विशाखापट्टनम में खेले गए तीसरे और निर्णायक वन-डे मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए India beat Africa को 9 विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीत ली। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में दबदबा दिखाया, चाहे गेंदबाज़ी हो या बल्लेबाज़ी-दोनों ही मोर्चों पर टीम इंडिया का प्रदर्शन पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका पर भारी पड़ा।
टॉस जीतकर भारतीय कप्तान ने पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया, जो शुरुआत से ही सही साबित हुआ। दक्षिण अफ्रीकी टीम 270 रन के स्कोर तक तो पहुंची, लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। जवाब में भारतीय बल्लेबाजों ने टारगेट को बेहद आसान बनाते हुए 40वें ओवर में ही मैच और सीरीज़ पर कब्जा कर लिया।
क्विंटन डी कॉक की शतकीय पारी बेकार
डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका की पारी की शुरुआत अच्छी रही। अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ क्विंटन डी कॉक ने शानदार शतक लगाया और टीम को मजबूत स्कोर की ओर अग्रसर किया। उन्होंने धैर्य और तेज़ तर्रार शॉट्स का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए शतक पूरा किया और अपनी टीम को चुनौतीपूर्ण स्थिति तक पहुंचाया।
डी कॉक के अलावा कप्तान टेम्बा बावुमा ने 48 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। युवा बल्लेबाज़ डेवॉल्ड ब्रेवीस ने 29 रन और मैथ्यू ब्रिट्ज़के ने 24 रन का योगदान दिया। इन पारीयों की बदौलत अफ्रीकी टीम 270 के स्कोर पर पहुंच सकी, हालांकि यह स्कोर भारतीय टीम के सामने कुछ कम साबित हुआ।
कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा की घातक गेंदबाज़ी
भारतीय गेंदबाज़ों ने इस मैच में शानदार तालमेल के साथ गेंदबाज़ी की। स्पिनर कुलदीप यादव और तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा ने 4-4 विकेट झटके, जिससे दक्षिण अफ्रीका की पारी बार-बार दबाव में आती रही। दोनों गेंदबाज़ों ने सही लाइन-लेंथ पर गेंद डालकर विपक्षी बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
जहाँ कुलदीप की फिरकी ने अफ्रीकी मध्यक्रम को परेशान किया, वहीं प्रसिद्ध कृष्णा की तेज़ गेंदों ने टॉप ऑर्डर को हिलाकर रख दिया। दोनों की शानदार गेंदबाज़ी ने यह साफ कर दिया कि भारत विपक्षी टीम को 300 से कम स्कोर पर रोकने के लिए पूरी रणनीति के साथ मैदान में उतरा था।
यशस्वी जायसवाल और रोहित शर्मा की धमाकेदार साझेदारी
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत बेहद दमदार रही। ओपनर यशस्वी जायसवाल और कप्तान रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए 155 रन की शानदार साझेदारी करके मैच को एकतरफा बना दिया।
रोहित शर्मा, जिन्होंने सीरीज़ में पहली बार बड़ी पारी खेलते हुए 75 रन बनाए, अपने स्टाइलिश शॉट्स और सधा हुआ खेल दिखाते रहे। वहीं युवा सितारे यशस्वी जायसवाल ने अपने वन-डे करियर का पहला शतक लगाया। उन्होंने 111 गेंदों में सैकड़ा पूरा करते हुए निरंतर प्रहार जारी रखा और नेपाल जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों को भी आसानी से खेला।
जायसवाल की इस पारी ने यह साबित किया कि भारतीय टीम को भविष्य के लिए एक भरोसेमंद ओपनर मिल चुका है, जो बड़े मंच पर भी दबाव को संभाल सकता है।
विराट कोहली की तेज़तर्रार फिफ्टी
जब रोहित शर्मा आउट होकर वापस पवेलियन लौटे, तब भारतीय पारी को आगे बढ़ाने की ज़िम्मेदारी विराट कोहली पर आई। कोहली ने अपने क्लासिक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए मात्र 40 गेंदों में अर्द्धशतक पूरा किया।
टारगेट की ओर बढ़ते हुए कोहली ने लुंगी एंगिडी की गेंद पर लगातार दो चौके मारकर मैच को खत्म किया। उनकी यह पारी उस विराट कोहली की झलक दिखाती है, जो किसी भी परिस्थिति में मैच को शांत मन और विश्वास के साथ फिनिश कर सकता है।
अफ्रीका के लिए निराशाजनक गेंदबाज़ी प्रदर्शन
दक्षिण अफ्रीका की ओर से केवल केशव महाराज ही एक विकेट लेने में सफल रहे। बाकी गेंदबाज़ भारतीय बल्लेबाज़ों को रोकने में नाकाम रहे। गति, लाइन-लेंथ और रणनीति—तीनों ही पहलुओं में अफ्रीकी गेंदबाज़ पीछे नज़र आए।
मैच के बीच किसी भी मोड़ पर ऐसा नहीं लगा कि भारत लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में आ सकता है। यह दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज़ी की बड़ी कमजोरी को दर्शाता है, जिसका भारत ने पूरा फायदा उठाया।
सीरीज़ 2-1 से टीम इंडिया के नाम India beat Africa
इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वन-डे सीरीज़ 2-1 से जीत ली। दक्षिण अफ्रीका ने जहां दूसरे वन-डे में 359 रन का विशाल लक्ष्य हासिल करके सीरीज़ में बराबरी की थी, वहीं तीसरे मुकाबले में भारत ने बिल्कुल अलग ही स्तर का खेल दिखाया और निर्णायक जीत हासिल की।
अब दोनों टीमों के बीच 9 दिसंबर से पांच मैचों की T20 सीरीज़ की शुरुआत होगी, जबकि टेस्ट सीरीज़ दक्षिण अफ्रीका पहले ही 2-0 से जीत चुका है।
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रोहित शर्मा ने हासिल किया 20,000 अंतरराष्ट्रीय रन का रिकॉर्ड
रोहित शर्मा ने इस मैच में एक और बड़ा उपलब्धि के साथ अपना नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में दर्ज कराया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20,000 रन पूरे कर लिए। ऐसा करने वाले वे भारत के चौथे खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और राहुल द्रविड़ यह मुकाम हासिल कर चुके हैं।











