23वां भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन: Hyderabad House में PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की अहम वार्ता-Modi Putin meeting

📝 Last updated on: December 5, 2025 4:23 pm
Modi Putin meeting

Modi Putin meeting: भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी को एक बार फिर नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को नई दिल्ली के Hyderabad House में व्यापक स्तर पर वार्ता की। यह Modi Putin meeting 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का मुख्य हिस्सा रही, जिसमें रक्षा सहयोग, ऊर्जा साझेदारी, व्यापार विस्तार, तकनीक, अंतरिक्ष और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर गहन चर्चा हुई। यह दौरा खास इसलिए भी है क्योंकि राष्ट्रपति पुतिन लगभग चार साल बाद भारत आए हैं।

रूस के इस दो दिवसीय राजकीय दौरे को वैश्विक भू-राजनीतिक बदले हुए माहौल में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देश न केवल अपने पारंपरिक रिश्तों को और मजबूत कर रहे हैं, बल्कि बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच नई संभावनाओं की तलाश भी कर रहे हैं।

PM मोदी का प्रोटोकॉल तोड़कर स्वागत – रिश्तों की गर्मजोशी का संदेश

राष्ट्रपति पुतिन गुरुवार शाम भारत पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल से हटकर एयरपोर्ट पर जाकर उनका स्वागत किया। Palam Airport पर तामझाम के बीच प्रधानमंत्री मोदी स्वयं टarmac पर पहुंचे और पुतिन के साथ कार में बैठे। दोनों नेता सीधे प्रधानमंत्री आवास, लोक कल्याण मार्ग, पहुंचे और वहां अनौपचारिक मुलाकात भी हुई।

इस मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को रूसी भाषा में अनूदित भगवद् गीता भेंट की और इसे वैश्विक प्रेरणा का स्रोत बताया। यह सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव दोनों देशों के बीच संबंधों की गहराई का प्रतीक माना गया।

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि वह चार साल बाद राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करके “बहुत प्रसन्न” हैं और भारत-रूस मित्रता को “समय-परीक्षित” बताया।

Rashtrapati Bhavan में भव्य स्वागत

शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति पुतिन को Rashtrapati Bhavan पहुंचने पर औपचारिक स्वागत दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें रिसीव किया। इसके बाद उन्हें त्रि-सेवाओं की Guard of Honour प्रदान की गई, जहां दोनों देशों के राष्ट्रीय गीत बजाए गए।

समारोह में भारत की तरफ से विदेश मंत्री एस. जयशंकर, दिल्ली के LG वी.के. सक्सेना, CDS जनरल अनिल चौहान और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रूस की ओर से रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलोउसॉव, क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव समेत शीर्ष प्रतिनिधिमंडल शामिल था।

राजघाट में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि

औपचारिक स्वागत के बाद राष्ट्रपति पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और विज़िटर्स बुक में संदेश भी लिखा। उनके साथ भारत के विदेश राज्य मंत्री किरीट वर्धन सिंह उपस्थित थे। यह कदम भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति रूस के सम्मान को दर्शाता है।

Hyderabad House में शुरू हुई मुख्य वार्ता

दोपहर में Modi Putin meeting औपचारिक रूप से शुरू हुई। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताएँ हुईं। इसमें कई महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे:

1. रक्षा सहयोग

भारत-रूस रक्षा संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। कई संयुक्त परियोजनाएँ, घरेलू उत्पादन योजनाएँ और सैन्य तकनीक पर सहयोग जारी है। बैठक में मौजूदा रक्षा समझौतों की प्रगति की समीक्षा के साथ भविष्य की सहभागिता पर भी विशेष जोर दिया गया।

2. ऊर्जा साझेदारी

ऊर्जा क्षेत्र दोनों देशों की साझेदारी का प्रमुख स्तंभ है। भारत रूस से तेल और LNG की आपूर्ति बढ़ाना चाहता है, जबकि रूस भारत को कई नए ऊर्जा प्रोजेक्ट्स में साझेदारी के अवसर प्रदान कर रहा है। परमाणु ऊर्जा में सहयोग को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

3. व्यापार और आर्थिक सहयोग

दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को अगले स्तर पर ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। भुगतान व्यवस्था, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी और निवेश बढ़ाने पर विचार-विमर्श हुआ।
Bharat Mandapam में आयोजित व्यवसायिक बैठक में पुतिन भारतीय और रूसी उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात करेंगे।

4. अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत

दोनों नेताओं ने एशिया, यूरोप और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति पर भी चर्चा की। भारत ने शांति, संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान का समर्थन दोहराया।

सांस्कृतिक संबंधों पर भी विशेष फोकस

Modi Putin meeting केवल रणनीतिक और आर्थिक विषयों तक सीमित नहीं रही। दोनों देशों ने सांस्कृतिक और शैक्षिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। रूस में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ रही है, जबकि भारत में रूसी भाषा, साहित्य और कला को लेकर कई कार्यक्रम चल रहे हैं। दोनों देश भविष्य में शिक्षा, छात्र विनिमय और सांस्कृतिक उत्सवों को बढ़ावा देने पर सहमत हुए।

PM मोदी द्वारा पुतिन को ‘गीता’ भेंट करना इस सांस्कृतिक संबंध का एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

शाम को राज्य भोज का आयोजन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार शाम राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति पुतिन के सम्मान में State Banquet आयोजित करेंगी। इस भोज में भारत और रूस के शीर्ष प्रतिनिधि, अधिकारी और प्रमुख अतिथि मौजूद रहेंगे।

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भारत-रूस संबंधों के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया नई सामरिक गठबंधनों और आर्थिक व्यवस्थाओं के दौर से गुजर रही है। रूस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का दबाव है, वहीं भारत एक उभरती वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।

ऐसे में यह Modi Putin meeting दोनों देशों की स्वतंत्र विदेश नीति और रणनीतिक स्वायत्तता के संदेश को मजबूत करती है। उम्मीद है कि यह वार्षिक शिखर सम्मेलन कई नए समझौतों, संयुक्त बयान और दीर्घकालिक सहयोग योजनाओं को जन्म देगा, जिससे आने वाले वर्षों में भारत-रूस संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे।