रहते हैं, ने कहा:
“यह Bhagirthi Relay Run हमारे जैसे युवाओं के लिए एक नई सोच है। हम 27 दिसंबर से 2-3 जनवरी तक लगातार दिन-रात दौड़ेंगे। यह दौड़ फिट इंडिया, राष्ट्रप्रेम और भारत के लिए कुछ नया करने की भावना का प्रतीक है।”
उनका मानना है कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करेगा कि वे भी समाज और देश के लिए आगे आएं।
मेडिकल, लॉजिस्टिक और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह तैयार
1400 किलोमीटर की नॉन-स्टॉप रिले दौड़ को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए आयोजकों ने व्यापक तैयारी की है। पूरी टीम के साथ:
- मेडिकल सपोर्ट यूनिट
- एम्बुलेंस और सहायता वाहन
- पोषण और हाइड्रेशन टीम
- लॉजिस्टिक और मार्ग प्रबंधन स्टाफ
हर समय मौजूद रहेगा। धावकों की सेहत, थकान और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
शिवम पेट्रोलियम और Grow Fit Foundation का सहयोग
इस आयोजन को सफल बनाने में शिवम पेट्रोलियम (राजेन्द्रसिंह बहादुरसिंह जडेजा) और Grow Fit Foundation का महत्वपूर्ण योगदान है। इन संस्थाओं ने वित्तीय, तकनीकी और व्यवस्थात्मक सहयोग प्रदान किया है।
नवयुवक चैरिटेबल ट्रस्ट, खरड़ी के साथ मिलकर इन संगठनों ने यह दिखाया है कि जब सामाजिक संगठन और जिम्मेदार संस्थाएं साथ आती हैं, तो बड़े-से-बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
खरड़ी गांव में होगा भव्य स्वागत और धार्मिक आयोजन
जब Bhagirthi Relay Run के धावक गंगाजल लेकर खरड़ी गांव पहुंचेंगे, तब खरडेश्वर महादेव मंदिर परिसर में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में शामिल होंगे:
- धावकों का सम्मान समारोह
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
- जनसभा और प्रेरक संबोधन
- मुख्य धार्मिक अनुष्ठान: गंगाजल अभिषेक
आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और युवाओं के शामिल होने की संभावना है।
आध्यात्म, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम
Bhagirthi Relay Run आधुनिक भारत की उस तस्वीर को दर्शाती है, जहां:
- परंपरा और प्रगति साथ-साथ चलती हैं
- युवा अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए आगे बढ़ते हैं
- खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनता है
यह दौड़ हिमालय से लेकर गुजरात तक भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोती है।
आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी Bhagirthi Relay Run
आयोजकों का विश्वास है कि Bhagirthi Relay Run का प्रभाव केवल इस यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। यह हजारों युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे:
- फिटनेस को जीवन का हिस्सा बनाएं
- राष्ट्र और समाज के लिए कुछ नया सोचें
- एकता, अनुशासन और समर्पण को अपनाएं
इतिहास रचने को तैयार एक दौड़
जैसे-जैसे Bhagirthi Relay Run 2025–26 का शुभारंभ नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे उत्साह और गर्व की भावना पूरे गुजरात और देश में फैल रही है। यह 1400 किमी की नॉन-स्टॉप रिले दौड़ आने वाले वर्षों में भारत के सबसे प्रेरणादायक युवा अभियानों में गिनी जाएगी।
आस्था को शक्ति, फिटनेस को लक्ष्य और राष्ट्र को समर्पण बनाकर, Bhagirthi Relay Run के धावक इतिहास रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं-एक कदम, एक संदेश और एक राष्ट्र।










