Surat News Today: सूरत शहर के गोडादरा इलाके में एक बार फिर आग की बड़ी और भयावह घटना सामने आई है। देवद गांव के पास पात्रा के शेड में स्थित एक फर्नीचर गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेज थी कि उसका धुआं कई किलोमीटर दूर तक नजर आया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। फायर ब्रिगेड की टीमें देर रात से लेकर तड़के तक आग पर काबू पाने के लिए जूझती रहीं।
रात में अचानक लगी आग, तेजी से फैली लपटें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फर्नीचर गोदाम लकड़ी के फर्नीचर के निर्माण और भंडारण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। गोदाम के भीतर बड़ी मात्रा में लकड़ी, गोंद, केमिकल और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद थी। आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में भयानक रूप ले लिया। आग लगने का सटीक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।
कई गोदाम आग की चपेट में आने की आशंका
स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि पास के अन्य गोदामों तक पहुंचने का खतरा पैदा हो गया। प्रारंभिक अनुमान है कि एक से अधिक फर्नीचर गोदाम आग की चपेट में आ सकते हैं। तेज लपटों और धुएं के कारण आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग घरों से बाहर निकल आए।
6 फायर स्टेशनों से भेजी गईं 10 से ज्यादा दमकल गाड़ियां
आग की सूचना मिलते ही सूरत फायर एंड इमरजेंसी सर्विस तुरंत हरकत में आ गई। शहर के 6 अलग-अलग फायर स्टेशनों से 10 से अधिक दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। जैसे-जैसे आग की गंभीरता बढ़ती गई, वैसे-वैसे अतिरिक्त संसाधन भी बुलाए गए। बाद में मौके पर कुल 22 से 25 दमकल गाड़ियां और लगभग 40 से 50 फायरफाइटर्स आग बुझाने में जुटे रहे।
फायर ब्रिगेड कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार और फोम का इस्तेमाल कर आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। हालांकि, शेड के अंदर आग लगने और भारी मात्रा में लकड़ी मौजूद होने के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई आई।
तड़के तक आग रही बेकाबू, धुआं फैलता रहा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब तीन बजे तक आग पूरी तरह काबू में नहीं आ सकी थी। दमकलकर्मी लगातार लपटों को शांत करने में लगे रहे। पूरे इलाके में धुएं का गुबार छाया रहा, जिससे सांस लेने में भी दिक्कतें महसूस की गईं। एहतियातन आसपास की कुछ कमर्शियल यूनिट्स को खाली कराया गया।
रेजिडेंशियल और कमर्शियल इलाकों में मची अफरा-तफरी
आग लगने की खबर फैलते ही आसपास के रेजिडेंशियल और व्यावसायिक इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए, वहीं सड़क से गुजरने वाले वाहन भी रुक गए, जिससे ट्रैफिक बाधित हुआ। पुलिस और फायर विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और सुरक्षा घेरा बनाया।
राहत की बात यह रही कि इस भीषण हादसे में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, गोदाम में रखे भारी मात्रा में फर्नीचर और कच्चे माल के जलने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
फायर सेफ्टी नियमों पर फिर उठे सवाल
गौरतलब है कि गोडादरा और आसपास के इलाकों में शेड और गोदामों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने फायर सेफ्टी नियमों के पालन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई गोदामों में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं होते और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जाती है।
डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर का बयान
इस घटना पर जानकारी देते हुए डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर प्रकाशभाई ने बताया कि यह एक फर्नीचर गोदाम है, जहां देर शाम आग लगने की सूचना मिली थी। उन्होंने कहा, “हमें शाम 6:44 बजे कॉल मिला था। इसके बाद तुरंत दमकल गाड़ियों को रवाना किया गया। फिलहाल मौके पर 22 से 25 गाड़ियां और 40 से 50 फायरफाइटर्स तैनात हैं। सभी वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर लगभग 90 प्रतिशत तक काबू पा लिया गया है। “अभी कुछ जगहों पर लपटें दिखाई दे रही हैं, जिन्हें भी बुझाने का काम जारी है। पूरी तरह से आग बुझने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा,” उन्होंने कहा।
जांच जारी, नुकसान का आकलन बाकी-Surat News Today
फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें आग बुझने के बाद कूलिंग ऑपरेशन चलाएंगी, ताकि दोबारा आग भड़कने की संभावना न रहे। इसके साथ ही आग लगने के कारणों की जांच भी की जाएगी। शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कहीं फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई थी।
Surat News Today–Saurashtra Express के अनुसार, यह घटना एक बार फिर शहरी इलाकों में गोदामों और औद्योगिक शेड्स में सख्त फायर सेफ्टी नियमों को लागू करने की जरूरत पर जोर देती है। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन अगर थोड़ी भी देरी होती, तो यह हादसा और भी बड़ा रूप ले सकता था।













