भावनगर ज़िले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ Palitana में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ जांच के सिलसिले में पुलिस स्टेशन आए अहमदाबाद के एक 53 वर्षीय व्यक्ति ने पुलिस स्टेशन के भीतर ही ज़हरीली दवा पीकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अहमदाबाद निवासी योगेशभाई देवचंदभाई डेडिया के रूप में हुई है। यह मामला तब सामने आया जब शेत्रुंजय पर्वत पर होने वाली आरती के लिए 11 लाख रुपये की बोली की रकम जमा न करने को लेकर उनके खिलाफ पुलिस में आवेदन दिया गया था।
आरती की बोली की रकम को लेकर मामला, फिर Palitana पुलिस ने बुलाया
मामले की शुरुआत तब हुई जब योगेशभाई ने शेत्रुंजय पर्वत पर घी की आरती के लिए लगभग 11 लाख रुपये की बोली लगाई थी। परंपरा और धार्मिक रीति के अनुसार यह रकम आनंदजी कल्याणजी पेडी में जमा करवानी होती है, लेकिन योगेशभाई यह राशि जमा नहीं कर पाए। पेडी ने इस बात को गंभीर मानते हुए Palitana पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एक आधिकारिक आवेदन दिया था। इसी मामले की जांच में योगेशभाई को Palitana टाउन पुलिस स्टेशन बुलाया गया था।
पुलिस स्टेशन के टॉयलेट में पी ली ज़हरीली दवा
जैसे ही योगेशभाई पुलिस पूछताछ के लिए स्टेशन पहुंचे, कुछ देर बाद वे पुलिस स्टेशन के टॉयलेट में गए। वहीं उन्होंने कथित तौर पर अनाज में डालने वाली ज़हरीली दवा पी ली। पुलिस स्टाफ ने जब उन्हें बेहोशी की हालत में देखा, तो तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी तबीयत, निजी अस्पताल में मौत
पहले उन्हें Palitana सरकारी अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल-साद्विचार हॉस्पिटल — रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात लगभग 10:30 बजे योगेशभाई ने दम तोड़ दिया।
इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भावनगर सिविल अस्पताल भेज दिया है। Palitana टाउन पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक भी पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया के दौरान भावनगर पहुंचे।
क्यों बढ़ रहा है मामला संवेदनशील – Palitana का धार्मिक महत्व
यह घटना इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि Palitana जैन समुदाय का विश्वस्तरीय तीर्थ स्थल है। शेत्रुंजय पर्वत, जो Palitana में स्थित है, जैन धर्म में सर्वोच्च महत्व रखता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पूजा, दर्शन और आरती में भाग लेने आते हैं।
ऐसे में आरती की बोली की रकम को लेकर विवाद और उसके चलते आत्महत्या जैसी घटना ने प्रशासन को भी गंभीर चिंतन करने पर मजबूर कर दिया है।
मृतक के परिवार में शोक, जांच जारी
पहली नज़र में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन योगेशभाई ने यह कदम क्यों उठाया
• आर्थिक दबाव?
• धार्मिक बोली को लेकर तनाव?
• पुलिस की पूछताछ का भय?
इन सभी पहलुओं की जांच पुलिस कर रही है। Palitana पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच करने की बात कह रही है।
Palitana पुलिस का आधिकारिक बयान
पुलिस सूत्रों ने बताया कि योगेशभाई को केवल आवेदन की जांच के लिए बुलाया गया था, न कि गिरफ्तारी या कठोर पूछताछ के लिए। लेकिन वे अचानक टॉयलेट में गए और तुरंत ज़हरीली दवा पी ली।
पुलिस के अनुसार,
- इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हुई
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही सटीक कारण स्पष्ट होगा
- फिलहाल घटना को आत्महत्या के रूप में दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में कई तरह की चर्चाएँ हैं
- क्या योगेशभाई किसी आर्थिक संकट से जूझ रहे थे?
- क्या धार्मिक बोली की व्यवस्था में किसी प्रकार का दबाव होता है?
- क्या पुलिस स्टेशन में सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था थी कि कोई व्यक्ति ज़हरीली दवा अंदर ले जा सके?
अस्पताल और पुलिस की प्रक्रियाओं को लेकर भी प्रश्न उठ रहे हैं, जिनका जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
Palitana में पहली बार नहीं हुई ऐसी घटना
Palitana जैसे धार्मिक स्थानों पर बोली प्रणाली लंबे समय से चली आ रही है। कई बार बोली लगाने वाले श्रद्धालु रकम समय पर जमा न कर पाने के कारण मानसिक तनाव में आ जाते हैं।
हालांकि इतनी गंभीर घटना कि व्यक्ति पुलिस स्टेशन में ही ज़हर खा ले-यह दुर्लभ है।
समुदाय में गहरा शोक
जैन समुदाय में इस घटना को लेकर गहरा दुख और हैरानी है। श्रद्धालुओं का कहना है कि किसी भी धार्मिक व्यवस्था का उद्देश्य मानसिक शांति देना होता है, और यदि कोई व्यक्ति इतना दबाव महसूस करे कि आत्महत्या कर ले, तो सिस्टम को पुनः समीक्षा की आवश्यकता है।










