Barda Wildlife Sanctuary: गुजरात सरकार की वित्तीय अनुमान समिति ने राज्य के वन विभाग की कार्यप्रणाली, वन्यजीव संरक्षण योजनाओं और सरकारी अनुदानों के उपयोग की गहन समीक्षा के उद्देश्य से तीन दिवसीय अध्ययन दौरे का आयोजन किया। इस दौरे का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना था कि वन विभाग को दी जा रही सरकारी ग्रांट का उपयोग पारदर्शी, प्रभावी और निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।
इस उच्चस्तरीय दौरे का नेतृत्व विधायक अर्जुनसिंह चौहान ने किया। समिति के सदस्यों ने जामनगर, द्वारका और सासण गिर क्षेत्रों में स्थित वन विभाग की प्रमुख परियोजनाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण, पर्यटन विकास, आधारभूत ढांचे और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
VanTara केंद्र का निरीक्षण
समिति ने जामनगर स्थित ‘VanTara’ वन्यजीव संरक्षण केंद्र का विशेष दौरा किया, जिसे एशिया के सबसे बड़े वन्यजीव संरक्षण केंद्रों में गिना जाता है। यहां समिति ने घायल और संकटग्रस्त वन्यजीवों के उपचार, पुनर्वास और संरक्षण से जुड़े कार्यों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने समिति को बताया कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से वन्यजीवों की देखभाल की जा रही है।
समिति ने VanTara में चल रहे संरक्षण कार्यक्रमों, संसाधनों के उपयोग और दीर्घकालिक रणनीतियों को लेकर संतोष व्यक्त किया और इसे राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
द्वारका मरीन नेशनल पार्क और Barda Wildlife Sanctuary में विकास कार्य
इसके बाद समिति ने द्वारका मरीन नेशनल पार्क का दौरा किया, जहां समुद्री जैव विविधता के संरक्षण के लिए चल रही योजनाओं का निरीक्षण किया गया। समिति ने समुद्री जीवन की रक्षा, प्रवाल भित्तियों के संरक्षण और पर्यावरणीय जागरूकता से जुड़े प्रयासों की सराहना की।
दौरे का एक महत्वपूर्ण चरण Barda Wildlife Sanctuary रहा। यहां चल रहे विकास कार्यों, वन संरक्षण योजनाओं, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने समिति को बताया कि Barda Sanctuary में जैव विविधता को संरक्षित रखते हुए इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए संतुलित विकास मॉडल अपनाया जा रहा है।
समिति ने पाया कि अभयारण्य में बुनियादी ढांचे का विकास पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है और वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सासण गिर में सिंह संरक्षण की समीक्षा
तीन दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में समिति ने सासण गिर का दौरा किया, जहां एशियाई सिंहों के संरक्षण और उनसे जुड़े पर्यटन प्रबंधन की समीक्षा की गई। समिति ने सिंहों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवास के विस्तार और पर्यटकों के लिए विकसित सुविधाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों ने बताया कि सिंह संरक्षण परियोजनाओं में वैज्ञानिक अनुसंधान, निगरानी प्रणाली और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
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समिति की प्रतिक्रिया
तीन दिनों के व्यापक निरीक्षण और समीक्षा के बाद वित्तीय अनुमान समिति ने वन विभाग की कार्यशैली और वन्यजीव संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। समिति ने माना कि सरकारी अनुदानों का उपयोग अधिकांशतः योजनाबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है।
समिति ने समग्र रूप से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि VanTara, द्वारका मरीन नेशनल पार्क और Barda Wildlife Sanctuary जैसे प्रकल्प गुजरात को वन्यजीव संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिला रहे हैं।
यह दौरा न केवल निगरानी का माध्यम रहा, बल्कि इससे राज्य में पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट रूप से सामने आई।













