Zubeen Garg मौत केस में SIT ने दाखिल की चार्जशीट, कजन पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप; जांच में कई बड़े खुलासे

🗓️ Published on: December 12, 2025 8:07 pm
Zubeen Garg

असम के मशहूर गायक Zubeen Garg की मौत के मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। गुवाहाटी पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस हाई-प्रोफाइल केस में शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल कर दी। 3500 से अधिक पन्नों वाली यह चार्जशीट चार अलग-अलग बॉक्स में अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसमें पूरे मामले से जुड़ी जांच रिपोर्ट, दस्तावेज़ और गवाहियों का विस्तृत रिकॉर्ड शामिल है।

सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू यह है कि चार्जशीट में Zubeen Garg के कजन भाई संदीपान गर्ग को गैर-इरादतन हत्या (IPC 304) का आरोपी बनाया गया है। संदीपान वही रिश्तेदार हैं जो सिंगापुर में फेस्टिवल में भाग लेने के लिए जुबीन के साथ गए थे। केस में यह पहली बार है जब किसी करीबी परिवार-जन के खिलाफ इस स्तर का आरोप लगाया गया है।

कैसे हुई थी Zubeen Garg की रहस्यमय मौत?

19 सितंबर की सुबह सिंगापुर में एक चौंकाने वाली खबर आई-असम के लोकप्रिय सिंगर, संगीतकार और अभिनेता Zubeen Garg समुद्र में तैरते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। वह “नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल” (NEIF) के चौथे संस्करण में प्रस्तुति देने के लिए सिंगापुर गए थे और कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले ही वह अपने साथियों के साथ बाहर निकले थे। कुछ समय बाद उन्हें समुद्र के किनारे बेहोशी की हालत में देखा गया, जहां बाद में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सिंगापुर पुलिस की शुरुआती जाँच में मृत्यु को “अप्राकृतिक लेकिन संदिग्धता रहित” बताया गया था। हालांकि असम में इस खबर के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई और लोग लगातार इसे हत्या की ओर इशारा करने लगे।

SIT ने कैसे की जांच?

असम सरकार ने इस घटना के बाद तत्काल मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। इस SIT का नेतृत्व विशेष डीजीपी एमपी गुप्ता कर रहे थे। नौ सदस्यीय जांच टीम ने न केवल सिंगापुर जाकर वहाँ की पुलिस और मेडिकल अधिकारियों से मुलाकात की, बल्कि भारत में भी संबंधित लोगों से घंटों पूछताछ की।

जांच प्रक्रिया का पैमाना इतना बड़ा था कि:

  • 7 प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लिया गया
  • 300 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज हुए
  • सिंगापुर के आयोजनकर्ताओं, साथियों और गवाहों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पूछताछ की गई
  • फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानू महंता को भी गिरफ्तार किया गया

SIT के अधिकारियों का कहना है कि पूरी टीम ने तकनीकी, डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों का गहराई से विश्लेषण किया। जिसके आधार पर 3500 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई।

चार्जशीट में क्या है सबसे महत्वपूर्ण?

चार्जशीट के अनुसार, संदीपान गर्ग, जो कि Zubeen Garg के कजन हैं, उन पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। जांच में सामने आया कि सिंगापुर यात्रा के दौरान कार्यक्रम से जुड़े कुछ निर्णायक फैसलों और घटनाओं पर संदीपान की भूमिका संदेहास्पद रही। SIT ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल फुटेज और यात्रा कार्यक्रम से जुड़े विवरणों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला।

हालांकि गैर-इरादतन हत्या का मतलब यह नहीं है कि आरोपी ने जानबूझकर नुकसान पहुंचाया, लेकिन साक्ष्यों के अनुसार उनकी लापरवाही या अनदेखी ने किसी व्यक्ति की जीवन-हानि का कारण बना।

CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा-यह हत्या है

असम विधानसभा के हालिया सत्र में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुलकर बयान दिया था कि Zubeen Garg की मौत “साफ तौर पर हत्या” है। मुख्यमंत्री के इस बयान ने पूरे राज्य में बहस और आक्रोश को जन्म दिया। उनके अनुसार, इस केस में कई ऐसे पहलू हैं जो सामान्य दुर्घटना से बिल्कुल मेल नहीं खाते।

CM के बयान के बाद राज्यभर में ज़ुबीन के प्रशंसकों और सांस्कृतिक समुदाय ने न्याय की मांग तेज कर दी। सार्वजनिक मंचों पर “Justice for Zubeen” जैसे हैशटैग भी ट्रेंड करने लगे।

सिंगापुर पुलिस का बयान-फाइनल रिपोर्ट में अभी तीन महीने और लगेंगे

दूसरी ओर, सिंगापुर पुलिस बल (SPF) ने एक आधिकारिक बयान जारी किया था जिसमें कहा गया कि उनकी प्रारंभिक जांच में किसी स्पष्ट गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी जांच में अभी कम से कम तीन महीने और लग सकते हैं, क्योंकि उन्हें मेडिकल रिपोर्ट, टॉक्सिकोलॉजी, डिजिटल डेटा और गवाहियों का विस्तृत अध्ययन करना है।

सिंगापुर की पुलिस की जांच और भारत की SIT रिपोर्ट के निष्कर्षों में अंतर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

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क्या आगे होगा?

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामला अदालत के न्यायिक दायरे में प्रवेश कर चुका है। संदीपान गर्ग और अन्य आरोपियों को अदालत में उपस्थित होना होगा और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार मामला आगे बढ़ेगा।

राज्यभर में लोग उम्मीद कर रहे हैं कि असम की सांस्कृतिक धरोहर और लाखों दिलों की धड़कन रहे Zubeen Garg को इस केस में न्याय जरूर मिलेगा।