सूरत में पहली बार खुलने जा रही है आधुनिक आयुर्वेदिक सरकारी अस्पताल, लोकापर्ण से पहले ही OPD सेवा शुरू Surat first Ayurvedic hospital

📝 Last updated on: December 7, 2025 10:36 pm
Surat first Ayurvedic hospital

Surat first Ayurvedic hospital: सूरत शहर के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि शहर को अपनी Surat first Ayurvedic hospital का उपहार मिलने जा रहा है। चौकबाजार क्षेत्र में स्थापित यह नई आयुर्वेदिक सरकारी अस्पताल आने वाले दिनों में आधिकारिक रूप से शुरू होने वाली है, लेकिन उससे पहले ही नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसकी ओपीडी सेवाएँ प्रारंभ कर दी गई हैं। इससे शहरवासियों को आयुर्वेद और होम्योपैथी जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का सीधे लाभ मिलना शुरू हो गया है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, रोजाना सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक मरीज मुफ्त ओपीडी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इन समयों में अलग-अलग बीमारियों का निःशुल्क निदान और आयुर्वेदिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। दक्षिण गुजरात में यह पहली सरकारी आयुष अस्पताल है, जहाँ आयुर्वेद के साथ-साथ होम्योपैथिक दवाएँ और उपचार भी प्रदान किए जाएंगे। इस कारण इसे पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र माना जा रहा है।

पाँच मंज़िला अत्याधुनिक आयुर्वेदिक अस्पताल तैयार

जिला आयुष अधिकारी वैद्य मिलन दसोंदी ने बताया कि अब तक सूरत शहर में एक भी सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल मौजूद नहीं था। नागरिकों को पारंपरिक भारतीय चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता को देखते हुए, चौकबाजार स्थित पुरानी सिविल अस्पताल के परिसर में पाँच मंज़िला नए आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण किया गया है। यह निर्माण केंद्रीय आयुष मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से पूरा हुआ है।

उन्होंने कहा कि अस्पताल का लोकापर्ण कुछ ही दिनों में होने की उम्मीद है, लेकिन आम लोगों को चिकित्सकीय सेवाओं से वंचित न रखने के लिए फिलहाल ओपीडी शुरू कर दी गई है। यहाँ आने वाले मरीजों को अनुभवी चिकित्सकों द्वारा आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार प्रदान किया जा रहा है।

मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बनेगा प्रमुख केंद्र

वैद्य मिलन दसोंदी ने नागरिकों से अपील की कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ लें और ओपीडी सेवाओं का उपयोग करें। उनका कहना है कि आयुर्वेद केवल बीमारी का उपचार करने का माध्यम नहीं है, बल्कि शरीर, मन और आत्मा को संतुलित रखने की एक संपूर्ण जीवनशैली है। इस दृष्टि से, Surat first Ayurvedic hospital न केवल सूरत बल्कि पूरे दक्षिण गुजरात क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य और शोध केंद्र साबित होने वाली है।

उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, प्रदूषण, और असंतुलित खान-पान के बीच आयुर्वेदिक चिकित्सा लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी होगी।

50 बेड की क्षमता और चरणबद्ध तरीके से शुरू होंगी सभी सेवाएँ

अस्पताल के प्रमुख और वैद्य (पंचकर्म), तुषार शाह ने बताया कि सूरत में 50 बिस्तरों वाली इस नई सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। यहाँ पंचकर्म, योग चिकित्सा, हर्बल थेरेपी, नैचुरल डिटॉक्स और कई तरह की पारंपरिक उपचार पद्धतियाँ जल्द ही चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएंगी।

फिलहाल अस्पताल द्वारा शुरू की गई निःशुल्क ओपीडी सेवाओं में मरीजों को नाड़ी परीक्षण, हर्बल दवाएँ, आहार-विहार संबंधी मार्गदर्शन और विभिन्न रोगों का आयुर्वेदिक निदान उपलब्ध है।

तुषार शाह ने शहरवासियों से आग्रह किया कि वे इन सेवाओं का लाभ उठाएँ और नए अस्पताल के प्रारंभिक चरण को सफल बनाने में सहयोग दें। उनका कहना है कि यह अस्पताल आने वाले वर्षों में न केवल उपचार बल्कि आयुर्वेद से संबंधित अनुसंधान और शिक्षा का भी प्रमुख केंद्र बन सकता है।

यह भी पढ़े: Shakri Lake का आज लोकार्पण: प्राचीन मंदिर के कारण झील को मिली पौराणिक घाट की थीम

सूरत के स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव

इस नई सरकारी आयुर्वेदिक अस्पताल का शुभारंभ सूरत के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यहाँ आधुनिक सुविधाओं के साथ प्राचीन भारतीय चिकित्सा विज्ञान का समन्वय होगा, जिससे नागरिकों को प्राकृतिक और सुरक्षित उपचार पद्धतियों का भरोसेमंद विकल्प मिलेगा।

Surat first Ayurvedic hospital शहर में स्वास्थ्य सेवाओं के एक नए युग की शुरुआत करती है, जहां पारंपरिक आयुर्वेद और होम्योपैथी को सरकारी स्तर पर व्यापक समर्थन मिलेगा। आने वाले समय में यह अस्पताल सूरत को आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी शहर के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।