भारत के शुष्क घास के मैदानों में कभी गर्व से विचरण करने वाला ग्रेट इंडियन बस्टर्ड आज दुनिया के सबसे संकटग्रस्त पक्षियों में गिना जाता है। एक समय यह पक्षी राजस्थान, गुजरात, मध्य भारत और दक्कन के विस्तृत घास के मैदानों में आम तौर पर देखा जाता था, लेकिन अब इसकी संख्या इतनी कम हो चुकी है कि इसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।
आज वैश्विक स्तर पर Great Indian Bustard की कुल संख्या करीब 200 के आसपास सिमट चुकी है। यह आंकड़ा न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह दर्शाता है कि यदि तुरंत और ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह पक्षी आने वाले वर्षों में पूरी तरह विलुप्त हो सकता है।
यह विस्तृत रिपोर्ट Great Indian bustard Facts पर आधारित है, जिसमें इस पक्षी की पहचान, शारीरिक बनावट, जीवनशैली, भोजन, प्रजनन, खतरों और संरक्षण प्रयासों की पूरी जानकारी सरल और स्पष्ट हिन्दी में प्रस्तुत की गई है।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का परिचय
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का वैज्ञानिक नाम Ardeotis nigriceps है। यह दुनिया के सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक माना जाता है। यह पक्षी मुख्य रूप से खुले और शुष्क घास के मैदानों में रहना पसंद करता है, जहाँ पेड़ों की संख्या कम होती है और दूर तक देखने की सुविधा मिलती है।
इस पक्षी का अस्तित्व सीधे-सीधे घास के मैदानों से जुड़ा हुआ है। दुर्भाग्य से, भारत में घास के मैदानों को लंबे समय तक “बेकार ज़मीन” समझा गया, जिसके कारण इन्हें खेती, सड़क, उद्योग और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए नष्ट कर दिया गया।
Great Indian bustard Facts: मुख्य जानकारियाँ एक नज़र में
सामान्य नाम
Great Indian Bustard
वैज्ञानिक नाम
Ardeotis nigriceps
वैश्विक जनसंख्या
लगभग 200 पक्षी
औसत ऊँचाई
करीब 100 सेंटीमीटर (1 मीटर)
पंखों का फैलाव
210 से 250 सेंटीमीटर
औसत वजन
15 से 18 किलोग्राम
संरक्षण स्थिति
- भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध
- CMS Convention में शामिल
- CITES Appendix-I में संरक्षित
- IUCN Red List में Critically Endangered
- भारत की National Wildlife Action Plan (2002–2016) में शामिल
- पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की Integrated Development of Wildlife Habitats योजना के तहत रिकवरी प्रोग्राम में चयनित
ये तथ्य स्पष्ट करते हैं कि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को कानूनी रूप से सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है, इसके बावजूद इसकी स्थिति बेहद नाज़ुक बनी हुई है।
शारीरिक बनावट और पहचान
Great Indian bustard Facts में इसकी विशिष्ट पहचान सबसे अहम पहलुओं में से एक है।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का शरीर मजबूत और भारी होता है। इसके लंबे पैर और सीधी चाल इसे अन्य पक्षियों से अलग बनाती है।
प्रमुख शारीरिक विशेषताएँ
- माथे पर स्पष्ट काला मुकुट, जो हल्के रंग की गर्दन और सिर से अलग दिखाई देता है
- भूरे रंग का शरीर, जो घास के मैदानों में इसे छिपने में मदद करता है
- पंखों पर काले, भूरे और स्लेटी रंग के मिश्रित पैटर्न
नर और मादा लगभग समान ऊँचाई और वजन के होते हैं, लेकिन नर की पहचान कुछ विशेष लक्षणों से होती है:
- बड़ा और गहरा काला मुकुट
- छाती पर काली पट्टी
ये लक्षण विशेष रूप से प्रजनन काल के दौरान अधिक स्पष्ट हो जाते हैं।
प्रजनन और जीवन चक्र
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का प्रजनन व्यवहार इसे और अधिक संवेदनशील बनाता है।
प्रजनन का समय
अधिकतर प्रजनन मानसून के मौसम में होता है, जब भोजन अपेक्षाकृत अधिक उपलब्ध होता है।
नर की आवाज़ और आकर्षण
नर बस्टर्ड के गले में एक विशेष संरचना होती है जिसे गुलर पाउच कहा जाता है। इसकी मदद से नर एक गूंजदार आवाज़ निकालता है, जो करीब 500 मीटर दूर तक सुनी जा सकती है। यही आवाज़ मादा को आकर्षित करने का प्रमुख माध्यम होती है।
अंडा देना
- मादा एक बार में सिर्फ एक अंडा देती है
- अंडा खुले मैदान में ज़मीन पर ही दिया जाता है, कोई घोंसला नहीं बनाया जाता
यह सीमित प्रजनन क्षमता इस पक्षी की संख्या बढ़ने में सबसे बड़ी बाधा है।
बच्चों की देखभाल
Great Indian bustard Facts का एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि नर बच्चे की देखभाल में कोई भूमिका नहीं निभाता। अंडे से लेकर बच्चे के बड़े होने तक सारी ज़िम्मेदारी मादा पर ही होती है। बच्चा अगली प्रजनन ऋतु तक माँ के साथ रहता है।
भोजन और आहार
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड एक opportunistic feeder है, यानी उपलब्धता के अनुसार भोजन करता है।
मुख्य आहार
- घास के बीज
- कीट-पतंगे जैसे टिड्डे और भृंग
कभी-कभी
- छोटे कृंतक
- सरीसृप
इसका आहार यह दर्शाता है कि यह पक्षी पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
प्राकृतिक आवास
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को खुले और समतल क्षेत्र पसंद हैं।
पसंदीदा आवास
- शुष्क घास के मैदान
- अर्ध-शुष्क क्षेत्र
- झाड़ीदार खुले इलाके
इन आवासों के नष्ट होने से यह पक्षी तेजी से अपने सुरक्षित ठिकानों को खोता गया।
विलुप्ति के प्रमुख कारण
1. शिकार और अवैध हत्या
पाकिस्तान में अब भी शिकार एक बड़ा खतरा है। भारत में भी संरक्षित क्षेत्रों के बाहर कभी-कभी अवैध शिकार की घटनाएँ सामने आती हैं।
2. हाई-टेंशन बिजली लाइनों से टकराव
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड भारी शरीर और सीमित दृष्टि के कारण उड़ते समय बिजली की तारों को नहीं देख पाता, जिससे जानलेवा दुर्घटनाएँ होती हैं।
3. तेज़ रफ्तार वाहन
सड़कों और हाईवे के कारण इनके प्राकृतिक क्षेत्र खंडित हो गए हैं, जिससे वाहन दुर्घटनाएँ बढ़ी हैं।
4. आवारा कुत्ते
गाँवों के आसपास घूमने वाले आवारा कुत्ते अंडों और बच्चों के लिए गंभीर खतरा हैं।
5. आवास का नष्ट होना
खेती का विस्तार, सिंचाई परियोजनाएँ, सड़कें, बिजली के खंभे, खनन और औद्योगिक विकास ने इनके आवास को बुरी तरह प्रभावित किया है।
कानूनी संरक्षण और सरकारी प्रयास
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को भारत में सर्वोच्च कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इसे बाघ और हाथी जैसी श्रेणी में रखा गया है।
सरकार द्वारा इसे Integrated Development of Wildlife Habitats योजना के तहत पुनर्जीवन कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
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WWF-India की भूमिका
WWF-India ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
प्रमुख पहल
- State Action Plan for Resident Bustard Recovery Programme के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने में सहयोग
- जनसंख्या में गिरावट को लेकर जागरूकता फैलाना
- राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रित संरक्षण कार्यक्रम की वकालत
WWF-India फिलहाल डेज़र्ट नेशनल पार्क के आसपास संरक्षण कार्य कर रहा है और भविष्य में गुजरात में भी इस काम को विस्तार देने की योजना है।
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ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का संरक्षण क्यों ज़रूरी है
Great Indian bustard Facts यह स्पष्ट करते हैं कि यह पक्षी केवल एक प्रजाति नहीं, बल्कि पूरे घास के मैदान पारिस्थितिकी तंत्र का संकेतक है। इसका संरक्षण अनेक अन्य जीवों और वनस्पतियों की रक्षा भी सुनिश्चित करता है।
आगे की राह
यदि बिजली की लाइनों को भूमिगत किया जाए, आवारा कुत्तों पर नियंत्रण हो, और घास के मैदानों को संरक्षित किया जाए, तो अभी भी इस पक्षी को बचाया जा सकता है।
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निष्कर्ष
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की कहानी हमें यह सिखाती है कि विकास और संरक्षण के बीच संतुलन कितना ज़रूरी है। ये Great Indian bustard Facts केवल जानकारी नहीं, बल्कि चेतावनी हैं।
अगर आज ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियाँ इस अद्भुत पक्षी को केवल तस्वीरों में ही देख पाएँगी।













