दक्षिण गुजरात के धार्मिक और सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। वापी के निकट स्थित लवाछा गांव में Panchdev Temple नाम से एक विशाल तीर्थधाम परियोजना प्रारंभ होने जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 100 करोड़ रुपये है। यह पूरा धार्मिक संकुल भक्तों, यात्रियों और सामाजिक सेवाओं के लिए एक आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
12 दिसंबर को इस भव्य पंचदेव मंदिर और प्रेम कुटीर का भूमि पूजन और शिलान्यास देश के प्रतिष्ठित संत और पद्म विभूषण प्राप्त संत रामभद्राचार्य द्वारा किया जाएगा। संत रामभद्राचार्य 10 से 16 दिसंबर तक यहां दिव्य कथा वाचन भी करेंगे, जिसके लिए हजारों श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
100 करोड़ की विशाल परियोजना: मंदिर के साथ आधुनिक सुविधाओं का समूह
Panchdev Temple सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि एक पूर्ण धार्मिक एवं सामाजिक संकुल होगा। इसमें विशेष रूप से वृद्धजनों और जरूरतमंदों के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
परियोजना के मुख्य आकर्षण:
- वृद्धजनों के लिए अल्पकालिक और स्थायी निवास व्यवस्था
- लगभग 90 कमरों वाला विशाल प्रेम कुटीर
- जरूरतमंद भक्तों के लिए भोजन और ठहरने की सुविधा
- बड़ी गौशाला, जो सेवा और संरक्षण का केंद्र बनेगी
- विशाल मंदिर परिसर जिसमें विभिन्न देवालय एक ही स्थान पर होंगे
यह संपूर्ण परियोजना पंचदेव ट्रस्ट, लवाछा के नेतृत्व में आकार ले रही है। 12 दिसंबर को भूमि पूजन, भूमि समर्पण और कथा का शुभारंभ होगा।
5 करोड़ की भूमि दान के बाद शुरू हुआ निर्माण का मार्ग
Panchdev Temple का सपना तब साकार होने लगा, जब कौशल्या देवी अग्रवाल ट्रस्ट ने लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि दान कर दी। यह विशाल योगदान परियोजना की नींव साबित हुआ। ट्रस्ट के संरक्षक सूर्यप्रकाश अग्रवाल के मार्गदर्शन में इस तीर्थधाम की रूपरेखा तैयार की गई, जिसके बाद पूरे परिसर के विकास कार्यों पर तेजी से काम शुरू किया गया।
एक परिसर में पाँच प्रमुख मंदिर-इसलिए नाम पड़ा पंचदेव मंदिर
संकुल की सबसे अनोखी विशेषता यह है कि इसमें पाँच प्रमुख देवालय एक ही परिसर में निर्मित होंगे। इसी अवधारणा के कारण मंदिर का नाम Panchdev Temple रखा गया है। यह क्षेत्र के आस्थावानों के लिए एक अत्यंत श्रद्धापूर्ण केंद्र बनने जा रहा है।
इन प्रमुख मंदिरों का निर्माण होगा:
- रानी सती दादाजी मंदिर
- श्री राधाकृष्ण मंदिर
- राम दरबार
- श्री खाटू श्याम मंदिर
- सालासर हनुमान मंदिर
- शिव परिवार मंदिर
संत रामभद्राचार्य 12 दिसंबर को पंचदेव मंदिर की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही परिसर में कथा, भजन संध्या और कई धार्मिक आयोजन भी होंगे।
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धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन और रोजगार का नया केंद्र बनेगा लवाछा
Panchdev Temple परियोजना सिर्फ धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में यह दक्षिण गुजरात का एक बड़ा टूरिस्ट डेस्टिनेशन भी बनने जा रहा है।
इसके विकसित होने से:
- स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा
- व्यापार और होटल उद्योग में वृद्धि होगी
- क्षेत्र की आध्यात्मिक पहचान राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी
लवाछा के निवासियों और वापी क्षेत्र के श्रद्धालुओं में इस परियोजना को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि पहली बार दक्षिण गुजरात में इतना विशाल और सुव्यवस्थित तीर्थधाम तैयार हो रहा है।













