PM की मौजूदगी वाली रीजनल वाइब्रेंट समिट पर विवाद, कांग्रेस नेता ने CM को ट्वीट कर उठाई आपत्ति; Marwari University को लेकर सवाल

🗓️ Published on: December 13, 2025 4:57 pm
Marwari University

Marwari University: राजकोट में 10 से 12 जनवरी तक आयोजित होने जा रही सौराष्ट्र-कच्छ रीजनल वाइब्रेंट समिट विवादों में घिर गई है। इस बड़े सरकारी आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी प्रस्तावित है और इसमें सौराष्ट्र व कच्छ क्षेत्र के करीब 5,000 उद्योगपतियों के शामिल होने की संभावना है। लेकिन समिट के आयोजन स्थल को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्यक्रम को विवादित निजी संस्थान Marwari University में आयोजित किए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है।

राजकोट कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. निदत बारोट ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को ट्वीट कर मांग की है कि इतनी बड़ी और प्रतिष्ठित सरकारी इवेंट किसी विवादित निजी विश्वविद्यालय में नहीं, बल्कि किसी सरकारी या सार्वजनिक स्थान पर आयोजित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ के उद्योगपतियों के लिए आयोजित की जा रही इस महत्वपूर्ण समिट को Marwari University के बजाय सौराष्ट्र यूनिवर्सिटी, रेसकोर्स ग्राउंड या अटल सरोवर जैसे स्थानों पर किया जाना चाहिए, जहां बड़ी संख्या में लोग आसानी से भाग ले सकें।

Marwari University को लेकर कांग्रेस की आपत्तियां

डॉ. बारोट ने आरोप लगाया कि Marwari University पहले भी कई विवादों में रही है। उन्होंने कहा कि यहां कथित तौर पर गांजे की खेती, शिक्षकों द्वारा आपत्तिजनक वीडियो देखने, विदेशी छात्रों के व्यवहार और नाइट पार्टी जैसी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में इस तरह की निजी और विवादित यूनिवर्सिटी में राज्य सरकार की सबसे बड़ी रीजनल वाइब्रेंट समिट आयोजित करना उचित नहीं है।

उनका कहना है कि जब सरकार इस आयोजन पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो यह जरूरी है कि कार्यक्रम किसी सरकारी स्थान पर ही आयोजित किया जाए, ताकि सार्वजनिक धन का सही उपयोग हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी परिसरों में आयोजन होने से वहां के बुनियादी ढांचे का विकास भी संभव होगा।

मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को पत्र लिखने की तैयारी

कांग्रेस नेता ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को ट्वीट करने के साथ-साथ राजकोट जिला कलेक्टर को भी पत्र लिखकर अपनी आपत्तियों से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि Marwari University तक पहुंचने वाले रास्तों से अतिक्रमण हटाया जाएगा और सड़कों का सुधार किया जाएगा, लेकिन यदि यही आयोजन किसी सरकारी स्थल पर होता तो उस स्थान के विकास से आम जनता को स्थायी लाभ मिलता।

जिला कलेक्टर का पक्ष: आयोजन से उद्योगपतियों को होगा लाभ

इस बीच राजकोट के जिला कलेक्टर डॉ. ओम प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि 10 से 12 जनवरी के बीच Marwari University में सौराष्ट्र-कच्छ रीजनल वाइब्रेंट समिट आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि गुजरात में कुल चार रीजनल वाइब्रेंट समिट हो रही हैं। इनमें से पहली समिट मेहसाणा में पहले ही आयोजित हो चुकी है। इसके बाद राजकोट में सौराष्ट्र-कच्छ की समिट होगी, फिर वडोदरा और अंत में सूरत में रीजनल वाइब्रेंट समिट का आयोजन किया जाएगा।

कलेक्टर के अनुसार, Marwari University में आयोजित होने वाली इस समिट के दौरान उद्योगपतियों के लिए कई उपयोगी सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। इन सेमिनारों में निवेश, उद्योग विस्तार, सरकारी योजनाओं और व्यापारिक अवसरों से जुड़ी अहम जानकारियां दी जाएंगी।

100 से अधिक उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक

डॉ. ओम प्रकाश ने यह भी बताया कि हाल ही में इंडस्ट्रियल कमिश्नर की अध्यक्षता में सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के 100 से अधिक उद्योगपतियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सभी उद्योगपतियों को वाइब्रेंट समिट की विस्तृत जानकारी दी गई और उनसे सुझाव भी लिए गए। प्रशासन का दावा है कि यह समिट क्षेत्र के उद्योगों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।

सेमिनार, एग्जीबिशन और रिवर्स बायर-सेल मीटिंग

प्रशासन के अनुसार, वाइब्रेंट समिट के दौरान सेमिनार के साथ-साथ एक बड़ी एग्जीबिशन भी आयोजित की जाएगी। इसके अलावा रिवर्स बायर-सेल मीटिंग का भी आयोजन होगा, जिसमें खरीदार और विक्रेता एक ही मंच पर आमने-सामने होंगे। इसमें उद्योगपति मौके पर ही अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगे, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।

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राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

हालांकि कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Marwari University में आयोजन से सरकार की छवि पर सवाल उठेंगे, वहीं प्रशासन और सत्तारूढ़ दल का दावा है कि आयोजन का उद्देश्य केवल उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के चलते यह समिट और भी अहम मानी जा रही है, ऐसे में आयोजन स्थल को लेकर विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार कांग्रेस की मांगों पर कोई पुनर्विचार करती है या फिर तय कार्यक्रम के अनुसार Marwari University में ही सौराष्ट्र-कच्छ रीजनल वाइब्रेंट समिट आयोजित की जाती है। फिलहाल, यह मुद्दा राजकोट की राजनीति और उद्योग जगत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।