Vibrant Gujarat Regional Conference: गुजरात को निवेश और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार 10 से 12 जनवरी के बीच राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रही है। इस अहम सम्मेलन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं भाग लेंगे। PM Modi visits Rajkot को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज़ हो चुकी हैं और इसे राज्य के अब तक के सबसे प्रभावशाली रीजनल इन्वेस्टमेंट समिट्स में से एक माना जा रहा है।
यह रीजनल कॉन्फ्रेंस ऐसे समय पर हो रही है, जब वैश्विक निवेशकों की नजर भारत और विशेष रूप से गुजरात पर टिकी हुई है। सम्मेलन का उद्देश्य स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को गुजरात के औद्योगिक, व्यापारिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी संभावनाओं से परिचित कराना है। राजकोट को आयोजन स्थल के रूप में चुनकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राज्य में समान अवसर उपलब्ध हैं।

राजकोट में होगा वाइब्रेंट गुजरात समिट जैसा माहौल
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह रीजनल कॉन्फ्रेंस पूरी तरह मूल Vibrant Gujarat Regional Conference की तर्ज पर आयोजित की जाएगी। फर्क सिर्फ इतना होगा कि इस बार आयोजन गांधीनगर की बजाय राजकोट में होगा। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ विभिन्न देशों के राजदूत, विदेशी निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि और देश-विदेश के बड़े कारोबारी मौजूद रहेंगे।
सम्मेलन के दौरान कृषि, मत्स्य पालन, बंदरगाह विकास, धोलरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (Dholera SIR), पर्यटन, ऑटोमोबाइल, केमिकल, माइनिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में हजारों करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। इससे गुजरात की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए दिल्ली में हुई अहम बैठकें
कॉन्फ्रेंस से पहले गुजरात सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया। इन बैठकों में गुजरात सरकार के आठ वरिष्ठ सचिव स्तर के अधिकारियों ने 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया और उन्हें इस सम्मेलन में पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
जिन देशों के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई, उनमें रूस, इज़राइल, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इंडोनेशिया, न्यूज़ीलैंड, फिनलैंड, कनाडा, श्रीलंका, ओमान, आइसलैंड, गुयाना, रवांडा, दक्षिण अफ्रीका, कतर, तंजानिया, युगांडा और उज़्बेकिस्तान जैसे देश शामिल हैं। इन देशों ने गुजरात में निवेश की संभावनाओं को लेकर गहरी रुचि दिखाई है।
किन क्षेत्रों में दिखी सबसे अधिक रुचि
बैठकों के दौरान विदेशी राजनयिकों और औद्योगिक प्रतिनिधियों के साथ विशेष रूप से मत्स्य पालन, पोर्ट डेवलपमेंट, पर्यटन, धोलरा SIR और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। गुजरात सरकार के अधिकारियों ने राज्य की मजबूत नीतियों, उद्योग-अनुकूल माहौल और तेज़ निर्णय प्रक्रिया को प्रस्तुत करते हुए निवेशकों को भरोसा दिलाया कि गुजरात निवेश के लिए सुरक्षित और लाभदायक गंतव्य है।
शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
नई दिल्ली में आयोजित प्रेजेंटेशन और बैठकों में गुजरात सरकार और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें उद्योग सचिव ममता वर्मा, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग की संयुक्त सचिव संध्या भुल्लर, आर्थिक मामलों की सचिव आरती कंवर, पशुपालन सचिव संदीप कुमार, उद्योग आयुक्त पी. स्वरूप, पर्यटन सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार, गुजरात मैरीटाइम बोर्ड के सीईओ राजकुमार बेनिवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. विक्रम पांडे और धोलरा SIR के सीईओ कुलदीप आर्य प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इन अधिकारियों ने विदेशी प्रतिनिधियों को गुजरात के इंफ्रास्ट्रक्चर, नीति स्थिरता और भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
PM Modi visits Rajkot: गुजरात के लिए क्यों है यह दौरा अहम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा केवल एक औपचारिक उपस्थिति नहीं है, बल्कि इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होता है। PM Modi visits Rajkot का संदेश वैश्विक मंच पर यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार गुजरात के औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रही है। प्रधानमंत्री की मौजूदगी से सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी और बड़े पैमाने पर निवेश निर्णयों को गति मिलने की संभावना है।
राजकोट और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए यह कॉन्फ्रेंस विकास के नए द्वार खोल सकती है। स्थानीय उद्योगों को वैश्विक बाजारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
निष्कर्ष-Vibrant Gujarat Regional Conference
Vibrant Gujarat Regional Conference:न केवल एक निवेश सम्मेलन है, बल्कि यह गुजरात के विकास मॉडल को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त माध्यम भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति, विदेशी निवेशकों की भागीदारी और हजारों करोड़ के संभावित समझौते इस आयोजन को ऐतिहासिक बना सकते हैं। आने वाले दिनों में यह सम्मेलन तय करेगा कि गुजरात किस तरह देश और दुनिया के लिए निवेश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनता है।










