अहमदाबाद में आयोजित एक भव्य शैक्षणिक समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षक Paresh Hirani को ‘सोरावी मानवता रत्न अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सोरावी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुजरात स्टेट बेस्ट टीचर अवॉर्ड – 2025 समारोह के दौरान 21 दिसंबर 2025 को प्रदान किया गया। इस कार्यक्रम में राज्यभर से शिक्षा जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
Paresh Hirani, जो वर्तमान में पीएम श्री पार्वती केंद्रवर्ती स्कूल, गरियाधर (तालुका गरियाधर) में असिस्टेंट टीचर के रूप में कार्यरत हैं, को शिक्षा के क्षेत्र में उनकी निष्ठा, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए यह सम्मान दिया गया। लंबे समय से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों को देखते हुए चयन समिति ने उन्हें इस विशेष पुरस्कार के लिए चुना।
Paresh Hirani
यह सम्मान समारोह सोरावी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। ट्रस्ट का मानना है कि मजबूत समाज की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है, और इस व्यवस्था को सशक्त बनाने में समर्पित शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम में गुजरात काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (GCERT) के सेक्रेटरी श्री एस. जे. डुमरालिया साहेब चेयरमैन के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, बीजेपी सपोर्टर मंच गुजरात प्रदेश के अध्यक्ष प्रशांतभाई श्रीमाली और गुजरात सेकेंडरी एंड हायर सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (GSEB) के असिस्टेंट सेक्रेटरी पुलकितभाई जोशी ने चीफ गेस्ट के तौर पर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इन सभी अतिथियों की मौजूदगी ने समारोह की गरिमा को और बढ़ा दिया।
सम्मान प्रदान करते हुए GCERT सेक्रेटरी एस. जे. डुमरालिया साहेब ने कहा कि Paresh Hirani जैसे शिक्षक न केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों का भी बोध कराते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के पुरस्कार शिक्षकों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और प्रेरणा का संचार करते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होती है।
सोरावी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह पहल शिक्षा जगत और समाज दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल पुरस्कार देना नहीं, बल्कि उन शिक्षकों को मंच देना है जो चुपचाप समाज के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहे हैं। Paresh Hirani को मिला यह सम्मान इसी सोच का प्रतीक है।
समारोह के दौरान उपस्थित अन्य शिक्षकों और अतिथियों ने भी Paresh Hirani के कार्यों की सराहना की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के अंत में सोरावी चैरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सभी मुख्य अतिथियों, प्रतिभागियों और पुरस्कार विजेताओं का आभार व्यक्त किया।
कुल मिलाकर, अहमदाबाद में आयोजित यह समारोह न केवल एक सम्मान कार्यक्रम था, बल्कि यह शिक्षा के महत्व, शिक्षकों की भूमिका और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को रेखांकित करने वाला एक प्रेरणादायक आयोजन भी साबित हुआ। Paresh Hirani को मिला ‘सोरावी मानवता रत्न अवॉर्ड’ निश्चित रूप से अन्य शिक्षकों के लिए भी एक प्रेरणा बनेगा और शिक्षा जगत में सकारात्मक बदलाव को बढ़ावा देगा।










