Rajkot news today: राजकोट शहर एक बार फिर भक्ति, संस्कृति और आस्था के महासागर में डूबने जा रहा है। लगातार दूसरे वर्ष राजकोट के रेसकोर्स मैदान में भव्य हनुमान चालीसा युवा कथा का आयोजन किया गया है, जो आज 27 दिसंबर से शुरू होकर 2 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस सात दिवसीय आयोजन में हर दिन हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे, जबकि 31 दिसंबर को हनुमान दादा के जन्मोत्सव के अवसर पर करीब 50,000 लोग एक साथ हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
जहां पूरा देश 31 दिसंबर को न्यू ईयर पार्टी और पश्चिमी संस्कृति के जश्न में डूबा रहता है, वहीं राजकोट के हजारों युवा इस दिन हनुमान दादा की भक्ति में लीन होकर नया साल मनाएंगे। यही कारण है कि यह आयोजन आज Rajkot news today में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
भव्य पाठी यात्रा से हुआ शुभारंभ, हाथी-घोड़े और विंटेज कार बने आकर्षण
हनुमान चालीसा युवा कथा का शुभारंभ आज 27 दिसंबर दोपहर 2 बजे एक अत्यंत भव्य और दिव्य पोथी यात्रा के साथ किया गया। यह यात्रा विराणी हाई स्कूल मैदान से शुरू होकर याज्ञिक रोड, इम्पीरियल होटल, जिला पंचायत चौक और किशानपारा चौक होते हुए रेसकोर्स ग्राउंड तक पहुंची।
इस पाठी यात्रा में
- सजे-धजे हाथी और घोड़े,
- शाही विंटेज कारें,
- नासिक के प्रसिद्ध ढोल-नगाड़े,
- अघोरी नृत्य,
- बाहुबली हनुमान की झांकी,
- थार जीप और बुलेट सवार,
- तथा भारतीय सांस्कृतिक नृत्यों की झलक
ने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में बदल दिया। हाथी की अंबाड़ी पर विराजमान पवित्र ग्रंथों ने यात्रा की शोभा को और बढ़ा दिया।
551 महिलाओं ने सिर पर रामचरितमानस लेकर बढ़ाया आयोजन का गौरव
इस पवित्र यात्रा में 551 महिलाएं सिर पर रामचरितमानस की पोथी लेकर शामिल हुईं। महिलाओं की यह सहभागिता आयोजन को और भी दिव्य बना गई। पूरे मार्ग पर “जय श्री राम”, “जय हनुमान”, और “जय बजरंगबली” के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे।
डीजे और बैंडवाजों की ताल पर पूरा राजकोट शहर राममय और हनुमानमय वातावरण में सराबोर हो गया। यह दृश्य Rajkot news today के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में गिना जा रहा है।
सात दिनों तक रेसकोर्स मैदान में बनेगा सालंगपुर धाम जैसा माहौल
यह भव्य कथा सालंगपुर धाम के स्वामी हरिप्रकाशदासजी महाराज के मुखारविंद से सुनाई जा रही है। आयोजकों के अनुसार, रेसकोर्स मैदान में सात दिनों तक ऐसा वातावरण रहेगा, मानो स्वयं सालंगपुर धाम को राजकोट में साकार कर दिया गया हो।
कथा स्थल पर
- भव्य मंच
- विशाल मंदिर संरचना
- दिव्य सजावट
- भक्ति संगीत
- और आधुनिक तकनीक
के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव कराया जा रहा है।
31 दिसंबर को 151 किलो केक और 108 किलो पुष्पवर्षा से मनाया जाएगा जन्मोत्सव
हनुमान दादा के जन्मोत्सव को भव्य बनाने के लिए आयोजकों ने विशेष तैयारियां की हैं। 31 दिसंबर को
- 151 किलो का केक,
- 108 किलो पुष्पवर्षा,
- विशाल अन्नकूट,
- फूलों और गुब्बारों से सजा भव्य सभामंडप
आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस रात जहां देशभर में पार्टियां होंगी, वहीं राजकोट में हजारों युवा हनुमान चालीसा के पाठ के साथ नया वर्ष शुरू करेंगे। यह पहल युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त उदाहरण बन रही है।
25,000 से अधिक स्वयंसेवक दिन-रात कर रहे सेवा
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे किसी ट्रस्ट या संस्था ने नहीं, बल्कि पूरे राजकोट शहर के नागरिकों ने मिलकर आयोजित किया है।
करीब
- 150 युवा यजमान,
- 2,500 सक्रिय स्वयंसेवक,
- और कुल मिलाकर 25,000 से अधिक सेवा सहयोगी
दिन-रात सेवा में लगे हुए हैं। श्रद्धालुओं के लिए बैठने की कुर्सियां, पीने का पानी, फूड पैकेट और अनुशासन की पूरी व्यवस्था की गई है।
5 लाख प्रसाद पैकेट बांटने का लक्ष्य
आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष
- 5 लाख से अधिक प्रसाद किट तैयार की गई हैं।
कथा में आने वाले हर भक्त को प्रसाद मिले, इसके लिए स्वयंसेवक पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं। साथ ही पूरे मैदान में पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
52 फीट ऊंचा मंदिर, सालंगपुर जैसी प्रतिमा बनी आकर्षण
इस वर्ष कथा स्थल पर 52 फीट ऊंचा भव्य मंदिर बनाया गया है, जिसमें सालंगपुर धाम में विराजमान हनुमान दादा जैसी ही प्रतिमा स्थापित की गई है। शुक्रवार शाम को विधिवत प्राण प्रतिष्ठा के साथ प्रतिमा को स्थापित किया गया।
श्रद्धालु कथा के साथ-साथ हनुमान दादा के दिव्य दर्शन का भी लाभ ले सकेंगे।
120 फीट LED स्क्रीन और 6D साउंड सिस्टम
आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए आयोजन स्थल पर
- 120 फीट की विशाल मल्टीमीडिया LED स्क्रीन,
- 3 लाख वॉट की अत्याधुनिक 6D साउंड सिस्टम
लगाई गई है, जिससे कथा का हर शब्द और भाव दूर बैठे श्रद्धालुओं तक भी स्पष्ट रूप से पहुंचे।
हर रात 7:30 से 11:30 बजे तक चलेगी कथा
हनुमान चालीसा युवा कथा
- 27 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026
- प्रतिदिन रात 7:30 बजे से 11:30 बजे तक
रेसकोर्स मैदान में आयोजित की जा रही है। चार अलग-अलग प्रवेश द्वार और विशाल पार्किंग व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
आयोजक बोले-यह कथा हर राजकोटवासी की है
आयोजन समिति के सदस्य डॉ. भरतभाई पानेलिया ने बताया कि यह कथा किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि हर राजकोटवासी की कथा है। इसका उद्देश्य युवाओं में भारतीय संस्कृति, भक्ति और संस्कारों का संचार करना है।
उन्होंने कहा कि एक साथ 50,000 लोग बैठकर कथा सुन सकें, इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई है और हर श्रद्धालु को स्थल पर ही सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
निष्कर्ष
राजकोट में आयोजित यह हनुमान चालीसा युवा कथा न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि भारतीय संस्कृति के संरक्षण और युवा शक्ति को सही दिशा देने का अभियान भी है। 31 दिसंबर को जब दुनिया नए साल के जश्न में डूबी होगी, तब राजकोट में हनुमान दादा के चरणों में भक्ति का सागर उमड़ेगा।
यही वजह है कि यह आयोजन आज Rajkot news today-Saurashtra Express में देशभर के पाठकों के लिए एक प्रेरणादायक खबर बन चुका है।










