राजकोट, गुजरात:
Saurashtra-Kutch Regional Vibrant Summit: सौराष्ट्र-कच्छ रीज़नल वाइब्रेंट समिट, गुजरात की महत्वपूर्ण औद्योगिक पहल, 11 जनवरी को राजकोट के मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित की जाएगी। यह दो दिवसीय समिट सौराष्ट्र और कच्छ के उद्योगों, निवेशकों और नवप्रवर्तकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होने जा रहा है।
Saurashtra-Kutch Regional Vibrant Summit का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर लाना है। इसके तहत वैश्विक राजनयिक, उद्योग जगत के प्रमुख, निवेशक और नीति निर्माता शामिल होंगे, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में मदद करेंगे।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में समिट की तैयारियां पूरी रफ्तार से चल रही हैं। राज्य के वरिष्ठ नेता, अधिकारी और औद्योगिक संघ इस आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए लगातार समन्वय कर रहे हैं। इस क्रम में, उपमुख्यमंत्री और राज्य उद्योग मंत्री हर्ष संघवी ने राजकोट का दौरा किया और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
समिट से पहले उच्चस्तरीय तैयारियों की समीक्षा
राजकोट में उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सौराष्ट्र-कच्छ के विभिन्न औद्योगिक संघों और समिट के आयोजन से जुड़े नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठकें सर्किट हाउस में आयोजित की गईं। इसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और आयोजन समिति के सदस्य शामिल हुए।
बैठक में उद्योग जगत की प्रमुख चिंताओं जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय सहायता, एक्सपोर्ट फैसिलिटेशन, नीति समर्थन और कौशल विकास पर चर्चा की गई। संघवी ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने और निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसके बाद उपमुख्यमंत्री जिला कलेक्टर के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के साथ प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। इसी क्रम में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में Saurashtra-Kutch Regional Vibrant Summit के उद्देश्य, कार्यक्रम और अपेक्षित परिणामों के बारे में जानकारी साझा की।
पीएम मोदी का दौरा और रोड शो का रद्द होना
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का राजकोट रोड शो रद्द कर दिया गया है ताकि समिट के मुख्य कार्यक्रमों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया जा सके। 10 जनवरी को पीएम मोदी सोमनाथ कार्यक्रम में भाग लेंगे और वहीं रात्री विश्राम करेंगे। अगले दिन, 11 जनवरी को राजकोट आकर Saurashtra-Kutch Regional Vibrant Summit का उद्घाटन करेंगे।
राजकोट एयरपोर्ट (पुराना) पर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री द्वारा पीएम मोदी का स्वागत “स्वदेशी थीम” के साथ किया जाएगा, जो गुजरात की सांस्कृतिक और औद्योगिक पहचान को प्रदर्शित करेगा।
सरकार की पहल: उद्योग से सीधे संवाद
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि समिट का उद्देश्य स्थानीय उद्योगपतियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा:
“समिट शुरू होने से पहले मैं विभिन्न उद्योगपतियों से मिलकर उनके विचार, सुझाव और समस्याएं जानूंगा। इन विचारों के आधार पर हम नीतियों को और अधिक उद्योग-सुलभ बनाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि राजकोट तथा सौराष्ट्र क्षेत्र में अधिक से अधिक निवेश आए।”
उन्होंने यह भी कहा कि पहले ही विभिन्न औद्योगिक संघों से सुझाव मांगे जा चुके हैं और उनकी समीक्षा की जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बैठक में विभिन्न संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
राजकोट: गुजरात का प्रमुख औद्योगिक केंद्र
राजकोट ने इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल, कास्टिंग, सिरेमिक्स और एमएसएमई उद्योगों में खुद को गुजरात के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित किया है। अधिकारियों का मानना है कि Saurashtra-Kutch Regional Vibrant Summit राजकोट की औद्योगिक ताकत को और मजबूत करेगा और निवेश आकर्षण बढ़ाएगा।
राज्य सरकार की औद्योगिक नीति के तहत गुजरात में 10,435 उद्योगपतियों को ₹956.51 करोड़ की वित्तीय सहायता दी गई है। इसके अलावा, सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में पिछले सात दिनों में 37 उद्योगपतियों को विभिन्न योजनाओं के तहत ₹661.73 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई है।
वैश्विक भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों की मौजूदगी
समिट में 22 देशों, जैसे जापान और यूक्रेन, के राजदूत और प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा, 5000 से अधिक उद्योग जगत के दिग्गज, निवेशक और नीति निर्माता भी भाग लेंगे।
इस वैश्विक भागीदारी का उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है, जिससे व्यापार सहयोग, तकनीकी हस्तांतरण और निर्यात बढ़ सके।
दो दिवसीय व्यापक कार्यक्रम और व्यापार प्रदर्शन
समिट का कार्यक्रम विविध क्षेत्रों में निवेश और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। प्रमुख गतिविधियां इस प्रकार हैं:
- अंतरराष्ट्रीय व्यापार शो और प्रदर्शनी
- MSME कॉन्क्लेव और वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम
- उद्योग और नीति निर्माताओं के साथ राउंड टेबल चर्चा
- उद्यमिता और नवाचार पर विशेष सत्र
- महिला उद्यमियों के लिए “नारी शक्ति उद्योग संवाद”
- स्टार्टअप इनोवेशन और नेटवर्किंग प्लेटफार्म
इन प्लेटफार्मों के माध्यम से स्थानीय उद्यमियों को निवेशकों, खरीदारों और नीति निर्माताओं के साथ सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।
महत्वपूर्ण और उभरते हुए क्षेत्रों पर ध्यान
समिट में विभिन्न उभरते और रणनीतिक क्षेत्रों पर चर्चा होगी, जिनमें शामिल हैं:
- रक्षा उत्पादन और एयरोस्पेस
- ब्लू इकॉनॉमी और समुद्री उद्योग
- हरित और नवीकरणीय ऊर्जा
- डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
- सिरेमिक्स और एडवांस्ड मटेरियल्स
- ऑटोमोबाइल और ऑटो कम्पोनेंट्स
- मत्स्य उद्योग और समुद्री संसाधन
- टेक्सटाइल्स और वस्त्र
- पर्यटन और आतिथ्य
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार
विशेषज्ञ और उद्योग नेता इन क्षेत्रों में सौराष्ट्र-कच्छ की संभावनाओं और वैश्विक अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे।
11 से 15 जनवरी तक विस्तारित कार्यक्रम
मुख्य समिट के अलावा, 11 से 15 जनवरी तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:
- रिवर्स बायर-सेलर मीट (निर्यात सौदों के लिए)
- स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
- कारीगरों द्वारा हस्तशिल्प और कला प्रदर्शन
- उद्यमिता मेले और प्रदर्शनियाँ
ये गतिविधियां आर्थिक विकास को सांस्कृतिक और रचनात्मक तत्वों के साथ जोड़ेंगी, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित होगा।
व्यापक व्यापार प्रदर्शन और अवसंरचना
समिट का व्यापार प्रदर्शन लगभग 26,400 वर्ग मीटर में फैला हुआ है, जिसमें सौराष्ट्र-कच्छ के ऑटोमोबाइल, सिरेमिक, इंजीनियरिंग और MSME उत्पाद शामिल होंगे।
इसके अलावा, 4,500 वर्ग मीटर का विशेष पवेलियन MSME, कुटीर और हस्तशिल्प उद्योगों के लिए तैयार किया गया है। प्रमुख आकर्षण हैं:
- दैनिक लक्की ड्रॉ
- कारीगरों द्वारा लाइव उत्पादन प्रदर्शन
- “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” प्रदर्शन
- GI टैग उत्पाद प्रदर्शन
अदानी, रिलायंस और टाटा केमिकल जैसी बड़ी कंपनियां भी इसमें भाग ले रही हैं। समिट में 4,000 से अधिक उद्यमी भाग लेंगे।
20 से अधिक सेमिनार हॉल में ज्ञान सत्र
समिट के दौरान 20 से अधिक हॉल में विभिन्न विषयों पर सेमिनार होंगे, जिनमें उद्योग नवाचार, निर्यात रणनीतियां, डिजिटल परिवर्तन, रक्षा उत्पादन और स्टार्टअप इकोसिस्टम शामिल हैं।
इन सेमिनारों में उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और वैश्विक वक्ता भाग लेंगे, जो स्थानीय व्यवसायों को वैश्विक मानकों के साथ जोड़ने में मदद करेंगे।
समावेशी और सतत विकास की दिशा
Saurashtra-Kutch Regional Vibrant Summit का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाना है। यह सिर्फ निवेश आकर्षित करने का मंच नहीं है, बल्कि नवाचार, रोजगार सृजन, MSME समर्थन और सतत विकास को भी बढ़ावा देता है।
सरकार नीति समर्थन, अवसंरचना विकास और वैश्विक सहभागिता के माध्यम से सौराष्ट्र-कच्छ को दीर्घकालिक आर्थिक प्रगति का केंद्र बनाने का प्रयास कर रही है।
निष्कर्ष: सौराष्ट्र और कच्छ के लिए ऐतिहासिक अवसर
जैसे-जैसे समिट की तैयारियां पूरी हो रही हैं, Saurashtra-Kutch Regional Vibrant Summit को लेकर उत्साह और अपेक्षाएं बढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति, उद्योग जगत और वैश्विक साझेदारों की भागीदारी इसे क्षेत्रीय विकास के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बना रही है।
यह समिट उद्यमियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के लिए विचार, पूंजी और अवसरों को जोड़ने का एक मजबूत मंच साबित होगा। सौराष्ट्र और कच्छ के लिए यह विकास, नवाचार और वैश्विक एकीकरण के नए अध्याय की शुरुआत है।











