गुजरात का राजकोट शहर जल्द ही वन्यजीव पर्यटन के नक्शे पर एक नई और ऐतिहासिक पहचान बनाने जा रहा है। lion safari park rajkot नाम से विकसित हो रहा यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल शहर के पर्यटन को नई ऊँचाई देगा, बल्कि लोगों को शेरों को उनके प्राकृतिक वातावरण के बेहद करीब से देखने का एक अनोखा अवसर भी प्रदान करेगा।
अब तक शेर देखने के लिए लोगों को सासण गिर की लंबी यात्रा करनी पड़ती थी, लेकिन आने वाले समय में राजकोट के बीचों-बीच यह रोमांचक अनुभव संभव हो सकेगा।
निर्माण के अंतिम चरण में Lion Safari Park Rajkot
राजकोट नगर निगम द्वारा विकसित किया जा रहा lion safari park rajkot लगभग 70 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। यह प्रोजेक्ट प्रख्यात प्रद्युम्न पार्क जू के पीछे लगभग 29 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।
इस परियोजना को Central Zoo Authority (CZA) से आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है और इसकी कुल लागत लगभग 44 करोड़ रुपये आंकी गई है। मौजूदा प्रगति को देखते हुए, इसे अप्रैल 2026 में आम जनता के लिए खोलने की योजना है।
सात चरणों में हो रहा निर्माण कार्य
Lion Safari Park Rajkot का निर्माण सात चरणों में किया जा रहा है, जिससे हर हिस्से को वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से विकसित किया जा सके।
अब तक पूरे हुए चरण:
- घने जंगल और प्राकृतिक वन क्षेत्र का विकास
- हजारों पेड़ों और झाड़ियों का रोपण
- मजबूत कंपाउंड वॉल और चेन-लिंक फेंसिंग का निर्माण
- आंतरिक सड़कें और दो-तरफा प्रवेश द्वार
- स्टाफ और पर्यटकों के लिए निरीक्षण पथ
बाकी बचे चरणों में शामिल होंगे:
- शेरों के लिए नाइट शेल्टर
- जल भंडारण और सप्लाई सिस्टम
- एंट्रेंस प्लाज़ा, टिकट काउंटर
- पार्किंग एरिया
- फूड प्लाज़ा और बच्चों का प्ले एरिया
अब तक इस प्रोजेक्ट पर 27.57 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो इसकी तेज़ प्रगति को दर्शाता है।
सुरक्षा व्यवस्था: पर्यटक और शेर दोनों सुरक्षित
lion safari park rajkot में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। पार्क का पूरा डिज़ाइन इस तरह तैयार किया गया है कि शेर अपने निर्धारित क्षेत्र में सुरक्षित रहें और पर्यटक बिना किसी खतरे के सफारी का आनंद ले सकें।
प्रमुख सुरक्षा फीचर्स:
- 2.75 मीटर ऊँची ईंटों की दीवार, कुल लंबाई 3,500 मीटर
- रांडरदा झील के पास 1,000 मीटर लंबी RCC दीवार
- 5 मीटर ऊँची और 5,500 मीटर लंबी चेन-लिंक फेंसिंग
- फेंस और दीवार के बीच 5 मीटर चौड़ा निरीक्षण पथ
इन सभी सुरक्षा परतों की वजह से यह पार्क गुजरात के सबसे सुरक्षित शहरी सफारी पार्कों में शामिल होगा।
जल व्यवस्था: लालपरी रांडल झील से पानी की सप्लाई
Lion Safari Park Rajkot की जल आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह पर्यावरण-अनुकूल बनाया गया है। लालपरी रांडल झील से ग्रेविटी-बेस्ड DI पाइपलाइन के ज़रिए पानी पार्क के ग्राउंड स्टोरेज रिज़रवॉयर (GSR) तक पहुँचेगा।
यह पानी:
- शेरों के पीने
- हरियाली बनाए रखने
- सिंचाई और साफ-सफाई
के लिए उपयोग किया जाएगा।
पानी के स्रोतों के आसपास घनी झाड़ियाँ और पेड़ लगाए जा रहे हैं ताकि शेरों को प्राकृतिक छाया और ठंडक मिल सके।
शेरों की देखभाल और संरक्षण पर खास ध्यान
lion safari park rajkot सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि शेर संरक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। यहाँ हर सुविधा शेरों की प्राकृतिक ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।
शेरों के लिए विशेष सुविधाएँ:
- विशाल नाइट शेल्टर
- खुले घूमने के लिए बड़े एरिया
- खेलने और आराम करने के मैदान
- पीने के पानी के तालाब और कूलिंग पूल
- हेल्थ मॉनिटरिंग के लिए निरीक्षण पथ
इस तरह शेरों को कैद जैसा महसूस नहीं होगा, बल्कि वे एक सुरक्षित प्राकृतिक माहौल में रह सकेंगे।
पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएँ
Lion Safari Park Rajkot को एक फुल-डे फैमिली डेस्टिनेशन के रूप में डिज़ाइन किया गया है। यहाँ आने वाले पर्यटकों को केवल सफारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाएँ भी मिलेंगी।
प्रस्तावित सुविधाएँ:
- आधुनिक टिकट काउंटर
- डिजिटल एंट्रेंस प्लाज़ा
- कार और बस पार्किंग
- फूड प्लाज़ा और रिफ्रेशमेंट स्टॉल
- बच्चों के लिए प्ले ज़ोन
- आरामदायक वॉकिंग ट्रैक
करीब 35 प्रतिशत विज़िटर सुविधाएँ पहले ही बन चुकी हैं।
टिकट कीमत: Lion Safari Park Rajkot का संभावित किराया
सबसे ज्यादा चर्चा का विषय यही है कि lion safari park rajkot का टिकट कितना होगा।
हालांकि अभी तक नगर निगम ने आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन शुरुआती अनुमान के मुताबिक:
- वयस्कों के लिए: ₹250 से ₹400
- बच्चों के लिए: ₹100 से ₹150
इसके अलावा:
- जू + सफारी कॉम्बो टिकट
- छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए छूट
- विदेशी पर्यटकों के लिए अलग दरें
इन कीमतों का उद्देश्य स्थानीय लोगों के लिए किफायती और संचालन के लिए टिकाऊ व्यवस्था बनाना है।
पर्यटन के साथ संरक्षण का संगम
lion safari park rajkot केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह:
- एशियाई शेरों के संरक्षण
- प्रजनन कार्यक्रम
- रिसर्च और मॉनिटरिंग
- वन्यजीव जागरूकता
का एक बड़ा केंद्र बनेगा।
यह परियोजना लोगों को वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
राजकोट की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस सफारी पार्क के खुलने से:
- घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी
- होटल, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को फायदा होगा
- स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा
- इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा
हर महीने हजारों पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे राजकोट गुजरात का नया वन्यजीव पर्यटन केंद्र बन सकता है।
प्राकृतिक पर्यावरण के साथ तालमेल
Lion Safari Park Rajkot का पूरा लैंडस्केप शेरों के प्राकृतिक आवास से मेल खाता है:
- घास के मैदान
- घने पेड़
- पानी के तालाब
- चट्टानी संरचनाएँ
यह न केवल शेरों के अनुकूल है, बल्कि पर्यटकों को जैव विविधता और प्रकृति संरक्षण के बारे में भी जागरूक करेगा।
अप्रैल 2026 में भव्य उद्घाटन
परियोजना अधिकारियों के अनुसार, सभी निर्माण कार्य, सुरक्षा इंतज़ाम और शेरों के ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2026 में lion safari park rajkot को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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निष्कर्ष: राजकोट के भविष्य की नई दहाड़
Lion Safari Park Rajkot सिर्फ एक नया पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि यह गुजरात की पहचान, वन्यजीव संरक्षण और आधुनिक विकास का प्रतीक है।
अगर आप बिना सासण गिर जाए शेरों को करीब से देखने का सपना देखते हैं, तो अप्रैल 2026 का इंतज़ार जरूर कीजिए-जब राजकोट की धरती पर जंगल की दहाड़ गूंजेगी।













