Dang Ahwa News | डांग जिले में खुले में कचरा फेंकने और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक जलाने पर सख्त प्रतिबंध, जिला मजिस्ट्रेट का नोटिफिकेशन जारी

🗓️ Published on: December 14, 2025 10:25 pm
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Dang Ahwa News: डांग जिले में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण और ठोस कचरे से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। हवा और मिट्टी के प्रदूषण को रोकने, वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिले के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र (इकोलॉजिकल बैलेंस) को बचाने के उद्देश्य से डांग की जिला मजिस्ट्रेट सुश्री शालिनी दुहान (IAS) ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी किया है। इस आदेश के तहत पूरे डांग जिले में ठोस कचरा (सूखा और गीला) तथा सिंगल-यूज़ प्लास्टिक आइटम को खुले में फेंकने या जलाने पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है।

Dang Ahwa News के अनुसार, यह निर्णय खासतौर पर उन चिंताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है, जिनमें सामने आया कि जिले के पर्यटन स्थलों, गांवों और सार्वजनिक जगहों पर स्थानीय लोग और पर्यटक बड़ी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में फेंक रहे हैं या जला रहे हैं। इससे न केवल हवा और मिट्टी प्रदूषित हो रही है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों, जंगली जानवरों और पूरे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।

पर्यावरण और वन्यजीवों पर बढ़ता खतरा

Dang जिला अपने घने जंगलों, जैव विविधता और प्रसिद्ध हिल स्टेशन सापुतारा के लिए जाना जाता है। यहां खुले में प्लास्टिक कचरा फेंकने या जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जो मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ वन्यजीवों के लिए भी खतरनाक हैं। प्लास्टिक कचरा जंगलों में फैलने से जानवरों के उसे खाने या उसमें फंसने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं, जिससे उनकी जान को खतरा होता है। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका दीर्घकालिक असर पूरे क्षेत्र के पर्यावरण पर पड़ेगा।

BNSS की धारा 163 के तहत आदेश

Dang जिला मजिस्ट्रेट द्वारा यह नोटिफिकेशन इंडियन सिविल सिक्योरिटी कोड-2023 (BNSS) की धारा 163 के अंतर्गत जारी किया गया है। आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पूरे जिले में ठोस कचरे और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक की खुली डंपिंग या जलाने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को रोकना अनिवार्य है। यह आदेश डांग जिले के सभी क्षेत्रों में लागू होगा, जिसमें नोटिफाइड एरिया सापुतारा भी शामिल है।

किन प्लास्टिक वस्तुओं पर लगी रोक

नोटिफिकेशन में प्रतिबंधित वस्तुओं की विस्तृत सूची जारी की गई है। इसके तहत निम्नलिखित सिंगल-यूज़ प्लास्टिक आइटम को खुले में फेंकने या जलाने पर रोक रहेगी:

  1. डिस्पोजेबल प्लास्टिक की बोतलें, प्लास्टिक स्टिक वाले ईयरबड, प्लास्टिक के झंडे और सजावट में इस्तेमाल होने वाला पॉलीस्टाइनिन (थर्मोकोल)।
  2. डिस्पोजेबल प्लास्टिक प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे, अन्य प्लास्टिक पैकिंग सामग्री, 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाला प्लास्टिक और PVC बैनर।
  3. ठोस कचरा (सूखा और गीला), जिसे अब खुले में फेंकने की अनुमति नहीं होगी।

कचरा निपटान के लिए तय व्यवस्था

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले के प्रत्येक गांव और इलाके में ठोस कचरे को फेंकने के लिए पहले से निर्धारित स्थानों का ही उपयोग किया जाएगा। लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों से निकलने वाले सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग करके तय कचरा संग्रह केंद्रों पर ही डालेंगे। इससे कचरे के वैज्ञानिक निपटान में मदद मिलेगी और खुले में कचरा फैलने की समस्या पर रोक लगेगी।

आदेश लागू कराने की जिम्मेदारी

इस आदेश को प्रभावी रूप से लागू कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और क्षेत्र के सभी स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों को सौंपी गई है। तालुका स्तर से लेकर नगर और ग्राम स्तर तक अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे, ताकि कोई भी व्यक्ति नियमों का उल्लंघन न कर सके। प्रशासन ने यह भी कहा है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और कार्रवाई की जाएगी।

उल्लंघन पर सख्त सजा और जुर्माना

Dang Ahwa NewsSaurashtra Express के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति इस नोटिफिकेशन का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक स्थान पर प्लास्टिक सामग्री, प्लास्टिक कचरा या ठोस कचरा फेंकते या जलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ इंडियन पीनल कोड-2023 के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मौके पर ही तालुका डेवलपमेंट ऑफिसर (आहवा, वघई, सुबीर) और नोटिफाइड एरिया ऑफिस सापुतारा के चीफ ऑफिसर द्वारा अधिकृत कर्मचारी 500 रुपये (पांच सौ रुपये) का जुर्माना भी वसूल करेंगे।

आदेश की अवधि

यह नोटिफिकेशन पूरे डांग जिले में 10 दिसंबर 2025 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

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जनसहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे इस आदेश का पालन करें और डांग जिले को स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में सहयोग दें। प्रशासन का कहना है कि प्लास्टिक का सही निपटान और कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन ही भविष्य में जिले की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को सुरक्षित रख सकता है।

डांग जिला प्रशासन का यह कदम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की एक मजबूत पहल भी है।