भारत के वैज्ञानिक क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। bhavnagar स्थित CSMCRI (सेंट्रल सॉल्ट एंड मैरीन केमिकल्स रिसर्च इंस्टीट्यूट) ने एक ऐसी किफायती और अत्यंत तेज़ डायग्नोस्टिक किट विकसित की है, जो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) की जांच को पहले की तुलना में कई गुना तेज़ और आसान बना देगी।
जहां पहले UTI का टेस्ट कराने में 1000 से 3000 रुपये तक का खर्च आता था, वही अब यह टेस्ट सिर्फ 10–15 रुपये की किट से संभव होगा। इतना ही नहीं, जिस टेस्ट रिपोर्ट आने में पहले 36 से 48 घंटे लगते थे, वही किट अब सिर्फ 6 से 9 घंटे में नतीजा दे देगी।
यह खोज न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगी, जहां माइक्रो लैब या महंगे टेस्ट उपलब्ध नहीं होते।
महिलाओं में सबसे आम संक्रमण, जिसे पहचानना होता था मुश्किल
UTI यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन महिलाओं में सबसे आम बैक्टीरियल संक्रमणों में से एक है, लेकिन समय पर इसकी पहचान न होने पर यह किडनी तक पहुंचकर गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।
पानी कम पीना, लंबे समय तक पेशाब रोकना, संक्रमण के प्रति जागरूकता की कमी, और स्वच्छता न रखने जैसी समस्याएं इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।
अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, 2024 में विश्वभर में करीब 42 करोड़ लोग UTI की समस्या से प्रभावित थे। इस स्थिति में bhavnagar के वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य क्षेत्र में नई उम्मीद जगाती है।
5–6 साल की मेहनत का नतीजा: CSMCRI ने तैयार की सस्ती और प्रभावी किट
CSMCRI के चिफ साइंटिस्ट डॉ. एस. हलदर, प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. कांति भूषण पांडे और उनकी टीम ने करीब पांच से छह साल की लगातार रिसर्च के बाद यह अनोखी UTI डिटेक्शन किट तैयार की।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस किट को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य था
- टेस्ट की लागत को आम लोगों की पहुँच में लाना
- तेज़ और भरोसेमंद रिपोर्ट देना
- ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ समाधान उपलब्ध कराना
यह किट बेहद सरल है और इसके उपयोग के लिए किसी तकनीकी विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं होती। यह कम प्रशिक्षित हेल्थ वर्कर्स द्वारा आसानी से इस्तेमाल की जा सकती है और इसे स्टोर करने के लिए कोल्ड स्टोरेज की भी ज़रूरत नहीं पड़ती।
किट कैसे काम करती है? आसान प्रक्रिया और सटीक परिणाम
CSMCRI द्वारा विकसित यह किट वास्तव में एक विशेष मॉलिक्यूलर मेम्ब्रेन आधारित परीक्षण है। इसके काम करने का तरीका बेहद सरल है:
- मरीज का यूरिन सैंपल छोटे कंटेनर में डाला जाता है।
- इसके बाद विशेष मेम्ब्रेन किट को सैंपल में रखा जाता है।
- 6 से 9 घंटे में मेम्ब्रेन का रंग बदलने या न बदलने के आधार पर UTI की स्थिति पता चल जाती है।
- यदि रंग नहीं बदलता → संक्रमण नहीं है
- यदि रंग गुलाबी हो जाता है → बैक्टीरिया मौजूद हैं और इंफेक्शन की पुष्टि हो जाती है
डॉक्टरों के अनुसार, रंग में आए बदलाव को नंगी आंखों से आसानी से देखा जा सकता है, जिसके कारण प्रयोगकर्ता को किसी मशीन या तकनीकी उपकरण की आवश्यकता नहीं होती।
2 डिब्बों वाली सरल किट-UTI का तेज़ घरेलू समाधान
भले ही टेस्टिंग किट सुनने में तकनीकी लगे, लेकिन वैज्ञानिकों ने इसे आम लोगों की सुविधा के लिए बेहद आसान ढंग से बनाया है।
CSMCRI की टीम के अनुसार,
यह किट सिर्फ दो कंटेनरों वाली एक सरल सेट है:
- पहला कंटेनर-पेशाब का सैंपल
- दूसरा-मेम्ब्रेन टेस्ट स्ट्रिप के लिए
रंग में आए बदलाव से न केवल यह पता चलता है कि संक्रमण मौजूद है या नहीं, बल्कि यह भी पता चलता है कि किस प्रकार का बैक्टीरिया संक्रमण कर रहा है। इससे डॉक्टरों को सही एंटीबायोटिक देने में आसानी होगी और उपचार अधिक प्रभावी साबित होगा।
ग्रामीण और दूरदराज़ के क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी यह किट
bhavnagar के वैज्ञानिकों का कहना है कि इस किट का सबसे बड़ा लाभ उन इलाकों में होगा जहां माइक्रोबायोलॉजी लैब उपलब्ध नहीं होतीं।
क्योंकि पारंपरिक UTI जांच में
- महंगे उपकरण
- प्रशिक्षित तकनीशियन
- लंबा समयइन सबकी आवश्यकता होती है।
ऐसे क्षेत्र जहां न तो पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं हैं और न ही लोग महंगे टेस्ट करवा सकते हैं, वहां यह 15 रुपये की किट जिंदगी बचाने का काम कर सकती है।
संक्रमण जल्दी पहचानने से उपचार होगा आसान
UTI की सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई बार मरीज समय पर इसका टेस्ट नहीं करा पाते। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अक्सर भय या झिझक के कारण डॉक्टर को अपनी समस्या नहीं बता पातीं।
जब तक समस्या गंभीर रूप न ले ले-जैसे किडनी इंफेक्शन, तेज बुखार, या खून में संक्रमण-तब तक इलाज शुरू नहीं हो पाता।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह किट विशेष रूप से ऐसे केसों को रोकने में सहायक होगी।
भविष्य में कंपनी इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करेगी, ताकि यह किट हर अस्पताल, क्लिनिक और हेल्थ सेंटर तक पहुँच सके।
UTI के प्रमुख लक्षण, जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत
वैज्ञानिकों ने बातचीत में बताया कि UTI के कुछ प्रमुख लक्षण निम्न हैं:
- बार-बार पेशाब लगना
- पेशाब करते समय जलन
- कम या रुक-रुक कर पेशाब आना
- पेट या कमर में दर्द
- तेज थकान
- कभी-कभी बुखार
यदि इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत जांच करवाना जरूरी है। यह नई किट इस प्रक्रिया को बेहद आसान बना देगी।
पुरुषों में भी बढ़ता खतरा – जागरूकता पर दिया जोर
हालांकि UTI महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है, लेकिन वैज्ञानिकों ने बताया कि यह संक्रमण पुरुषों में भी तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू जिम्मेदारियों और व्यस्तता की वजह से कई महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे पातीं, जिसके कारण संक्रमण गंभीर हो जाता है।
नई किट इस स्थिति को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है।
भविष्य की योजनाएं – अन्य रोगों के लिए भी आएंगी सस्ती किट्स
CSMCRI की टीम फिलहाल कई अन्य सामान्य संक्रमणों के लिए भी इसी तरह की किफायती और तेज डायग्नोस्टिक किट्स पर काम कर रही है।
भविष्य में
- त्वचा संक्रमण
- श्वास नली संक्रमण
- गले का संक्रमणजैसे रोगों के लिए भी ऐसे टेस्ट उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
UTI की अनदेखी जानलेवा हो सकती है – वैज्ञानिकों की चेतावनी
किट का डेमो दिखाने वाली रिसर्च स्कॉलर्स धारा वाढ़ेर और मीना चौधरी ने बताया कि संक्रमण को हल्के में लेना घातक हो सकता है।
यदि UTI का समय पर उपचार न किया जाए, तो संक्रमण खून में फैल सकता है और कई मामलों में यह मौत का कारण भी बन जाता है।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं स्वच्छता और हाइजीन के बारे में जागरूक नहीं होतीं। खराब क्वालिटी के सैनिटरी पैड, लंबे समय तक पैड न बदलना, गंदे पानी वाली जगहों का उपयोग-ये सब UTI के बड़े कारण हैं।
हर वर्ष केवल इन कारणों से कई महिलाओं की मौत तक हो जाती है।
bhavnagar की यह खोज वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि
CSMCRI द्वारा विकसित यह UTI किट न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया के कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की क्षमता रखती है।
इसके प्रमुख फायदे हैं:
- कम लागत
- तेज़ रिपोर्ट
- आसान उपयोग
- दूरदराज़ क्षेत्रों में सुलभता
- उपचार की गुणवत्ता में सुधार
यह किट आने वाले समय में UTI जांच को उतना ही सरल बना देगी जितना बाजार से किसी सामान्य टेस्ट किट को खरीदकर घर पर इस्तेमाल करना।










