PM Modi ने Putin के सम्मान में दिया निजी भोज, भारत-रूस शिखर सम्मेलन से पहले हुई गर्मजोशी भरी मुलाकात-Putin and Modi

📝 Last updated on: December 4, 2025 10:32 pm
Putin and Modi

Putin and Modi : गुरुवार शाम नई दिल्ली के 7 लोक कल्याण मार्ग पर भारत और रूस के झंडों व आकर्षक लाइटिंग से विशेष सजावट की गई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का अपने सरकारी आवास पर स्वागत किया। दो दिवसीय सरकारी दौरे पर भारत पहुंचे पुतिन के सम्मान में PM Modi ने उन्हें निजी रात्रिभोज पर आमंत्रित किया, जिससे शुक्रवार को होने वाले भारत-रूस महत्त्वपूर्ण शिखर सम्मेलन की शुरुआत बेहद गर्मजोशी भरे माहौल में हुई।

यह दौरा उस गहरी रणनीतिक साझेदारी को भी उजागर करता है जिसे दुनिया “time-tested” कहती है। Putin and Modi के बीच लंबे समय से चली आ रही समझ, विश्वास और सहज दोस्ती गुरुवार की शाम स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

एयरपोर्ट से ही दिखी Modi और Putin की करीबी

रूसी राष्ट्रपति के दिल्ली पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। पारंपरिक औपचारिकताओं से आगे बढ़ते हुए दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गर्मजोशी से गले लगाया। यह दृश्य न केवल मीडिया में छा गया बल्कि इसने दोनों देशों के बीच दशकों पुरानी मजबूत दोस्ती को फिर से रेखांकित किया।

स्वागत के तुरंत बाद Putin and Modi एक ही कार में बैठकर प्रधानमंत्री निवास के लिए रवाना हुए—ऐसा कदम भारत द्वारा किसी विशेष मित्र के लिए ही उठाया जाता है। यह यात्रा दर्शाती है कि दोनों देशों के संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी विश्वास और सम्मान का गहरा रिश्ता है।

प्रधानमंत्री निवास पहुंचने से पहले दोनों नेताओं ने स्वागत समारोह के हिस्से के रूप में प्रस्तुत एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी थोड़ी देर तक देखा और उसकी सराहना की।

निजी डिनर में हुई महत्वपूर्ण चर्चा की शुरुआत

निजी रात्रिभोज का यह दौर केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उन अहम मुद्दों पर शुरुआती बातचीत का अवसर भी था, जिन पर शुक्रवार को विस्तृत चर्चा होनी है। इसमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र, परमाणु तकनीक, वैज्ञानिक शोध, व्यापार, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दे शामिल रहने की संभावना है।

डिनर से पहले PM Modi ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुतिन के साथ अपनी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा:

“Delighted to welcome my friend, President Putin to India. Looking forward to our interactions later this evening and tomorrow. India-Russia friendship is a time-tested one that has greatly benefitted our people.”

उनका यह संदेश बिल्कुल स्पष्ट था—Putin and Modi की व्यक्तिगत बॉन्डिंग दोनों देशों के संबंधों को एक नए मुकाम पर पहुँचा रही है।

2024 में मोदी की रूस यात्रा का जवाब

यह दौरा इसलिए भी विशेष है क्योंकि जुलाई 2024 में PM Modi रूस गए थे, जहाँ राष्ट्रपति पुतिन ने उन्हें अपने आधिकारिक आवास नोवो-ओगार्योवो में आमंत्रित किया था। अब भारत में आयोजित कर रहे निजी रात्रिभोज को उस गर्मजोशी का प्रत्युत्तर माना जा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व के बीच इस प्रकार का व्यक्तिगत संपर्क कई बार देशों के बीच रणनीतिक फैसलों और समझौतों की गति निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाता है।

भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष

शुक्रवार को आयोजित होने वाला 23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन इस बात का प्रतीक है कि दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। 2000 में हस्ताक्षरित ‘Strategic Partnership’ समझौता आज भी दोनों देशों के राजनीतिक और आर्थिक सहयोग की रीढ़ है।

क्रेमलिन ने भारत आगमन से पहले जारी बयान में कहा:

“यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे राजनीति, व्यापार, अर्थव्यवस्था, विज्ञान, तकनीक, संस्कृति और मानवीय क्षेत्रों सहित रूस-भारत के विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के पूरे दायरे पर बातचीत का अवसर मिलेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाली बातचीत में वर्तमान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा होगी।

राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत होगा

शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति पुतिन का पारंपरिक औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति भवन में किया जाएगा। भारत की तीनों सेनाओं द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया जाएगा, जो यह दर्शाता है कि रूस भारत के लिए एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है।

इसके बाद हाइड पार्क स्थित हैदराबाद हाउस में औपचारिक वार्ता होगी, जहाँ दोनों देशों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे।

कई अहम समझौतों पर मुहर लगने की उम्मीद

वार्ता समाप्त होने के बाद दोनों देश एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। इसके साथ ही

  • रक्षा सहयोग
  • ऊर्जा एवं परमाणु क्षेत्र
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी
  • व्यापार और आर्थिक सहयोग
  • पारस्परिक निवेश
  • कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट
  • स्पेस टेक्नोलॉजी

जैसे क्षेत्रों में कई द्विपक्षीय समझौते होने की उम्मीद है।

भारत की शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात

नई दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति पुतिन, भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे महात्मा गांधी स्मारक पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। यह कदम भारत के महान नेताओं और मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

Putin and Modi: वैश्विक राजनीति में एक अहम साझेदारी

आज जिस तेजी से वैश्विक राजनीति बदल रही है, उसमें Putin and Modi की साझेदारी का महत्व और भी बढ़ गया है।

रक्षा सहयोग

भारत की कई महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं में रूस की भूमिका रही है-जैसे ब्रह्मोस मिसाइल। इस दौरे में आगे की रक्षा साझेदारी पर भी बातचीत की उम्मीद है।

ऊर्जा सुरक्षा

परमाणु ऊर्जा और तेल-गैस आयात जैसे क्षेत्रों में रूस भारत का भरोसेमंद भागीदार है। कूडनकुलम परियोजना इसका बड़ा उदाहरण है।

भूराजनीतिक संतुलन

भारत और रूस दोनों वर्तमान वैश्विक शक्ति-संतुलन में अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के लिए जाने जाते हैं। यही संतुलन Putin and Modi संबंधों को और महत्वपूर्ण बनाता है।

व्यापार और कनेक्टिविटी

INSTC (International North-South Transport Corridor) जैसी परियोजनाएँ दोनों देशों के बीच व्यापार को और तेज़ बनाने में मदद करेंगी।

दुनिया की निगाहें इस मुलाकात पर क्यों?

पश्चिमी देशों, एशियाई शक्तियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की निगाहें इस शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं क्योंकि:

  • यह बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का महत्वपूर्ण संकेतक है।
  • यूरोपीय और एशियाई क्षेत्र में सुरक्षा माहौल तेजी से बदल रहा है।
  • ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और तकनीक में दोनों देशों का सहयोग वैश्विक स्तर पर असर डालता है।

Putin and Modi की व्यक्तिगत समझ और सहजता दोनों देशों को एक स्थिर और विश्वसनीय साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ाती है।

यह भी पढ़े: Central Vista Redevelopment Project: भारत के प्रशासनिक ढांचे को बदलने वाली ऐतिहासिक परियोजना

निष्कर्ष: एक ऐतिहासिक संवाद की शुरुआत

गुरुवार रात PM Modi द्वारा दिया गया निजी रात्रिभोज केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भारत-रूस संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत था। आने वाले वर्षों में दोनों देशों का सहयोग ऊर्जा, रक्षा, तकनीक, व्यापार और वैश्विक कूटनीति में गहरे प्रभाव डालेगा।

शुक्रवार का शिखर सम्मेलन इस गहरी दोस्ती को औपचारिक रूप देकर आने वाले दशक के लिए एक ठोस रोडमैप पेश करेगा-और इसमें Putin and Modi की नेतृत्व भूमिका केंद्रीय रहेगी।