गुजरात के कच्छ जिले में स्थित Kukma bhuj इलाके में शनिवार को बड़ा हादसा सामने आया, जब झारखंड का एक 20 वर्षीय युवक अचानक एक पुराने और खुले बोरवेल में गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही भुज प्रांत कार्यालय, स्थानीय पुलिस, फायर विभाग और 108 इमरजेंसी मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गई। फिलहाल युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तेज़ी से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
150 फीट गहरे बोरवेल में फंसा युवक, घर में झगड़े के बाद कूदने की आशंका
मिली जानकारी के अनुसार घटना Kukma bhuj की आशापुर टेकरी के पीछे स्थित एक खेत की वाड़ी में हुई, जहां परप्रांतीय युवक मजदूर के रूप में काम करता था। बताया जा रहा है कि युवक सुबह से मानसिक तनाव में था और परिवारिक विवाद के चलते परेशान था। प्राथमिक अनुमान के अनुसार युवक ने गुस्से या अवसाद में आकर लगभग 3 फीट ऊंचाई वाले खुले बोरवेल में छलांग लगा दी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह कदम उसने जानबूझकर उठाया या वह किसी कारणवश अचानक फिसलकर गिर गया।
स्थानीय लोगों ने बोरवेल से आवाज़ सुनते ही प्रशासन को इसकी सूचना दी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। तत्काल भुज फायर ब्रिगेड की टीम अत्याधुनिक मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कार्य शुरू किया।
प्रशासन और पुलिस का बड़ा दल मौके पर मौजूद, आधुनिक उपकरणों से रेस्क्यू जारी
भुज फायर टीम ने पुष्टि की कि युवक लगभग 150 फीट नीचे फंसा हुआ है। रेस्क्यू टीम रस्सियों, कैमरा सिस्टम और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से स्थिति का आकलन कर रही है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार स्थल पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
Kukma bhuj क्षेत्र में बोरवेल हादसों के मामलों को देखते हुए, अधिकारियों ने आसपास के लोगों को सुरक्षित दूरी बनाने की सलाह दी है ताकि रेस्क्यू में कोई बाधा न आए। पंधर पुलिस तथा स्थानीय वालंटियर टीमें भी अभियान में सहयोग दे रही हैं।
प्रांत अधिकारी का बयान: “कुछ ही देर में युवक को बाहर निकालने की उम्मीद”
भुज प्रांत अधिकारी अनिल यादव ने मीडिया से बातचीत में बताया कि रेस्क्यू पिछले दो घंटे से लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा:
“प्राथमिक जांच में सामने आया है कि युवक घर के झगड़े से परेशान था और इसी कारण उसने बोरवेल में कूदने की कोशिश की। हालांकि निश्चित कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। हमारी टीम पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है, और उम्मीद है कि कुछ ही समय में युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा।”
युवक Kukma bhuj में स्थित वाड़ी में अपने परिवार के साथ रहता था और यहां मजदूरी करके अपना जीवन यापन करता था। घटना के बाद उसके परिजनों में रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों में दहशत, प्रशासन ने खुले बोरवेल को सुरक्षित करने के निर्देश दिए
इस घटना ने Kukma bhuj और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। कई ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में कई पुरानी वाड़ियों में खुले बोरवेल पड़े हुए हैं, जिन्हें बंद करने या सुरक्षित करने की जरूरत है। प्रशासन ने भी इस हादसे के बाद टीमों को ऐसे सभी बोरवेल की जांच कर उन्हें तुरंत बंद कराने के निर्देश दिए हैं।
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हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
Kukma bhuj में हुए इस हादसे ने एक बार फिर खुले और अनुपयोगी बोरवेल की वजह से होने वाले खतरों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाती है, परंतु लंबे समय तक सुरक्षा उपाय लागू न होने से गांवों में लोगों की जान जोखिम में रहती है।













