भूमिका
Aarti sangani biography: गुजराती लोकसंगीत की दुनिया में आज एक नाम तेज़ी से पहचान बना चुका है-आरती सांगाणी (Aarti Sangani)। अपने मधुर स्वर, भावनात्मक प्रस्तुति और पारंपरिक लोकगीतों में आधुनिक रंग भरने की कला ने उन्हें गुजरात ही नहीं बल्कि पूरे भारत में लोकप्रिय बना दिया है। आरती सांगाणी की कहानी केवल एक गायिका की सफलता की नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष, धैर्य और पारिवारिक विश्वास की मिसाल है जिसने एक साधारण परिवार की बेटी को बड़े मंच तक पहुँचाया।
यह Aarti sangani biography आपको उनके बचपन, परिवार, शिक्षा, संगीत करियर, निजी जीवन, सोशल मीडिया लोकप्रियता और भविष्य की संभावनाओं से विस्तार से परिचित कराएगी।
आरती सांगाणी का प्रारंभिक जीवन और पारिवारिक पृष्ठभूमि
आरती सांगाणी का जन्म गुजरात के सूरत जिले में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनका परिवार आर्थिक रूप से साधारण था, लेकिन संस्कारों और आपसी प्रेम से भरपूर था। उनके पिता संजयभाई सांगाणी कपड़ा उद्योग से जुड़े थे और साड़ियों पर लेस-पट्टी लगाने का काम करके परिवार का पालन-पोषण करते थे।
संजयभाई के परिवार में पाँच बेटियाँ और एक बेटा हैं। आरती और उनकी एक बहन जुड़वां (Twins) हैं, जिसमें आरती छोटी हैं। उनके छोटे भाई परिवार के सबसे छोटे सदस्य हैं। सीमित आय के बावजूद, संजयभाई ने कभी बेटा-बेटी में फर्क नहीं किया और सभी बच्चों को समान अवसर दिए।
उम्र और जन्म से जुड़ी जानकारी
आरती सांगाणी की जन्मतिथि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन माना जाता है कि उनका जन्म 1990 के दशक में हुआ था। इस आधार पर वर्ष 2025 में उनकी उम्र लगभग 35 वर्ष मानी जाती है।
उनकी ऊर्जा और मंच पर उत्साह आज भी युवाओं को प्रेरित करता है।
एक पिता का विश्वास: आरती की ताकत
जब आरती ने गायिका बनने की इच्छा जाहिर की, तब समाज के कई वर्गों से विरोध हुआ। स्टेज पर गाना, देर रात कार्यक्रम करना और सार्वजनिक जीवन—इन सभी बातों को लेकर सवाल उठे। लेकिन उनके पिता संजयभाई अपने फैसले पर अडिग रहे।
उन्होंने कहा था,
“मैंने अपनी बेटी पर आंख बंद करके भरोसा किया था।”
यह विश्वास ही आरती सांगाणी की सबसे बड़ी ताकत बना। पिता ने न केवल अनुमति दी, बल्कि हर कठिन परिस्थिति में उनका साथ भी दिया।
शिक्षा और संगीत की शुरुआत
आरती सांगाणी ने अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा स्थानीय स्कूलों से पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ वे स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेती थीं। मंच पर गाते समय उनका आत्मविश्वास और आवाज़ लोगों को तुरंत आकर्षित कर लेती थी।
कम उम्र में ही उनका रुझान शास्त्रीय और लोकसंगीत की ओर हो गया। उन्होंने संगीत की औपचारिक ट्रेनिंग लेना शुरू किया और पढ़ाई के साथ संगीत साधना को संतुलित रखा। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनके पिता ने कभी उनकी शिक्षा और संगीत अभ्यास में रुकावट नहीं आने दी।
संगीत करियर की शुरुआत
आरती सांगाणी के संगीत करियर की शुरुआत स्थानीय शादी समारोहों और छोटे स्टेज प्रोग्राम्स से हुई। 2010 के शुरुआती वर्षों में उन्होंने सूरत में एक विवाह समारोह में पहली बार पेशेवर रूप से गीत गाया।
उस कार्यक्रम में उन्होंने प्रसिद्ध लोकगीत “Saybo Re Govaliyo” गाया, जिसे सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। यहीं से उनके करियर को नई दिशा मिली।
शुरुआती दौर में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा:
- कम मेहनताना
- छोटे मंच
- लंबी यात्राएं
- पुरुष प्रधान संगीत उद्योग
लेकिन आरती ने हार नहीं मानी और हर कार्यक्रम को सीखने का अवसर बनाया।
पहचान और लोकप्रियता का दौर
धीरे-धीरे आरती सांगाणी ने गुजरात के जाने-माने लोक कलाकारों के साथ काम करना शुरू किया। उन्होंने मशहूर गायक आदित्य गढ़वी (Aditya Gadhvi) के साथ भी सहयोग किया।
उनका एल्बम “Jai Jai Mangal Ma” नवरात्रि के दौरान बेहद लोकप्रिय हुआ। इसके बाद उनके गीत गरबा और लोकसंगीत प्रेमियों की पहली पसंद बन गए।
उनके प्रमुख हिट गीतों में शामिल हैं:
- Saybo Re Govaliyo
- Jai Jai Mangal Ma
- Lagi Chhe Lagni Tara Naam Ni
- Navli Navratri Special
इन गीतों को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाखों-करोड़ों व्यूज़ मिले।
निजी जीवन और विवाह
वर्ष 2025 में आरती सांगाणी ने गोंडल के प्रसिद्ध तबला वादक देवांग गोहेल (Devang Gohel) से विवाह किया। यह विवाह प्रेम आधारित था और समाज में चर्चा का विषय बना।
आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए आरती ने स्पष्ट कहा कि
“प्रेम किसी जाति या सीमा को नहीं देखता।”
देवांग गोहेल अब Aarti Sangani Husband के रूप में उनके जीवन और संगीत यात्रा का अहम हिस्सा हैं।
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सोशल मीडिया पर प्रभाव
आज के डिजिटल युग में आरती सांगाणी सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं।
2025 तक:
- Instagram: 1 लाख से अधिक फॉलोअर्स
- Facebook: 15,000+ लाइक्स
- YouTube: मिलियन व्यूज़
वे अपने गीतों के क्लिप्स, रील्स, पारिवारिक पलों और लाइव शो के वीडियो साझा करती हैं। उनकी सोशल मीडिया छवि सकारात्मक, पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों से भरी हुई है।
पुरस्कार और सम्मान
आरती सांगाणी को उनके योगदान के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं:
- Best Female Vocalist – Gujarati Music Awards
- Popular Garba Singer Award
ये सम्मान उनके हुनर और लोकसंगीत के प्रति समर्पण को दर्शाते हैं।
भविष्य की संभावनाएं
आरती सांगाणी आज की उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं जो परंपरा को संजोते हुए आधुनिक मंचों तक पहुँच रही है। आने वाले समय में उनके:
- राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम
- अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मंच
- नए म्यूजिक प्रोजेक्ट्स
में नजर आने की पूरी संभावना है।
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निष्कर्ष
यह Aarti sangani biography हमें सिखाती है कि अगर प्रतिभा के साथ परिवार का साथ और आत्मविश्वास हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। सूरत की एक साधारण बेटी आज गुजराती लोकसंगीत की मजबूत पहचान बन चुकी है।
उनकी कहानी हर उस युवा कलाकार के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
आरती सांगाणी कहां की रहने वाली हैं?
आरती सांगाणी सूरत, गुजरात की रहने वाली हैं।
आरती सांगाणी के पति कौन हैं?
उनके पति तबला वादक देवांग गोहेल हैं।
आरती सांगाणी के लोकप्रिय गीत कौन-से हैं?
Jai Jai Mangal Ma, Saybo Re Govaliyo, Navli Navratri Special आदि।
आरती सांगाणी की उम्र कितनी है?
उनका जन्म 1990 के दशक में हुआ, वर्तमान में लगभग 35 वर्ष।
क्या आरती सांगाणी को पुरस्कार मिले हैं?
हां, उन्हें Best Female Vocalist और Popular Garba Singer जैसे पुरस्कार मिले हैं।










