Indian Railways: देशभर में हुई भारी संख्या में फ्लाइट रद्द होने के बाद यात्रियों का बड़ा हिस्सा रेल यात्रा की ओर मुड़ गया है। बढ़ती मांग और अचानक बढ़े दबाव को देखते हुए Indian Railways ने शुक्रवार को बड़ी घोषणा करते हुए 37 प्रमुख ट्रेनों में कुल 116 अतिरिक्त कोच जोड़ने का निर्णय लिया। रेल मंत्रालय के अनुसार, ये कोच 114 अलग-अलग ट्रिप्स में लगाए जाएंगे, ताकि भीड़ कम हो सके और फंसे हुए यात्रियों को सुगम यात्रा मिल सके।
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इस आपात विस्तार में सबसे बड़ी भूमिका Southern Railway की रही, जिसने 6 दिसंबर से 18 ट्रेनों में अतिरिक्त चेयर कार और स्लीपर कोच जोड़े हैं। दक्षिण भारत के कई प्रमुख रूट्स पर पिछले दो दिनों से लगातार भीड़ बढ़ रही थी, ऐसे में इन नए कोचों से यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
Northern Railway ने भी यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए आठ महत्वपूर्ण ट्रेनों में 3AC और चेयर कार कोच जोड़ दिए हैं। दिल्ली, लखनऊ, अमृतसर और जम्मू जाने वाली कई ट्रेनों में यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इसके अलावा Western Railway ने भी 6 दिसंबर से शुरू होने वाली चार ट्रेनों में 2AC और 3AC कोच शामिल किए हैं, ताकि पश्चिमी भारत के व्यस्त रूट्स पर भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
पूर्व भारत की ओर, East Central Railway ने 6 से 10 दिसंबर के बीच राजेंद्र नगर–नई दिल्ली मार्ग पर पांच ट्रिप्स के लिए 2AC कोच बढ़ाए हैं। वहीं East Coast Railway ने भुवनेश्वर–नई दिल्ली रूट पर अतिरिक्त 2AC कोच लगाए हैं, जिससे राजधानी और पूर्वी राज्यों के बीच यात्रा सुगम होगी।
इसके साथ ही Eastern Railway ने 7 और 8 दिसंबर के लिए तीन ट्रेनों में छह ट्रिप्स के दौरान स्लीपर कोच जोड़े हैं। उत्तर-पूर्व क्षेत्र में भी मांग तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते Northeast Frontier Railway ने 6 से 13 दिसंबर के बीच दो ट्रेनों में 3AC और स्लीपर कोच शामिल किए हैं—यह बदलाव हर ट्रेन में आठ-आठ ट्रिप्स पर लागू होगा।
बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए Indian Railways केवल कोच बढ़ाने पर ही निर्भर नहीं है। रेल मंत्रालय ने बताया कि यात्रियों के दबाव को संभालने के लिए चार विशेष ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। इनमें शामिल हैं
- गोरखपुर–आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल,
- नई दिल्ली–मार्टर कैप्टन तुषार महाजन वंदे भारत स्पेशल,
- नई दिल्ली–मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट स्पेशल,
- हजरत निजामुद्दीन–तिरुवनंतपुरम वन-वे सुपरफास्ट स्पेशल।
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन सभी उपायों का उद्देश्य अचानक बढ़ी यात्री संख्या के बावजूद देशभर में कनेक्टिविटी को सुचारू रखना और यात्रा में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करना है। फ्लाइट कैंसिल होने से जो दबाव एकदम से रेलवे पर आया, उसे संभालने के लिए इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई को आवश्यक माना जा रहा है।
जैसे-जैसे स्थिति सामान्य होगी, रेलवे मांग और परिस्थितियों के आधार पर और कोच या विशेष ट्रेनें जोड़ने पर भी विचार कर सकता है। फिलहाल, अतिरिक्त कोच और स्पेशल ट्रेनों से लाखों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो कठिन समय में सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की तलाश में हैं।












