UAE visa ban Pakistan: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हाल के महीनों में पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए जाने वाले विज़ा पर अपनी जांच और सख्ती काफी बढ़ा दी है। इस कारण बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों के विज़ा आवेदन लगातार अस्वीकृत हो रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के अधिकारी सलमान चौधरी ने पुष्टि की है कि UAE ने औपचारिक तौर पर कोई विज़ा बैन घोषित नहीं किया है, लेकिन व्यवहारिक रूप से स्थिति बेहद कठिन हो चुकी है, क्योंकि पहली बार आवेदन करने वालों के लिए 70–80% तक विज़ा नामंजूर किए जा रहे हैं।
ट्रैवल एजेंसियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह स्थिति पिछले कई महीनों से चल रही है और इससे सबसे अधिक प्रभावित वे युवा हैं जो पहली बार UAE यात्रा की योजना बना रहे थे। रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 40 वर्ष से कम आयु के आवेदकों की अतिरिक्त जांच की जा रही है, जिसके कारण उनका विज़ा मिलने की संभावना बहुत कम हो गई है।
यह पूरा मामला सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में “UAE visa ban Pakistan” के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ है, हालांकि UAE की ओर से किसी औपचारिक ‘बैन’ का ऐलान नहीं हुआ है।
विज़ा अस्वीकृति मामलों में भारी वृद्धि: परिवार वाले आवेदकों को अधिक राहत
पाकिस्तानी अखबार Dawn के अनुसार, ट्रैवल एजेंटों ने बताया कि पहली बार यात्रा करने वाले या सिंगल-एंट्री विज़ा के लिए आवेदन करने वाले 70–80% पाकिस्तानी नागरिकों के विज़ा UAE द्वारा अस्वीकार किए जा रहे हैं।
हालांकि, जिन लोगों के परिवार पहले से UAE में रहते हैं, उनके आवेदन अपेक्षाकृत आसानी से स्वीकृत हो रहे हैं। इसका बड़ा कारण यह माना जा रहा है कि परिवार वाले यात्रियों की रहने, खर्च और पहचान को लेकर जोखिम कम माना जाता है।
लाहौर के रहने वाले 28 वर्षीय नदीम का मामला भी चर्चा में रहा, जिन्होंने पहली बार घूमने के उद्देश्य से दुबई जाने का आवेदन किया था। उन्होंने दो बार विज़ा के लिए आवेदन किया और दोनों बार अस्वीकृत हो गया। ट्रैवल एजेंसी ने उन्हें बताया कि 40 वर्ष से कम आयु के पुरुषों के मामलों में सुरक्षा जांच बहुत अधिक कड़ी कर दी गई है।
UAE की चिंता: अपराध, दस्तावेज़ों में गड़बड़ी और भिक्षावृत्ति के बढ़ते मामले
पाकिस्तान और UAE के बीच लंबे समय से गहरे आर्थिक और राजनीतिक संबंध रहे हैं। लाखों पाकिस्तानी नागरिक UAE में नौकरी, व्यवसाय और प्रवास के तहत रहते हैं। लेकिन इसके बावजूद पिछले कुछ समय में UAE के अधिकारियों ने पाकिस्तानी आवेदकों को लेकर गंभीर चिंताएँ जताई हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार
1. हाल के महीनों में अपराध मामलों में पाकिस्तानी नागरिकों की बढ़ती हिस्सेदारी
UAE में कई मामलों में पाकिस्तान के लोगों के शामिल होने की खबरें सामने आईं। इसमें चोरी, दस्तावेज़ों की धोखाधड़ी, फर्जी रोजगार, और अन्य आपराधिक गतिविधियाँ शामिल हैं।
2. भीख मांगने के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि
UAE के रमजान और त्योहारों के मौसम में कई देशों से अवैध ‘भिक्षावृत्ति गैंग’ पहुंचने की खबरें आईं। अधिकारियों का कहना है कि इनमें बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों के शामिल होने के प्रमाण मिले।
3. AI आधारित दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली में कई गड़बड़ियाँ पकड़ी गईं
UAE ने हाल ही में अपने इमिग्रेशन सिस्टम में एडवांस्ड AI टूल्स का उपयोग शुरू किया है। इन टूल्स ने कई पाकिस्तानी आवेदकों के डेटा और दस्तावेज़ों में विसंगतियाँ पकड़ीं, जिसके चलते आवेदन तुरन्त अस्वीकृत कर दिए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, इन कारणों से UAE नई एंट्री वालों पर बेहद कड़ा रुख अपना रहा है। यही वजह है कि कई आवेदक इसे “UAE visa ban Pakistan” जैसा ही अनुभव कर रहे हैं, भले ही बैन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई हो।
पाकिस्तानी पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति भी मुश्किल बढ़ाती है
दुनिया भर की पासपोर्ट रैंकिंग में पाकिस्तानी पासपोर्ट लगातार सबसे कमज़ोर पासपोर्ट में गिना जाता है।
इसका प्रभाव यह है कि
- कई देश पहले ही पाकिस्तानियों के लिए कड़े नियम लागू कर चुके हैं,
- कई देशों ने एंट्री को लगभग असंभव कर दिया है,
- और कुछ देशों ने पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है।
इससे पाकिस्तानियों के लिए विदेश यात्रा और भी जटिल हो गई है।
वे प्रमुख 4 देश जहाँ पाकिस्तानियों पर सख्त प्रतिबंध या लगभग बैन लागू है
1. भारत – सभी विज़ा सेवाएँ बंद
2025 में भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी प्रकार की विज़ा सेवाएँ औपचारिक रूप से बंद कर दीं।
- पुराने विज़ा रद्द
- नए पर्यटक, व्यापारिक या मेडिकल विज़ा जारी नहीं
- व्यावहारिक रूप से पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध
भारत और पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों के चलते यह कठोर नीति लागू की गई है।
2. इज़राइल – पाकिस्तानी पासपोर्ट पर कड़ा प्रतिबंध
इज़राइल लंबे समय से पाकिस्तानी पासपोर्ट धारकों को अपने देश में प्रवेश की अनुमति नहीं देता।
केवल बहुत विशेष परिस्थितियों में, और वह भी सरकार की सीधी स्वीकृति से ही, किसी पाकिस्तानी को प्रवेश दिया जाता है।
सुरक्षा कारणों और राजनयिक संबंधों के अभाव ने इस प्रतिबंध को स्थायी बना दिया है।
3. लीबिया – सुरक्षा अस्थिरता के कारण लगभग पूर्ण प्रतिबंध
लीबिया कई वर्षों से गृहयुद्ध और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है।
इसी वजह से पाकिस्तानी नागरिकों को यहां प्रवेश मिलना लगभग नामुमकिन है।
उनके विज़ा आवेदन अक्सर बिना कारण बताए ही खारिज कर दिए जाते हैं।
4. सूडान – दस्तावेज़ जांच में कड़ी सख्ती
सूडान भी पाकिस्तानी आवेदकों के लिए बेहद कठिन देश बन गया है।
राजनीतिक संकट और सुरक्षा कारणों से
- अधिकतर आवेदन नामंजूर
- कुछ पर प्रक्रिया ही नहीं की जाती
जो इसे लगभग एक ‘दफ़्तरी प्रतिबंध’ की स्थिति बना देता है।
क्या UAE भविष्य में आधिकारिक बैन की घोषणा करेगा?
फिलहाल UAE सरकार ने आधिकारिक स्तर पर “UAE visa ban Pakistan” जैसी कोई घोषणा नहीं की है। लेकिन मौजूदा ट्रेंड, आवेदनों की अस्वीकृति दर, और इमिग्रेशन नीतियों की लगातार सख्ती इस ओर संकेत करती है कि हालात जल्दी सुधरने की संभावना कम है।
विशेषज्ञों का मानना है:
- UAE पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगाएगा,
- लेकिन कठोर स्क्रीनिंग जारी रहेगी,
- और पहली बार यात्रा करने वाले युवाओं पर जांच और कड़ी होगी।
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निष्कर्ष
UAE और पाकिस्तान के बीच मजबूत आर्थिक और राजनीतिक रिश्ता होने के बावजूद, हाल के महीनों में विज़ा नीतियों पर बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। अपराध मामलों, भिक्षावृत्ति, और दस्तावेज़ों में गड़बड़ियों के बढ़ने के बाद UAE ने पाकिस्तानी आवेदकों की जांच पहले से कहीं अधिक कठोर कर दी है।
हालांकि कोई आधिकारिक “UAE visa ban Pakistan” लागू नहीं किया गया है, लेकिन वास्तविकता यही है कि बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत हो रहे हैं—विशेष रूप से पहली बार यात्रा करने वालों और कम उम्र के पुरुषों के लिए।
स्थिति अभी भी बदल रही है, और भविष्य में क्या होगा, यह काफी हद तक दो देशों की कूटनीतिक बातचीत और सुरक्षा मानकों पर निर्भर करेगा।













