Central Vista Redevelopment Project: भारत के प्रशासनिक ढांचे को बदलने वाली ऐतिहासिक परियोजना

🗓️ Published on: December 2, 2025 6:18 pm
Central Vista Redevelopment Project

भारत की राजधानी नई दिल्ली में चल रहा Central Vista Redevelopment Project देश की अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी और तकनीकी रूप से उन्नत सरकारी अवसंरचना परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। लगभग एक सदी पुराने प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक ज़रूरतों के अनुसार फिर से गढ़ने के उद्देश्य से शुरू हुई यह परियोजना केवल इमारतों का नवीनीकरण नहीं, बल्कि शासन की कार्यप्रणाली, सार्वजनिक पहुंच, सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का समग्र पुनर्गठन है।

2019 में आधिकारिक रूप से शुरू हुई इस परियोजना का लक्ष्य राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक 3 किलोमीटर लंबे पूरे इलाके को एक आधुनिक, सुरक्षित, हरित और नागरिक-अनुकूल प्रशासनिक क्षेत्र में बदलना है। 2026 तक पूरी होने वाली यह परियोजना भारत की बढ़ती महाशक्ति स्थिति, प्रशासनिक दक्षता और लोकतांत्रिक मजबूती का प्रतीक मानी जा रही है।

Central Vista Redevelopment Project क्या है?

सरकार द्वारा 2019 में घोषित Central Vista Redevelopment Project नई दिल्ली के ऐतिहासिक ‘लुटियंस ज़ोन’ को पुनर्विकसित करने की एक व्यापक योजना है। इसे सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) द्वारा लागू किया जा रहा है, जबकि समग्र समन्वयन का दायित्व Ministry of Housing and Urban Affairs संभाल रही है।

इस परियोजना का खर्च लगभग ₹13,450 करोड़ आँका गया है।

इसमें शामिल हैं

  • नया संसद भवन
  • Common Central Secretariat
  • उपराष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री आवास/कार्यालय परिसर
  • Kartavya Path (पूर्व में राजपथ) का पुनर्निर्माण
  • नई सांस्कृतिक और संग्रहालय संरचनाएँ
  • Metro Loop Line जैसी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन प्रणाली
  • पुराने ऐतिहासिक भवनों को संग्रहालय व राष्ट्रीय धरोहर केंद्र के रूप में विकसित करना

परियोजना का सबसे बड़ा उद्देश्य है
प्रशासनिक भवनों का एकीकरण
अत्याधुनिक सुरक्षा और डिजिटल ढांचा
ऊर्जा-कुशल डिजाइन
हरित एवं पैदल-अनुकूल सार्वजनिक क्षेत्र
विरासत भवनों का संरक्षण

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कैसे बनी पुनर्विकास की आवश्यकता?

Central Vista क्षेत्र का मूल स्वरूप ब्रिटिश काल में 1911 के दिल्ली दरबार के बाद तैयार हुआ था, जब भारत की राजधानी को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किया गया। सर एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने राष्ट्रपति भवन, संसद भवन तथा नॉर्थ-साउथ ब्लॉक जैसे प्रतिष्ठित भवनों का डिज़ाइन बनाया, जो 1912 से 1931 के बीच निर्मित हुए।

1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद यही क्षेत्र भारतीय लोकतंत्र का केंद्र बन गया-जहाँ संसद, मंत्रालय, राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रीय समारोहों का मुख्य स्थल मौजूद है।

लेकिन समय के साथ समस्याएँ बढ़ने लगीं:

पुराने ढांचे में उभरी चुनौतियाँ

  • भवन 90 से 100 वर्ष पुराने
  • आग सुरक्षा, भूकंपरोधी प्रणाली, डिजिटल नेटवर्क का अभाव
  • मंत्रालयों का शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिखराव
  • किराए पर लिए गए भवनों में उच्च खर्च
  • कर्मचारियों के लिए सीमित कार्यस्थल
  • संरचनात्मक थकान और जर्जर स्थिति

2019 में CPWD के तकनीकी ऑडिट में कई भवन “poor to dilapidated condition” यानी खराब से जर्जर अवस्था में पाए गए।

ऐसे में Central Vista Redevelopment Project स्वाभाविक और आवश्यक कदम के रूप में सामने आया।

क्यों ज़रूरी था Central Vista Redevelopment Project?

1. प्रशासनिक दक्षता

वर्तमान में 51 केंद्रीय मंत्रालय अलग-अलग भवनों में काम करते हैं, जिनमें से कई किराए पर हैं। नई योजना के तहत सभी मंत्रालयों को एक केंद्रीकृत Common Central Secretariat में लाया जाएगा। इससे होगा

  • त्वरित निर्णय-निर्माण
  • बेहतर समन्वय
  • समय और लागत की बचत

2. आधुनिक अवसंरचना

पुराने भवन आधुनिक आईटी सुविधाओं, सुरक्षा और डिजिटलीकरण के अनुकूल नहीं थे।

3. पर्यावरण और स्थिरता

नया डिजाइन

  • ग्रीन बिल्डिंग कोड पर आधारित
  • ऊर्जा-कुशल
  • सौर ऊर्जा और पुनर्चक्रण तकनीक से लैस

4. जन-सुलभ सार्वजनिक स्थान

Kartavya Path को एक खुले, सुंदर और पर्यटक-अनुकूल सार्वजनिक क्षेत्र में बदला गया है।

परियोजना के प्रमुख घटक (Major Components of the Central Vista Redevelopment Project)

यह परियोजना कई बड़े निर्माण और पुनर्निर्माण चरणों में बंटी है। आइए इसके मुख्य घटकों को विस्तार से समझें:

1. नया संसद भवन (New Parliament Building)

उद्घाटन: 28 मई 2023
अनुमानित लागत: ₹1,250 करोड़
निर्माण कंपनी: Tata Projects Ltd.

प्रमुख विशेषताएँ

  • त्रिकोणाकार आधुनिक डिजाइन
  • लोकसभा क्षमता: 888 सीटें
  • राज्यसभा क्षमता: 384 सीटें
  • संयुक्त सत्र के लिए 1,272 सीटों का प्रबंध
  • 150 वर्ष की आयु वाली संरचना
  • नवीनतम डिजिटल सिस्टम
  • भूकंपरोधी डिजाइन
  • सौर ऊर्जा पैनल

नया संसद भवन भारत की लोकतांत्रिक क्षमता, बढ़ती जनसंख्या और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

2. Kartavya Path (पूर्व में राजपथ)

उद्घाटन: 8 सितंबर 2022

पुनर्विकास की मुख्य बातें

  • 3 किमी लंबा पैदल-अनुकूल मार्ग
  • हरे-भरे लॉन
  • आकर्षक नहरें, पुल और स्ट्रीट फर्नीचर
  • 16.5 किमी पैदल पथ
  • 3,890 से बढ़ाकर 4,087 पेड़ों का विस्तार
  • आधुनिक लाइटिंग और सार्वजनिक सुविधाएँ
  • भूमिगत पार्किंग और स्मार्ट सुरक्षा

Kartavya Path अब राष्ट्रीय आयोजनों जैसे गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और पर्यटन के लिए अत्यंत आकर्षक स्थल बन गया है।

3. Common Central Secretariat – Kartavya Bhawan

  • 10 इंटरकनेक्टेड भवन
  • ऊँचाई 42 मीटर से कम (India Gate का सम्मान बनाए रखने हेतु)
  • 75,000+ कर्मचारियों की क्षमता
  • ऊर्जा-कुशल और आधुनिक डिज़ाइन
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
  • पहला परिसर 6 अगस्त 2025 को उद्घाटित होने वाला

यही वह परिसर है जहाँ प्रधानमंत्री कार्यालय, उपराष्ट्रपति का आवास और कई प्रमुख मंत्रालय स्थानांतरित होंगे।

4. प्रधानमंत्री एवं उपराष्ट्रपति के नए आवास परिसर

  • प्रत्येक परिसर लगभग 15 एकड़
  • उच्च सुरक्षा मानकों पर आधारित
  • आवास, कार्यालय और सुरक्षा ढांचा एकीकृत
  • पुराने क्षेत्रों की ट्रैफिक समस्या को कम करने में मदद

5. Indira Gandhi National Centre for Arts (IGNCA)

  • नया परिसर 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित
  • संग्रहालय, आर्काइव, अनुसंधान केंद्र, प्रदर्शनी हॉल
  • आधुनिक सांस्कृतिक क्षेत्र में रूपांतरण

6. Central Vista Metro Loop Line

  • 4 स्टेशन वाली आधुनिक भूमिगत मेट्रो
  • सभी मंत्रालयिक भवनों को जोड़ेगी
  • सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
  • वाहनों की आवाजाही और प्रदूषण में कमी

Central Vista Redevelopment Project के आलोचनात्मक पहलू

कुछ समूहों और विशेषज्ञों ने निम्न मुद्दे उठाए:

1. COVID-19 के दौरान परियोजना का समय

कई लोगों ने इसे महामारी के समय शुरू किए जाने पर प्रश्न उठाया।

2. विरासत संरक्षण से जुड़ी चिंताएँ

कई लोगों ने ऐतिहासिक सौंदर्य के प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की।

3. पारदर्शिता

कुछ विशेषज्ञों ने अनुमोदन प्रक्रिया को सरकार द्वारा नियंत्रित कानूनों के तहत होने पर सवाल उठाए।

4. पर्यावरणीय प्रभाव

हालाँकि सरकार ने कहा कि पेड़ों की कटाई नहीं की गई, फिर भी भूमि उपयोग परिवर्तन को लेकर चर्चाएँ हुईं।

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परियोजना का व्यापक प्रभाव (Impact of the Central Vista Redevelopment Project)

1. पर्यावरणीय लाभ

  • कोई पेड़ नहीं काटा गया; 40,000+ नए पौधे लगाए गए
  • निर्माण अपशिष्ट का पुनर्चक्रण
  • सौर ऊर्जा का उपयोग
  • पैदल पथ और साइकिल ट्रैक
  • भूमिगत पार्किंग से प्रदूषण में कमी

2. प्रशासनिक लाभ

  • मंत्रालय एक स्थान पर होने से त्वरित निर्णय
  • समन्वय में सुधार
  • किराए का खर्च घटेगा
  • मजबूत सुरक्षा और निगरानी
  • डिजिटल शासन को बढ़ावा

3. सामाजिक और सार्वजनिक लाभ

  • Kartavya Path अब अधिक सुंदर, सुलभ और सुरक्षित
  • पुरानी संसद और नॉर्थ-साउथ ब्लॉक का संग्रहालयों में रूपांतरण
  • पर्यटन में वृद्धि
  • राष्ट्रीय कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन

UPSC दृष्टिकोण

Central Vista Redevelopment Project UPSC के लिए महत्वपूर्ण विषय बन चुका है क्योंकि

  • यह आधुनिक भारत की प्रशासनिक संरचना का पुनर्निर्माण कर रहा है
  • संवैधानिक और राजनीतिक महत्व का मुद्दा
  • पर्यावरण, शासन, शहरी नियोजन और सार्वजनिक नीति से संबंधित

2025 तक नया संसद, Kartavya Path और Vice President’s Enclave पूर्ण हो चुके हैं। अन्य सचिवालय भवन 2026 तक पूरे हो जाएंगे।

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निष्कर्ष

Central Vista Redevelopment Project केवल एक अवसंरचना परियोजना नहीं, बल्कि भारत की प्रशासनिक क्षमता, सांस्कृतिक विरासत और भविष्य के शासन मॉडल को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक प्रयास है। पुरानी और कमजोर हो चुकी संरचनाओं को आधुनिक, ऊर्जा-कुशल, सुरक्षित और एकीकृत भवनों से बदलने का यह कदम दुनिया को एक सशक्त, संगठित और विकसित भारत का संदेश देता है।

जहाँ एक ओर इस परियोजना की आलोचना भी हुई, वहीं इसकी दीर्घकालिक उपयोगिता, आर्थिक लाभ, प्रशासनिक सुधार और सांस्कृतिक महत्व इसे 21वीं सदी के भारत के सबसे बड़े और परिवर्तनकारी उपक्रमों में शामिल करते हैं।

नई दिल्ली में उभरता यह आधुनिक प्रशासनिक क्षेत्र आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर शासन, बेहतर पर्यावरण और बेहतर सार्वजनिक स्थानों की नींव रख रहा है—जो भारत के भविष्य की दिशा को मजबूती से परिभाषित करेगा।