Elephant omkar को पकड़कर Vantara भेजने की तैयारी तेज; गोवा-महाराष्ट्र विभाग की संयुक्त कार्रवाई

📝 Last updated on: December 5, 2025 3:39 pm
Elephant omkar

Elephant omkar: गोवा और महाराष्ट्र के वन विभाग एक बार फिर एक ऐसे हाथी की गतिविधियों पर क़रीबी नज़र बनाए हुए हैं, जिसने पिछले चार महीनों में दोनों राज्यों के कई इलाकों में नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 10 वर्षीय जंगली हाथी ओंकार को जल्द ही पकड़कर गुजरात स्थित विश्व-प्रसिद्ध बचाव और पुनर्वास केंद्र Vantara भेजने की योजना बन रही है, क्योंकि न तो गोवा और न ही महाराष्ट्र के पास ऐसे मामलों को संभालने के लिए कोई विशेष सुविधा मौजूद है।

ओंकार 30 नवंबर को एक बार फिर गोवा में दिखाई दिया, जिससे एक लंबी अवधि के बाद उसकी गतिविधियाँ फिर से ट्रैक हो सकीं। सबसे पहले वह परनेम के फकीरपाड़ा में देखा गया, जो उसके राज्य में वापस लौटने का संकेत था। अगले ही दिन हाथी टोरसेम पहुंचा, जहाँ कृषि खेतों और बागानों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सामने आईं। पिछले कुछ दिनों में वह मोपा–उगवेम–निगल्ये–पोरसकाडेम इलाके में घूमते हुए कई केले के बागानों और कुछ वाहनों को क्षतिग्रस्त कर चुका है।

लगातार निगरानी और ड्रोन सर्विलांस

वन विभाग के अनुसार, सितंबर की शुरुआत में ओंकार को आखिरी बार देखा गया था, जिसके बाद वह गोवा-महाराष्ट्र सीमा के घने जंगलों में चला गया था। उसके अचानक गायब होने के कारण विभागों को उसकी गतिविधियों का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं मिल रहा था। लेकिन अब उसके फिर दिखाई देने के बाद दोनों राज्यों ने अपने निगरानी तंत्र को और मजबूत कर लिया है।

गोवा वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जमीन पर तैनात स्टाफ, रेस्क्यू टीमें और ड्रोन ऑपरेटर्स लगातार उसकी गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं। “हम उसके पूरे मूवमेंट को मॉनिटर कर रहे हैं। ड्रोन हमें उसके रूट, रुकने के स्थान और भोजन की तलाश वाले पॉइंट्स को समझने में काफी मदद कर रहे हैं,” अधिकारी ने बताया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि हाथी इन दिनों नारियल, सुपारी और केले खाकर आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों के लोगों से अपील की गई है कि वे हाथी के करीब न जाएँ और किसी भी प्रकार की जानकारी तुरंत वन अधिकारियों को दें।

Elephant omkar के लिए क्यों चुना जा रहा है Vantara?

हाथी को Vantara भेजने का प्रस्ताव इसलिए भी तेज़ हो गया है क्योंकि दोनों राज्यों के पास न तो प्रशिक्षित स्टाफ है और न ही दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए कोई संरक्षित केंद्र। महाराष्ट्र वन विभाग ने पहले ही ओंकार को पकड़ने की योजना तैयार कर ली है और इस प्रक्रिया के लिए हाई कोर्ट से अनुमति भी हासिल कर ली है।

Vantara, जिसे राधे कृष्णा टेम्पल एलिफेंट वेलफेयर ट्रस्ट (RKTWET) द्वारा जामनगर में संचालित किया जाता है, देश के सबसे उन्नत और वैज्ञानिक हाथी देखभाल केंद्रों में से एक माना जाता है। यहाँ अत्याधुनिक उपचार सुविधाएँ, प्राकृतिक आवास, हाइड्रोथेरेपी पूल, पशु अस्पताल और प्रशिक्षित केयर-टेकर उपलब्ध हैं। यही कारण है कि महाराष्ट्र सरकार ने कोर्ट में प्रस्तुत की गई अपनी योजना में Vantara को सबसे उपयुक्त गंतव्य बताया।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “गोवा और महाराष्ट्र दोनों के पास कोई विशेष हाथी पुनर्वास केंद्र नहीं है। ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने औपचारिक रूप से Vantara की सहायता मांगी है। यहां ओंकार को सुरक्षित वातावरण और दीर्घकालिक देखभाल मिल सकती है।”

हाई कोर्ट की अनुमति से प्रक्रिया तेज़

बॉम्बे हाई कोर्ट के कोल्हापुर बेंच ने पिछले महीने मामले की सुनवाई के दौरान 10 वर्षीय जंगली Elephant omkar को पकड़ने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने साफ निर्देश दिए कि हाथी को पकड़ने की पूरी प्रक्रिया तनाव-मुक्त, सुरक्षित और पशु कल्याण मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। साथ ही अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि हाथी को पकड़ने के बाद उसकी देखभाल और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी Vantara संभालेगा।

इस फैसले के बाद वन विभागों को कानूनी तौर पर हस्तक्षेप करने और उचित कदम उठाने की पूरी अनुमति मिल गई है। विशेषज्ञ बताते हैं कि जंगली हाथी को पकड़ने की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील होती है, जिसमें प्रशिक्षित वेटरनरी डॉक्टर्स, महावत और रेस्क्यू टीमें शामिल होंगी।

Elephant omkar से गाँवों में बढ़ती चिंता, प्रशासन सतर्क

जहाँ वन विभाग लगातार कार्रवाई में जुटा है, वहीं प्रभावित गाँवों में ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ रही है। ओंकार द्वारा खेत, बागान और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के कारण लोग लगातार भय में जी रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी इंसान को चोट लगने की कोई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन विभाग को आशंका है कि अगर स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो खतरा बढ़ सकता है।

स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों को सतर्क रहने और अनावश्यक जोखिम न लेने की सलाह दे रहा है। कई गाँवों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि लोग हाथी के मूवमेंट को पहचान सकें और उससे दूरी बनाए रखें।

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अंतिम तैयारी जारी

महाराष्ट्र और गोवा दोनों राज्य अब ओंकार के मूवमेंट पैटर्न को करीब से देख रहे हैं ताकि Elephant omkar को ऐसे समय पकड़ा जाए जब वह शांत हालत में हो और ऑपरेशन बिना किसी जोखिम के पूरा किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही अंतिम रणनीति तैयार कर ली जाएगी और ओंकार को सुरक्षित रूप से Vantara भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।

अगर सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो Elephant omkar जल्द ही Vantara में एक सुरक्षित, संरक्षित और विशेषज्ञों की निगरानी वाले नए वातावरण में पहुंचेगा—जहाँ उसके दीर्घकालिक पुनर्वास और देखभाल की व्यवस्था पहले से मौजूद है।