Putin to visit India: रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार 4 दिसंबर को करेंगे भारत दौरा; तेल, रक्षा और व्यापार पर हो सकते बड़े समझौते

🗓️ Published on: November 28, 2025 7:26 pm
Putin to visit India

Putin to visit India: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को भारत का दो दिवसीय दौरा करेंगे। यह उनके लिए 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहली भारत यात्रा होगी। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच कई बड़े समझौतों और सहयोगों पर चर्चा होने की संभावना है।

पुतिन इस दौरे में 23वें भारत-रूस समिट में हिस्सा लेंगे। यह समिट दोनों देशों के बीच वार्षिक बैठक का हिस्सा है, जिसे हर साल बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। इस बार भारत की बारी है।

इस समिट के दौरान पुतिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। बैठक में क्रूड ऑयल सौदा, रक्षा समझौते और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत होने की उम्मीद है। साथ ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में एक स्टेट डिनर का आयोजन करेंगी।

Putin to visit India तेल खरीद पर अमेरिका का दबाव और व्यापारिक मुद्दे

भारत रूस से सस्ता क्रूड ऑयल खरीद रहा है। इसके कारण अमेरिका ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया है। अमेरिकी सरकार का कहना है कि इससे रूस को यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद मिल रही है।

भारत का कहना है कि यह कदम राष्ट्रीय आर्थिक हितों के लिए आवश्यक है और यह किसी वैश्विक प्रतिबंध का उल्लंघन नहीं है। इस दौरे में तेल व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा की रणनीतियाँ मुख्य मुद्दों में शामिल होंगी।

रक्षा सहयोग पर रहेगा मुख्य फोकस

पुतिन की भारत यात्रा में रक्षा समझौते सबसे महत्वपूर्ण विषय होंगे। रूस पहले ही कह चुका है कि वह भारत को अपना SU-57 स्टेल्थ फाइटर जेट देने के लिए तैयार है।

SU-57 रूस का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान है। भारत अपनी वायुसेना को आधुनिक बनाने के लिए नए विकल्प तलाश रहा है।

इस दौरे में अन्य महत्वपूर्ण रक्षा चर्चाएँ भी होने की संभावना है, जैसे:

  • S-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी
  • भविष्य में S-500 सिस्टम पर सहयोग
  • ब्रहमोस मिसाइल का नया संस्करण
  • नौसेना के लिए संयुक्त युद्धपोत निर्माण
  • तकनीकी सहयोग और हथियार विकास परियोजनाएँ

यह समझौते भारत की सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

नई भुगतान प्रणाली पर हो सकती है सहमति

पिछले वर्षों में रूस और भारत के बीच व्यापार बढ़ा है, लेकिन भुगतान संबंधी चुनौतियाँ अक्सर बाधक रही हैं। इस दौरे के दौरान दोनों देशों द्वारा नई भुगतान प्रणाली पर समझौता हो सकता है।

संभावित विकल्पों में शामिल हैं:

  • रुपया–रूबल व्यापार प्रणाली
  • डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म
  • तीसरे देश के बैंक के माध्यम से लेन-देन

इससे दोनों देशों के व्यापार में कोई बाधा नहीं आएगी। इसके अलावा रूस भारत को आर्कटिक ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश का अवसर भी दे सकता है।

भारतीय श्रमिकों के लिए अवसर

भारत और रूस कौशल विकास और रोजगार सहयोग पर भी चर्चा कर सकते हैं। युद्ध के बाद रूस में कई क्षेत्रों में कर्मचारी कमी हो गई है। रूस भारत से तकनीकी विशेषज्ञ, मेडिकल स्टाफ, इंजीनियर और प्रशिक्षित कामगार वहां काम करने के लिए आमंत्रित करना चाहता है।

भारत के लिए यह अवसर नए रोजगार और वैश्विक अनुभव का मार्ग खोल सकता है।

अंतरिक्ष, नाभिकीय ऊर्जा और विज्ञान-प्रौद्योगिकी सहयोग

भारत और रूस अंतरिक्ष, नाभिकीय ऊर्जा, विज्ञान-तकनीक, व्यापार और बंदरगाह विकास पर भी चर्चा करेंगे। भारत रूस की मदद से कुडनकुलम न्यूक्लियर पावर प्लांट चला रहा है। इस परियोजना के अगले चरण और अन्य विज्ञान-तकनीक परियोजनाएँ भी चर्चा का हिस्सा होंगी।

पुतिन ने तीन महीने पहले भारत दौरे की घोषणा की थी

इस दौरे की योजना का आधार अगस्त 2024 में रखा गया, जब भारत के NSA अजीत डोभाल ने मॉस्को यात्रा के दौरान क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी। इस दौरान सुरक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग पर विस्तृत बातचीत हुई।

NSA ने कहा था कि भारत और रूस के बीच गहरा और रणनीतिक संबंध है और पुतिन के भारत दौरे की खबर से उन्हें खुशी है।

पुतिन का पिछला भारत दौरा 2021 में

पुतिन भारत आए थे 6 दिसंबर 2021 को। यह दौरा केवल चार घंटे का था, लेकिन इस दौरान भारत और रूस ने 28 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें रक्षा और तकनीकी सहयोग शामिल थे।

तत्कालीन लक्ष्य था कि 2025 तक वार्षिक व्यापार $30 बिलियन तक पहुंचे। वर्तमान में दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार लगभग $60 बिलियन है और इसे $100 बिलियन से अधिक करने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2024 में दो बार रूस का दौरा किया

2024 में पीएम मोदी दो बार रूस गए:

  1. 22 अक्टूबर – BRICS समिट में भाग लेने के लिए
  2. जुलाई 2024 – दो दिवसीय द्विपक्षीय दौरा, जिसमें उन्होंने पुतिन को भारत आने का निमंत्रण दिया

इन दौरों ने द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने में मदद की।

पुतिन ने विदेश यात्रा को सीमित किया है

मार्च 2023 में ICC ने पुतिन के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया। यह यूक्रेन में बच्चों के अपहरण और अन्य युद्ध अपराधों के आरोपों पर आधारित था।

इस वारंट के बाद पुतिन ने अधिकांश विदेश यात्राओं से परहेज किया। उन्होंने 2023 G20 समिट और 2024 ब्राज़ील G20 समिट में हिस्सा नहीं लिया, जबकि रूस की ओर से विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव प्रतिनिधि बने।

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भारत दौरा: रणनीतिक और ऐतिहासिक महत्व

Putin to visit India इस समय विश्व राजनीति और व्यापारिक रणनीतियों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है। यह दौरा कई क्षेत्रों में सहयोग और समझौते तय करने का अवसर है, जैसे:

  • रक्षा सौदे और हथियारों की खरीद
  • ऊर्जा और तेल आपूर्ति में दीर्घकालिक सहयोग
  • नई भुगतान प्रणाली पर समझौता
  • अंतरिक्ष और नाभिकीय ऊर्जा सहयोग का विस्तार
  • भारतीय पेशेवरों के लिए रोजगार अवसर
  • द्विपक्षीय व्यापार को $100 बिलियन तक बढ़ाना

यह दौरा केवल भारत-रूस संबंधों को ही नहीं, बल्कि एशिया और ग्लोबल साउथ की वैश्विक रणनीति को भी प्रभावित कर सकता है।