Jagdish Vishwakarma: (Jagdish Panchal)गुजरात की राजनीति में उभरते संगठन निर्माता की सम्पूर्ण जीवनी, उम्र, परिवार, करियर और विरासत

🗓️ Published on: December 2, 2025 1:53 am
Jagdish Vishwakarma

Jagdish Vishwakarma: गुजरात की राजनीति में एक ऐसा नाम लगातार प्रभाव बढ़ा रहा है जिसने जमीनी स्तर से उठकर न केवल विधानसभा में अपनी मजबूत पहचान बनाई, बल्कि संगठन और शासन-दोनों क्षेत्रों में अपनी रणनीतिक क्षमता का प्रभाव भी दृढ़ता से स्थापित किया। यह नाम है Jagdish Vishwakarma, जिन्हें लोग प्रेम से जगदीश भाई कहकर पुकारते हैं। एक साधारण उद्योगकारी परिवार में जन्म लेकर, अहमदाबाद की गलियों से चलकर उन्होंने गुजरात और भाजपा दोनों में निर्णायक नेतृत्व की भूमिका निभाई है।

2025 में उन्हें गुजरात भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया-यह कदम न केवल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था, बल्कि सामाजिक संतुलन, संगठनात्मक मजबूती और OBC प्रतिनिधित्व की दृष्टि से एक ऐतिहासिक निर्णय माना गया।
उनकी राजनीति की पहचान केवल पदों से नहीं, बल्कि उनकी शांत शैली, रणनीतिक सोच, और समाज के छोटे तबकों को साथ लेकर चलने की क्षमता से बनती है।

प्रोफ़ाइल एक नज़र में

फ़ैक्टडिटेल्स
पूरा नामJagdish Ishwarbhai Vishwakarma (Panchal)
जन्म तिथि12 अगस्त 1973
जन्म स्थानअहमदाबाद, गुजरात
शिक्षा12वीं पास, F.Y.B.A. (Gujarat University)
राजनीतिक पहचानतीन बार के विधायक, पूर्व राज्यमंत्री, 2025 में गुजरात BJP अध्यक्ष
परिवारपत्नी—अलकाबेन, तीन बच्चे
नेट वर्थलगभग ₹29 करोड़ (2022 के अनुसार)
सोशल मीडियाX (Twitter): @MLAJagdish, 41,000 से अधिक फॉलोअर्स
जाति और सामाजिक पृष्ठभूमिOBC—विशेषकर विष्वकर्मा/पंचाल समुदाय से
पेशाराजनेता और टेक्सटाइल मशीनरी व्यवसायी

प्रारंभिक जीवन: अहमदाबाद के श्रमिक-उद्योग क्षेत्र से निकला एक दृढ़ व्यक्तित्व

अहमदाबाद का ठक्करबापानगर क्षेत्र-जहाँ ऊँची मिलों की चिमनियाँ, कारीगरों की दुकानें, छोटी फैक्ट्रियाँ और सामुदायिक जीवन का अनोखा संगम देखने को मिलता है—यहीं से Jagdish Vishwakarma की यात्रा शुरू हुई।
12 अगस्त 1973 को एक साधारण Vishwakarma (Panchal) परिवार में जन्मे जगदीश भाई के पिता इश्वरभाई भगवणभाई पंचाल एक अनुशासनप्रिय और परिश्रमी व्यक्ति थे। पारंपरिक कारीगरी से जुड़े होने के कारण परिवार में परंपरा, परिश्रम और कौशल तीनों की गहरी जड़ें थीं।

बचपन से ही जगदीश भाई ने गुजरात के औद्योगिक माहौल को बहुत करीब से महसूस किया-मशीनों की आवाज़, मिल मजदूरों का संघर्ष, छोटे व्यापारों की चुनौतियाँ और समुदायों की एकजुटता ने उनकी सोच को दिशा दी।
इन्हीं अनुभवों ने उनके भीतर समाज और उद्योग—दोनों के बीच सेतु बनने का बीज बोया, जो बाद में उनकी राजनीतिक पहचान का आधार बना।

शिक्षा: व्यावहारिक जीवन से सीखने वाला व्यक्तित्व

Jagdish Vishwakarma ने 1988 में 10वीं और 1991 में 12वीं की पढ़ाई पूरी की। 1993 में उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी में F.Y.B.A. किया।
हालाँकि वे पूर्ण डिग्री तक नहीं गए, लेकिन विश्वविद्यालय के दौरान उन्हें राजनीति, शासन और सामाजिक विषमताओं के बारे में गहरी समझ मिली।

कई बार वे मिल मजदूरों और छोटे व्यापारियों के मुद्दे सुनते थे, जो आगे चलकर उनके राजनीतिक दृष्टिकोण का मुख्य आधार बना-“उद्योग और समाज एक-दूसरे के पूरक होकर ही आगे बढ़ सकते हैं।”

राजनीतिक शुरुआत: एक बूथ कार्यकर्ता से लगातार तीन बार विधायक बनने तक

1998 में BJP से एक बूथ इन-चार्ज के रूप में उनका सफर शुरू हुआ। बूथ स्तर पर काम करते हुए उन्होंने मोहल्लों, मजदूर बस्तियों, बाजारों और मिल क्षेत्रों में भाजपा का जनाधार मजबूत किया।

2012: निकोल सीट से पहली शानदार जीत

जब पार्टी ने 2012 में उन्हें निकोल विधानसभा सीट से टिकट दिया, तब तक जगदीश भाई स्थानीय स्तर पर एक जानी-मानी हस्ती बन चुके थे।
विकास, उद्योग पुनरुद्धार और कॉलोनियों में बेहतर सुविधाओं के मुद्दों पर उन्होंने चुनाव लड़ा और पहली बार विधान सभा पहुँचे।

2017: और बड़ा जनादेश

दूसरे कार्यकाल में उनकी जीत का अंतर और भी बढ़ गया।
इस दौरान वे अहमदाबाद BJP की कोर टीम में शामिल हुए और BJP उद्योग प्रकोष्ठ के संयोजक बने।

2022: तीसरी बार रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीता

55,000 से अधिक मतों के अंतर ने साबित किया कि निकोल में उनका जनाधार बेहद मजबूत है।
उनकी लगातार तीन जीतों ने उन्हें संगठन और सरकार-दोनों जगह उच्च दायित्व दिलाए।

मंत्रालय की जिम्मेदारियाँ और उपलब्धियाँ: उद्योग, MSME और सहयोग क्षेत्र का पुनर्निर्माण

सितंबर 2021 से Jagdish Vishwakarma को राज्य मंत्रालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ मिलीं, जिनमें शामिल हैं:

  • सहकारिता विभाग
  • MSME
  • सॉल्ट इंडस्ट्रीज़
  • सिविल एविएशन
  • प्रोटोकॉल
  • पर्यावरण और वन (प्रारंभिक कार्यकाल)

उनकी नीतियों ने विशेषकर OBC, कारीगर और छोटे उद्योगों के लिए बड़े बदलाव लाए।

महिलाओं का ऐतिहासिक चर्खा रिकॉर्ड—2022

अगस्त 2022 में स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने अहमदाबाद में 7,500 महिलाओं को एक साथ चर्खा चलाने का आयोजन कराया।
यह आयोजन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना—और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे।

यह कार्यक्रम कला, स्वावलंबन और महिला सशक्तिकरण, तीनों का उत्कृष्ट प्रतीक बना।

MSME सुधार: गुजरात के छोटे उद्योगों को डिजिटल युग में लाना

उन्होंने छोटे उद्योगों के लिए डिजिटल प्रक्रियाओं को आसान किया, जिससे:

  • उद्योगों को मिलने वाला लोन तेज हुआ
  • नई टेक्नोलॉजी अपनाने में सहायता मिली
  • कारीगर समुदायों का उत्पादन बढ़ा

2025: गुजरात BJP के अध्यक्ष के रूप में ऐतिहासिक नियुक्ति

3 अक्टूबर 2025 को Jagdish Vishwakarma को गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनाया गया।
उनकी इस नियुक्ति के कई राजनीतिक अर्थ हैं

1. OBC प्रतिनिधित्व को मजबूत बनाना

गुजरात में OBC समुदाय जनसंख्या का बड़ा हिस्सा है।
उनकी नियुक्ति से पार्टी इस वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत कर पाई।

2. संगठन को स्थिर नेतृत्व

18 महीने तक पद खाली रहने के बाद उन्हें सर्वसम्मति से चुना गया।
इससे भाजपा को एक व्यावहारिक, शांत और रणनीतिक अध्यक्ष मिला।

3. शहरी + ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वीकृति

वह शहर के उद्योगों और ग्रामीण कारीगरों-दोनों समुदायों को जोड़ने वाले नेता हैं।

सोशल मीडिया उपस्थिति और सार्वजनिक छवि

उनका X (Twitter) अकाउंट @MLAJagdish पर 41,000+ फॉलोअर्स हैं।

2025 में उनका अकाउंट कुछ समय के लिए हैक हुआ था, जिसमें गलत पोस्ट डालकर उन्हें “भारत का प्रधानमंत्री” बताया गया।
लेकिन तुरंत FIR दर्ज करवाई गई और अकाउंट वापस मिला—यह घटना उनके डिजिटल सतर्कता की मिसाल भी बन गई।

व्यक्तिगत जीवन: परिवार है उनकी मजबूती की रीढ़

जगदीश भाई विष्वकर्मा का निजी जीवन बेहद सरल और परिवार-केंद्रित है।
पत्नी अलकाबेन एक गृहिणी हैं और कई सामाजिक कार्यक्रमों में वे जगदीश भाई के साथ खड़ी रहती हैं।

तीन बच्चों को हमेशा सार्वजनिक जीवन से दूर रखा गया है-वे पारिवारिक परंपराओं, शिक्षा और विनम्रता को प्राथमिकता देते हैं।

परिवार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता कई सार्वजनिक तस्वीरों में साफ दिखाई देती है-त्योहारों, स्थानीय कार्यक्रमों और समाज की बैठकों में वे परिवार संग अक्सर शामिल होते हैं।

नेट वर्थ और वित्तीय स्थिति: सादगी और स्थिरता का संयोजन

2022 के चुनावी हलफ़नामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति लगभग:

  • ₹29 करोड़

जिसमें शामिल हैं

  • ₹20.42 करोड़ मूल्य की कृषि/गैर-कृषि जमीन
  • ₹8.64 करोड़ की मूवेबल संपत्ति
  • ₹2.29 करोड़ की देनदारियाँ
  • टेक्सटाइल मशीनरी बिजनेस से नियमित आय

वे न तो अपनी संपत्ति का दिखावा करते हैं, न ही महँगी जीवनशैली अपनाते हैं।
उनका emphasis हमेशा निवेश और समुदाय-उन्मुख कार्यों पर रहा है।

मानवीय पक्ष और रोचक किस्से

  • एक चुनावी रैली में उन्होंने एक बुजुर्ग की टूटी चप्पल मंच पर ही ठीक कर दी-यह वीडियो वायरल हुआ।
  • वे सुबह-सुबह महीनों तक साइकिल पर मोहल्लों में जाकर वोटर लिस्ट बाँटते थे।
  • उन्हें एयर-कंडीशन हॉल की जगह खुले मैदान की मीटिंग ज्यादा पसंद है।
  • कार्यक्रमों में कभी-कभी वे गुजराती में प्रेरक कविता भी सुनाते हैं।

ये छोटी-छोटी बातें उन्हें आम कार्यकर्ताओं के दिलों के और करीब ले आती हैं।

धर्मार्थ कार्य और सामाजिक समीकरण

एक मंत्री होने के बावजूद उन्होंने खास तौर पर

  • किसान सहकारी समितियों
  • कारीगर समूहों
  • महिला स्वावलंबन अभियानों
  • खादी और ग्रामीण उद्योगों
  • नमक मजदूरों

के लिए लगातार कार्य किया है।
वे कई NGO के साथ मिलकर शिक्षा, स्किल ट्रेनिंग और स्वच्छता अभियानों का समर्थन करते हैं।

उनकी छवि “कार्यकर्ता-मुखी नेता” के रूप में स्थापित है।

गुजरात और देश की राजनीति पर प्रभाव

Jagdish Vishwakarma का उदय OBC राजनीति की नई दिशा का प्रतीक है।
उन्होंने दिखाया कि परिश्रम, रणनीति और जनसेवा के साथ कोई व्यक्ति बूथ स्तर से प्रदेश अध्यक्ष तक पहुँच सकता है।

उनकी नेतृत्व शैली में तीन मुख्य विशेषताएँ दिखती हैं:

  1. संगठन को मजबूत करना
  2. उद्योग + समाज का संतुलित मॉडल
  3. सहयोगी और शांत नेतृत्व

गुजरात की विकासधारा-जहाँ उद्योग और उद्यमिता की बड़ी भूमिका है-वहाँ उनका योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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निष्कर्ष: जनसेवा, संगठन और उद्योग-तीनों का संतुलित नेता

जगदीश विष्वकर्मा की कहानी किसी फिल्मी नायक की तरह नाटकीय नहीं है।
यह कहानी है धीरे-धीरे, निरंतर और स्थिर गति से आगे बढ़ने की
उस नेता की, जिसने कभी अपनी जड़ों को नहीं छोड़ा।

अहमदाबाद की गलियों से गुजरात भाजपा के शीर्ष पद तक पहुँचने का उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

उनका जीवन संदेश देता है
“राजनीति का असली अर्थ है सेवा, संघर्ष और समाज को आगे बढ़ाने की दृढ़ता।”