सूरत:
surat news today में सामने आई एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर ने पूरे गुजरात प्रशासन को स्तब्ध कर दिया है। सूरत के रांदेर इलाके में रहने वाली महिला डिप्टी मामलतदार हिनीषा पटेल ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना उस समय सामने आई जब वह रोज़ की तरह अपने पति के साथ ऑफिस जाने की तैयारी कर रही थीं। आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे मामला और भी संवेदनशील बन गया है।
हिनीषा पटेल ओलपाड तालुका कार्यालय में डिप्टी मामलतदार के पद पर कार्यरत थीं। खास बात यह है कि उनके पति केतन पटेल भी उसी विभाग में डिप्टी मामलतदार के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। दोनों का एक ही विभाग में कार्यरत होना और इस तरह की दुखद घटना का सामने आना प्रशासनिक हलकों में गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
ऑफिस निकलने से पहले उठाया गया खौफनाक कदम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह पति-पत्नी दोनों ऑफिस जाने की तैयारी कर रहे थे। रोज़ की तरह केतन पटेल नीचे कार निकालने चले गए, जबकि हिनीषा पटेल ऊपर कमरे में थीं। काफी देर तक जब वह नीचे नहीं आईं तो पति को शक हुआ। जब वे वापस ऊपर गए और कमरे का दरवाज़ा खोला, तो वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था।
हिनीषा पटेल अपने बेडरूम में दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटकी हुई मिलीं। तुरंत उन्हें नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
राजस्व विभाग में शोक की लहर
घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी अस्पताल और बाद में हिनीषा पटेल के निवास स्थान पर पहुंचे। सहकर्मियों के अनुसार, हिनीषा एक शांत, जिम्मेदार और मेहनती अधिकारी थीं। किसी को भी अंदाज़ा नहीं था कि वह इस तरह का कदम उठा सकती हैं।
surat news today के अनुसार, विभागीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। कई कर्मचारियों ने इसे प्रशासनिक दबाव और मानसिक तनाव से जोड़कर देखा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
2023 में मिला था प्रमोशन
हिनीषा पटेल और उनके पति दोनों पहले राजस्व तलाटी के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2023 में दोनों को प्रमोशन मिला और उन्होंने डिप्टी मामलतदार का पद संभाला था। प्रमोशन के बाद दोनों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी थीं।
राजस्व विभाग के सूत्रों के मुताबिक, हिनीषा पटेल अपने काम को लेकर काफी गंभीर रहती थीं और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतती थीं। ऐसे में उनका यह कदम कई सवाल खड़े करता है।
ननामी आवेदन और मानसिक दबाव की आशंका
मामले में एक अहम पहलू यह भी सामने आया है कि कुछ समय पहले हिनीषा पटेल के खिलाफ जमीन से जुड़े मामले में एक ननामी आवेदन किया गया था। हालांकि, इस शिकायत की जांच गांधीनगर स्तर पर की गई थी, जिसमें उन्हें पूरी तरह निर्दोष घोषित करते हुए क्लीन चिट दे दी गई थी।
इसके बावजूद सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस शिकायत और जांच प्रक्रिया के दौरान उन्हें किसी तरह का मानसिक दबाव झेलना पड़ा था। फिलहाल पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
सुसाइड नोट नहीं मिला, पुलिस जांच में जुटी
रांदेर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आर. चौधरी ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। इसी वजह से आत्महत्या के पीछे का कारण अभी रहस्य बना हुआ है।
पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल्स, मैसेजेस और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की जा रही है। इसके अलावा, पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
surat news today के अनुसार, पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत, पारिवारिक या पेशेवर कारणों में से कौन-सा मुख्य वजह बना।
प्रशासनिक तंत्र पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अधिकारियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव और कार्यस्थल के तनाव को लेकर बहस छेड़ दी है। हाल के वर्षों में प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े कई अधिकारियों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं, जो एक गंभीर सामाजिक और संस्थागत समस्या की ओर इशारा करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शिकायतों, जांचों और जिम्मेदारियों के दबाव के बीच अधिकारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र को और मजबूत किए जाने की जरूरत है।
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निष्कर्ष
surat news today की यह घटना केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं है, बल्कि यह पूरे प्रशासनिक ढांचे के लिए एक चेतावनी भी है। एक होनहार और जिम्मेदार महिला अधिकारी का इस तरह जीवन समाप्त कर लेना कई सवाल छोड़ जाता है—जिनके जवाब ढूंढना अब पुलिस और प्रशासन दोनों के लिए जरूरी हो गया है।
फिलहाल पूरा सूरत शहर और राजस्व विभाग इस दुखद घटना से शोकाकुल है, जबकि जांच पूरी होने तक सभी को अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।













