जामनगर / पाटण, गुजरात:
jamnagar news: साल 2025 की आख़िरी रात, जब लोग नए साल के स्वागत की तैयारी कर रहे थे, उसी समय गुजरात के दो ज़िलों—जामनगर और पाटण—में हिंसक घटनाओं ने माहौल को दहशत में बदल दिया। मामूली पैसों के विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक युवक की जान चली गई और 11 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्यों छोटे-छोटे आर्थिक विवाद इतने खतरनाक टकराव में बदल जाते हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है और कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि कुछ अब भी फरार हैं।
जामनगर में बकाया रकम को लेकर खूनी संघर्ष, एक युवक की मौत
jamnagar news की सबसे गंभीर घटना जामनगर ज़िले के सचाणा गांव में सामने आई, जहां मछली पकड़ने के जाल की बकाया रकम को लेकर हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ।
सचाणा गांव के निवासी हाजी बचुभाई ककला, जो खेती और मछली पकड़ने का काम करते हैं, उन्होंने अपने परिचित अकबर दाऊद बुचड़ से मछली पकड़ने के जाल खरीदे थे। इन जालों की कुल कीमत लगभग ₹5 लाख तय हुई थी, जिसमें से ₹4 लाख पहले ही चुका दिए गए थे। शेष ₹1 लाख की राशि 1 जनवरी 2026 को देने की सहमति हुई थी।
तय तारीख से पहले ही हथियारों के साथ घर पर हमला
पुलिस के अनुसार, तय भुगतान तारीख से कुछ घंटे पहले ही अकबर बुचड़ अपने कई साथियों के साथ देर रात धारदार हथियारों से लैस होकर हाजी बचुभाई के घर पहुंच गया। आरोप है कि उन्होंने तत्काल पैसे की मांग की और देखते ही देखते बहस हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोपियों ने न केवल हाजी बचुभाई बल्कि उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर भी हमला कर दिया। इस हमले में परिवार की तीन महिलाएं भी गंभीर रूप से घायल हुईं। अचानक हुए इस हमले से पूरे सचाणा गांव में अफरा-तफरी मच गई।
दस लोग घायल, इलाज के दौरान एक की मौत
इस हिंसक हमले में कुल 10 लोग घायल हुए, जिन्हें तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। लेकिन देर रात इलाज के दौरान इस्माइल संधार नामक युवक की मौत हो गई।
इस्माइल की मौत के बाद पुलिस ने मामले को हत्या में बदल दिया और जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया। गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है, वहीं पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
14 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, कई गिरफ्तार
जामनगर पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अब तक की कार्रवाई में:
- 7 आरोपियों को हिरासत में लिया गया
- 1 आरोपी अस्पताल में भर्ती है
- 6 आरोपी फरार, जिनकी तलाश जारी है
पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पाटण में होटल बिल को लेकर विवाद, 20 लोगों ने किया जानलेवा हमला
जामनगर के अलावा पाटण ज़िले में भी नए साल की रात हिंसा देखने को मिली। यह घटना हरीज तालुका के अडिया गांव के पास स्थित एक होटल में हुई।
कुरेजा गांव के निवासी अजय अमरतजी ठाकोर अपने दोस्तों के साथ हैदरखान इब्राहिमखान सिपाई की होटल में खाना खाने गए थे। खाने के बाद बिल ₹350 आया। अजय ने ₹500 का नोट दिया और बाकी पैसे लौटाने को कहा।
छुट्टे पैसों को लेकर मारपीट शुरू
आरोप है कि होटल संचालक ने छुट्टे पैसे देने से इनकार किया और छोटे नोट मांगने लगा। इसी बात पर बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। होटल मालिक और उसके बेटों ने अजय की पिटाई कर दी।
अजय ने अपने भाई संजय ठाकोर और दोस्त जयन्ती परमार को फोन कर बुलाया। दोनों ऑटो रिक्शा से होटल पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए।
धारिया, छुरा और पाइप से हमला, जातिसूचक गालियां भी
पुलिस के मुताबिक, होटल मालिक हैदरखान, उसके बेटे गुलजार और असरद, तथा अन्य सहयोगी मिलकर करीब 20 लोगों की भीड़ के साथ वहां पहुंचे। सभी के हाथों में छुरा, धारिया और लोहे की पाइप थीं।
आरोप है कि जयन्ती परमार के साथ जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। हमले के दौरान:
- जयन्ती के सिर पर धारिया से वार किया गया
- संजय के सिर पर छुरे से हमला हुआ
- जयन्ती के पैर में फ्रैक्चर
- संजय की उंगलियों में गंभीर फ्रैक्चर
तीनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस का बयान: स्थिति नियंत्रण में
डिप्टी एसपी परेश रेनुका ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा:
“हरीज पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित होटल पर बिल भुगतान को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। पुलिस को सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचा गया। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।”
उन्होंने बताया कि एक घायल की हालत नाज़ुक है और उसका इलाज धारपुर अस्पताल में चल रहा है।
7 नामजद और 20 अज्ञात आरोपियों पर मामला
पाटण पुलिस ने:
- 7 नामजद आरोपियों
- 20 अज्ञात लोगों
के खिलाफ हत्या के प्रयास, दंगा, अवैध हथियार, और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड के ज़रिये आरोपियों की पहचान कर रही है।
नए साल की रात हिंसा पर सवाल
इन दोनों घटनाओं ने jamnagar news को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है। आम नागरिकों का कहना है कि त्योहारों और नए साल के दौरान पुलिस गश्त और सख़्ती बढ़ाई जानी चाहिए।
सामाजिक संगठनों ने भी मांग की है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय और सख़्त सज़ा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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निष्कर्ष
जामनगर और पाटण की ये घटनाएं दिखाती हैं कि छोटी-सी आर्थिक बात कैसे जानलेवा हिंसा में बदल सकती है। नए साल की शुरुआत दुखद घटनाओं के साथ होना पूरे समाज के लिए चेतावनी है।
पुलिस जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। jamnagar news से जुड़े इस मामले पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।










