नई दिल्ली में मंगलवार का दिन भारतीय खेल जगत के लिए बेहद खास रहा, जब वर्ल्ड चैंपियन indian blind cricket team ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की। हाल ही में ब्लाइंड वुमेंस T20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने वाली इस टीम ने अपनी ट्रॉफी के साथ प्रधानमंत्री आवास पहुंचकर यह खुशी उनके साथ साझा की। खिलाड़ियों ने संयुक्त रूप से PM मोदी को एक खास तोहफ़ा—टीम के सभी सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित क्रिकेट बैट-भेंट किया।

पहली बार हुआ था indian blind cricket team T20 वर्ल्ड कप, भारतीय टीम बनी चैंपियन
महिला ब्लाइंड क्रिकेट के इतिहास में यह पहला T20 वर्ल्ड कप था, और भारत ने इसे जीतकर दुनिया को अपने कौशल और जज़्बे का शानदार परिचय दिया। 23 नवंबर को कोलंबो में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने नेपाल को 7 विकेट से मात देते हुए खिताब अपने नाम किया। T20 प्रारूप में इस तरह का टूर्नामेंट पहली बार आयोजित किया गया था, इसलिए यह जीत भारतीय खिलाड़ियों के लिए और भी यादगार बन गई।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया
टीम के दिल्ली पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल उनसे बातचीत की बल्कि खिलाड़ियों को लड्डू खिलाकर विजयी यात्रा का जश्न भी मनाया। खिलाड़ियों ने अपनी उपलब्धियों को PM के साथ साझा किया, वहीं मोदी ने टीम की ट्रॉफी उठाकर विजय का उल्लास व्यक्त किया। बातचीत के दौरान PM मोदी ने एक ब्लाइंड क्रिकेट बॉल पर भी अपने हस्ताक्षर किए, जो खिलाड़ियों के लिए एक यादगार पल बन गया।

9 राज्यों की 16 खिलाड़ी-मजबूत और विविध टीम
वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय महिला ब्लाइंड टीम का गठन देशभर से चुनी गई 16 खिलाड़ियों से हुआ था। इस टीम की कप्तानी कर्नाटक की दीपिका टी.सी. ने संभाली। अन्य खिलाड़ी महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली, असम और बिहार जैसे राज्यों से आई थीं। खिलाड़ियों को ब्लाइंड क्रिकेट की ट्रेनिंग स्कूलों, NGO समूहों और विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से मिली।
यह विविधता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा देश के हर कोने में मौजूद है और सही अवसर मिलते ही वह वैश्विक स्तर पर चमक सकती है।
11 नवंबर से शुरू हुआ था टूर्नामेंट, 6 देशों की टीमों ने लिया हिस्सा
पहली बार आयोजित हुए ब्लाइंड वुमेंस T20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 11 नवंबर को दिल्ली में हुई थी। टूर्नामेंट में कुल छह टीमें शामिल थीं—भारत, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, पाकिस्तान और अमेरिका।
ग्रुप स्टेज में प्रत्येक टीम को पाँच-पाँच मैच खेलने थे, जिनके आधार पर टॉप-4 टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। भारत और नेपाल ने अपने-अपने नॉकआउट मुकाबले जीतते हुए फाइनल में जगह बनाई, जिसके बाद भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता।
कैसे खेला जाता है ब्लाइंड क्रिकेट? जानिए इसके नियम
ब्लाइंड क्रिकेट साधारण क्रिकेट से कई मायनों में अलग होता है। इस खेल में प्लास्टिक की उस गेंद का उपयोग किया जाता है, जिसमें लोहे की बॉल-बियरिंग लगी होती हैं। गेंद जब जमीन पर गिरती है तो इसमें से आवाज आती है, ताकि बल्लेबाज उसे सुनकर शॉट खेल सके।
इस खेल में खिलाड़ियों को तीन श्रेणियों में बांटा जाता है—
- B1: पूरी तरह दृष्टिहीन खिलाड़ी
- B2 और B3: आंशिक रूप से देखने वाले खिलाड़ी
टीम में इन तीनों श्रेणियों के खिलाड़ियों का शामिल होना अनिवार्य है। गेंदबाज अंडरआर्म गेंदबाज़ी करते हैं, जबकि B1 बल्लेबाजों को सुरक्षा कारणों से एक रनर दिया जाता है। उनके द्वारा बनाए गए हर रन को दो रन गिना जाता है।
ब्लाइंड क्रिकेट का यह स्वरूप खेल की चुनौतियों और खिलाड़ियों की अद्भुत प्रतिभा को उजागर करता है।
भारत की पुरुष ब्लाइंड टीम पहले ही कई बार विश्वविजेता रह चुकी है
महिला टीम की इस उपलब्धि के साथ भारत की ब्लाइंड क्रिकेट क्षमता और मजबूत हो गई है। भारतीय पुरुष ब्लाइंड क्रिकेट टीम पहले ही कई वन-डे और T20 वर्ल्ड कप अपने नाम कर चुकी है और विश्व में हमेशा शीर्ष दावेदारों में रही है।
महिला टीम ने इस बार पहली ही कोशिश में वर्ल्ड कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है और यह उपलब्धि ऐतिहासिक मानी जा रही है।
महिला एबल्ड क्रिकेट टीम ने भी इसी महीने जीता था वर्ल्ड कप
यही नहीं, नवंबर का महीना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बेहद सफल रहा। ब्लाइंड क्रिकेट टीम से पहले 2 नवंबर को भारतीय महिला एबल्ड क्रिकेट टीम ने भी अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था।
हर्मनप्रीत कौर की अगुवाई वाली इस टीम ने नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को हराते हुए खिताब अपने नाम किया। सेमीफाइनल में उन्होंने डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

खिलाड़ियों की सफलता पर देशभर में खुशी की लहर
indian blind cricket team की विश्व विजेता बनने की उपलब्धि ने पूरे देश में उत्साह का माहौल बना दिया है। सोशल मीडिया पर खिलाड़ियों की तारीफों की बाढ़ आ गई है, वहीं खेल विशेषज्ञों ने इसे भारतीय खेल इतिहास का एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय बताया है।
प्रधानमंत्री के साथ उनकी मुलाकात ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को और बढ़ाया है, और यह जीत निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।











