अंबाजी (गुजरात):
Ambaji Pragatyotsav: प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी धाम इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। शाकंभरी नवरात्रि के पावन अवसर पर देश-भर से श्रद्धालु मां अंबाजी के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। इसी बीच Ambaji Pragatyotsav से पहले एक भव्य और भावनात्मक क्षण उस समय देखने को मिला, जब अहमदाबाद के प्रतिष्ठित जय भोले ग्रुप ने मां अंबाजी के चरणों में लगभग 43.51 लाख रुपये मूल्य का रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट अर्पित किया।
यह भेंट केवल धन या आभूषण का प्रतीक नहीं, बल्कि मां अंबा के प्रति अटूट आस्था, श्रद्धा और समर्पण की भावना को दर्शाती है। पवित्र शाकंभरी नवरात्रि के दौरान इस विशेष दान ने अंबाजी मंदिर परिसर को और भी आध्यात्मिक बना दिया है।
620 ग्राम शुद्ध सोने से निर्मित, रत्नों से सुसज्जित दिव्य मुकुट
जय भोले ग्रुप द्वारा अर्पित यह स्वर्ण मुकुट लगभग 620 ग्राम शुद्ध सोने से तैयार किया गया है। मुकुट में उच्च गुणवत्ता के बहुमूल्य रत्न और हीरे जड़े गए हैं, जो इसकी भव्यता और दिव्यता को और बढ़ाते हैं। पारंपरिक शिल्प और आधुनिक कारीगरी के अनूठे संगम से बना यह मुकुट मां अंबाजी के श्रृंगार में एक ऐतिहासिक जोड़ माना जा रहा है।
रत्नों की चमक और सोने की पवित्रता इस मुकुट को केवल एक आभूषण नहीं, बल्कि भक्ति की मूर्त अभिव्यक्ति बनाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, मुकुट का कुल अनुमानित मूल्य 43.51 लाख रुपये है, जो इसे मंदिर को अर्पित किए गए विशेष स्वर्ण आभूषणों की श्रेणी में स्थापित करता है।
Ambaji Pragatyotsav से पहले शाकंभरी नवरात्रि में विशेष पूजा
मां अंबाजी का प्रागट्य पर्व, जिसे पोषी पूनम के नाम से जाना जाता है, अत्यंत पावन माना जाता है। यह दिन न केवल मां अंबा के प्रकट होने का स्मरण कराता है, बल्कि शाकंभरी नवरात्रि का समापन भी इसी दिन होता है।
इसी आध्यात्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए, 2 जनवरी को शाकंभरी नवरात्रि के आठवें दिन यह विशेष पूजन एवं स्वर्ण मुकुट अर्पण की विधि संपन्न हुई। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना और भक्तिमय वातावरण ने इस आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।
उच्च अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति
स्वर्ण मुकुट अर्पण के इस पावन अवसर पर जय भोले ग्रुप के सभी सदस्य पूरे श्रद्धा-भाव के साथ उपस्थित रहे। इस धार्मिक आयोजन में:
- अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन
- जिला कलेक्टर
- जिला पुलिस अधीक्षक (SP)
- जिला विकास अधिकारी (DDO)
- मंदिर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी
- स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं धर्मप्रेमी नागरिक
विशेष रूप से मौजूद रहे।
सभी अतिथियों ने जय भोले ग्रुप की इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
पहले भी मां अंबाजी को भेंट कर चुका है जय भोले ग्रुप
जय भोले ग्रुप के प्रतिनिधि दीपेश पटेल ने इस अवसर पर बताया कि Ambaji Pragatyotsav और पवित्र पોષी पूनम के शुभ संयोग पर मां अंबाजी की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
उन्होंने यह भी बताया कि जय भोले ग्रुप पूर्व में भी मां अंबाजी के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए कई स्वर्ण आभूषण भेंट कर चुका है, जिनमें शामिल हैं:
- स्वर्ण पादुका
- सोने का चामर
- स्वर्ण कुंडल
इन सभी भेंटों का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान देना भी है।
Ambaji Pragatyotsav: आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम
Ambaji Pragatyotsav गुजरात ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में शक्ति उपासना का एक प्रमुख पर्व माना जाता है। पवित्र पোষ सूद पूनम के दिन मां अंबाजी के प्रकट होने की मान्यता है। इस अवसर पर अंबाजी धाम में विशेष पूजा, श्रृंगार, महाआरती और नगरयात्रा का आयोजन किया जाता है।
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पर्व के दौरान मां अंबा के दर्शन के लिए अंबाजी पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन मां के दर्शन करने से सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
प्रागट्य दिवस पर मां अंबाजी की भव्य नगरयात्रा
3 जनवरी, पોષी पूनम के दिन, सुबह 10 शक्तिद्वार पर मां अंबाजी की महाआरती आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात मां अंबाजी के चल स्वरूप को पारंपरिक रूप से हाथी पर अंबाड़ी में विराजमान किया जाएगा और भव्य नगरयात्रा निकाली जाएगी।
इस नगरयात्रा की विशेषताएं:
- लगभग 40 भव्य झांकियां (टेबलो)
- देवी की विभिन्न लीलाओं और शक्तिस्वरूपों का प्रदर्शन
- पारंपरिक ढोल-नगाड़े, भजन-कीर्तन
- पूरे नगर में भक्तों द्वारा पुष्पवर्षा और स्वागत
पूरी अंबाजी नगरी इस दिन मां अंबा की भक्ति में डूबी रहेगी।
2100 किलो सुखड़ी प्रसाद का वितरण
नगरयात्रा के दौरान अंबाजी मंदिर ट्रस्ट की ओर से लगभग 2100 किलोग्राम सुखड़ी प्रसाद का वितरण किया जाएगा। यह प्रसाद भक्तों के लिए विशेष आशीर्वाद माना जाता है और इसे ग्रहण करना पुण्यदायी समझा जाता है।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पुलिस, स्वयंसेवक और प्रशासनिक अधिकारी पूरे आयोजन पर निगरानी रखेंगे।
आधुनिक युग में भक्ति की परंपरा को जीवित रखने का प्रयास
आज के समय में जब भौतिकता हावी होती जा रही है, ऐसे में Ambaji Pragatyotsav जैसे पर्व और जय भोले ग्रुप द्वारा किया गया यह स्वर्ण दान समाज को आध्यात्मिक मूल्यों की याद दिलाता है।
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की भेंट न केवल मंदिर की गरिमा बढ़ाती हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य भी करती हैं।
श्रद्धालुओं में खुशी और उत्साह का माहौल
मां अंबाजी के श्रृंगार में नए स्वर्ण मुकुट के जुड़ने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले भक्त इस दिव्य मुकुट को देखकर भावविभोर हो रहे हैं और इसे Ambaji Pragatyotsav का शुभ संकेत मान रहे हैं।
कई श्रद्धालुओं का कहना है कि इस तरह के आयोजनों से अंबाजी धाम की आध्यात्मिक महत्ता और अधिक बढ़ जाती है।
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निष्कर्ष
अहमदाबाद के जय भोले ग्रुप द्वारा मां अंबाजी को अर्पित किया गया 43.51 लाख रुपये का रत्नजड़ित स्वर्ण मुकुट केवल एक दान नहीं, बल्कि श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। Ambaji Pragatyotsav से पहले किया गया यह अर्पण अंबाजी धाम के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है।
शाकंभरी नवरात्रि, पોષी पूनम, भव्य नगरयात्रा और विशाल प्रसाद वितरण के साथ अंबाजी नगरी पूरी तरह मां अंबा की भक्ति में रंग चुकी है। आने वाले दिनों में यह धार्मिक उत्सव न केवल गुजरात, बल्कि देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक आकर्षण का केंद्र बना रहेगा।













