Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojana: भारतीय समाज में बेटियों को स्नेह, त्याग और ममता की प्रतीक माना जाता है। लेकिन जब किसी बेटी के सिर से माता-पिता का साया उठ जाता है, तो उसकी पढ़ाई, पालन-पोषण और भविष्य, खासकर शादी, एक गंभीर चिंता बन जाती है। ऐसे कठिन समय में गुजरात सरकार ने एक संवेदनशील और दूरदर्शी कदम उठाते हुए अनाथ और जरूरतमंद बेटियों के लिए Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojan और Palak Mata-Pita Yojana के माध्यम से मजबूत सामाजिक सुरक्षा प्रदान की है।
इन योजनाओं के तहत न सिर्फ बच्चों को हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है, बल्कि योजना की लाभार्थी बेटियों को शादी के समय ₹2 लाख की विशेष सहायता राशि भी प्रदान की जाती है। यह पहल उन हजारों बेटियों के लिए आशा की किरण बनकर सामने आई है, जिन्होंने कम उम्र में अपने माता-पिता को खो दिया।
Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojana क्या है?
Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojana गुजरात सरकार की एक महत्वाकांक्षी सामाजिक कल्याण योजना है, जिसे उन बच्चों के लिए शुरू किया गया है जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है, चाहे वह कोरोना महामारी के कारण हुआ हो या किसी अन्य वजह से।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों को आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और अपने भविष्य को सुरक्षित बना सकें।
हर महीने सीधे बैंक खाते में मिलती है सहायता
इस योजना के तहत बच्चों को Direct Benefit Transfer (DBT) के जरिए हर महीने सहायता राशि दी जाती है:
- यदि माता या पिता में से किसी एक का निधन हुआ हो → ₹2,000 प्रति माह
- यदि माता-पिता दोनों का निधन हो चुका हो → ₹4,000 प्रति माह
पहले यह सहायता 18 वर्ष की उम्र तक दी जाती थी, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया है, ताकि बच्चों को उच्च शिक्षा और करियर की तैयारी में अतिरिक्त सहयोग मिल सके।
Palak Mata-Pita Yojana के तहत अतिरिक्त सहायता
जो बच्चे अपने रिश्तेदारों या पालक माता-पिता के साथ रह रहे हैं, उन्हें Palak Mata-Pita Yojana के अंतर्गत:
- ₹3,000 प्रति माह की सहायता दी जाती है
यह राशि बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास के लिए दी जाती है।
शादी पर ₹2 लाख की विशेष सहायता: बेटियों के लिए बड़ा सहारा
गुजरात सरकार ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए योजना की लाभार्थी बेटियों को शादी के समय ₹2,00,000 की एकमुश्त सहायता देने की शुरुआत की है।
आज के समय में बढ़ती महंगाई के कारण शादी का खर्च उठाना बेहद कठिन हो जाता है, खासकर उन परिवारों के लिए जो अनाथ बेटियों की देखभाल कर रहे हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह सहायता शुरू की।
शादी सहायता की मुख्य शर्तें
- शादी 1 अप्रैल 2023 या उसके बाद हुई हो
- बेटी Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojana या Palak Mata-Pita Yojana की लाभार्थी हो
- शादी की तारीख से 2 साल के भीतर आवेदन किया जाए
सरकार का उद्देश्य क्या है?
समाज सुरक्षा विभाग के निदेशक विक्रमसिंह जादव के अनुसार, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनाथ बेटियों की शादी उनके परिवार या रिश्तेदारों पर आर्थिक बोझ न बने।
उनका कहना है कि सरकार पहले से ही बच्चों की पढ़ाई और परवरिश में मदद कर रही है, लेकिन शादी जैसे महत्वपूर्ण जीवन चरण में अतिरिक्त सहयोग देना भी उतना ही जरूरी है।
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कानूनी उम्र का पालन अनिवार्य
इस योजना के अंतर्गत वही शादियां मान्य होंगी जो भारतीय कानून के अनुसार की गई हों:
- लड़की की न्यूनतम उम्र: 18 वर्ष
- 18 वर्ष से कम उम्र में हुई शादी को बाल विवाह माना जाएगा और वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए निम्न दस्तावेज अनिवार्य हैं:
- बेटी की जन्मतिथि का प्रमाण
- होने वाले पति की जन्मतिथि का प्रमाण
- Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojana / Palak Mata-Pita Yojana का लाभ प्रमाण
- Marriage Registration Certificate
- बेटी का आधार कार्ड
- बेटी का बैंक विवरण (पासबुक या कैंसिल चेक)
आवेदन कहां और कैसे करें?
- आवेदन जिला समाज सुरक्षा अधिकारी की कचहरी में करना होगा
- शादी के बाद 2 वर्ष के भीतर किसी भी समय आवेदन किया जा सकता है
- सभी दस्तावेज सत्यापित होने के बाद राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है
किन जिलों में कितनी बेटियों को मिला लाभ?
गुजरात के लगभग सभी जिलों में इस योजना का लाभ पहुंच चुका है।
प्रमुख जिले
- बनासकांठा – 35
- मेहसाणा – 19
- पंचमहल – 16
- राजकोट – 14
- वडोदरा – 14
- तापी – 12
- पोरबंदर – 11
- साबरकांठा – 11
अन्य जिले
- आनंद – 10
- अरवल्ली – 10
- अमरेली – 9
- जामनगर – 8
- पाटन – 6
- अहमदाबाद – 5
- बोटाद – 5
- जूनागढ़ – 5
- सुरेंद्रनगर – 5
- भरूच – 4
- दाहोद – 4
- कच्छ – 4
- भावनगर – 3
- खेड़ा – 3
- गांधीनगर – 3
- वलसाड – 3
- छोटा उदेपुर – 2
- डांग – 2
- देवभूमि द्वारका – 2
- गिर सोमनाथ – 2
- नवसारी – 2
- सूरत – 1
अब तक कितना खर्च और कितनी लाभार्थी?
वर्षवार आंकड़े
| वर्ष | खर्च (करोड़ ₹) | लाभार्थी |
|---|---|---|
| 2023-24 | 2.32 | 116 |
| 2024-25 | 5.54 | 277 |
| नवंबर 2025 तक | 4.70 | 235 |
| कुल | 12.56 करोड़ | 628 |
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हजारों बेटियों के जीवन में आई नई उम्मीद
Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojana सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि उन बेटियों के लिए भरोसे का सहारा है, जिन्होंने कम उम्र में माता-पिता को खो दिया। मासिक आर्थिक सहायता से लेकर शादी में सम्मानजनक सहयोग तक, यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रही है।
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निष्कर्ष
गुजरात सरकार द्वारा शुरू की गई Gujarat Mukhyamantri Bal Seva Yojana देश के लिए एक आदर्श मॉडल बन चुकी है। यह योजना साबित करती है कि सही नीयत और संवेदनशील सोच के साथ सरकार समाज के सबसे कमजोर वर्ग को भी मजबूत बना सकती है।
आज हजारों अनाथ बेटियां यह महसूस कर रही हैं कि वे अकेली नहीं हैं- राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है, एक अभिभावक की तरह।












