गांधीनगर, 4 दिसंबर 2025 – गुजरात सरकार ने धोरदो, कच्छ में Rann Utsav 2025-26 का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि यह उत्सव न केवल कच्छ की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि राज्य की पर्यटन क्षमता और वैश्विक पहचान को भी मजबूती प्रदान करता है।
इस साल का Rann Utsav “Ekatva: Ek Desh, Ek Geet, Ek Bhavna” (एकता: एक देश, एक गीत, एक भावना) थीम के साथ आयोजित किया गया, जो वंदे मातरम के 150वें वर्ष का सम्मान करता है। इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियां, कच्छ की पारंपरिक कलाएं और गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर प्रदर्शित की गईं।
पर्यटन विकास के लिए ₹179 करोड़ के परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाखपत किला, तेरा हेरिटेज विलेज और धोरदो में पर्यटन विकास कार्यों की नींव रखी, जिनकी लागत लगभग ₹179 करोड़ है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाएं प्रदान करना और स्थानीय संस्कृति व धरोहर को संरक्षित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुसार ‘विरासत भी, विकास भी’ को साकार करना हमारी प्राथमिकता है। धोरदो मॉडल ने समाज, संस्कृति और समृद्धि के समन्वय के माध्यम से एक उदाहरण पेश किया है, जिसे विश्व स्तर पर केस स्टडी के रूप में मान्यता मिली है।”
धोरदो मॉडल और वैश्विक पहचान
Rann Utsav ने केवल गुजरात बल्कि पूरे भारत में पर्यटन को वैश्विक पहचान दी है। धोरदो गांव को विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) द्वारा ‘बेस्ट टूरिज़्म विलेज’ का पुरस्कार भी मिल चुका है। कच्छ के पारंपरिक भुंगास और मॉडर्न टेंट सिटी ने इसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह उत्सव न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का भी माध्यम बन गया है। यहाँ हाथ से बने पारंपरिक हस्तशिल्प वैश्विक बाजार में पहुँचे हैं, जिससे Vocal for Local और Local for Global जैसे अभियानों को बल मिला है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और एकता का संदेश
Rann Utsav 2025-26 के उद्घाटन पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों के माध्यम से एकता और विविधता का संदेश दिया गया। लोक संगीत, नृत्य और कच्छ की पारंपरिक कलाओं के प्रदर्शन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का संगम न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर गुजरात की पहचान भी स्थापित करता है।”
अवसंरचना और यातायात की सुविधाओं में सुधार
कच्छ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सड़क, बस सेवा, रेल और हवाई मार्गों के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी विकसित की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा, “भुज तक की उत्कृष्ट सड़क और रेल कनेक्टिविटी ने सफेद रण तक पहुंच को आसान बनाया है। पिछले वर्ष 10 लाख से अधिक पर्यटकों ने Rann Utsav का अनुभव किया।”
पर्यावरण, विरासत और पर्यटन का संतुलन
Rann Utsav न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच संतुलन बनाने का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पारंपरिक भुंगाओं और स्थायी निर्माण तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
सदार स्मृतिवन और सूर्योदय का आनंद
मुख्यमंत्री ने धोरदो के सफेद रण का भ्रमण किया और इसकी सुरम्य सूर्यास्त की सुंदरता का आनंद लिया। उन्होंने सदार स्मृतिवन का उद्घाटन भी किया, जो सरदार वल्लभभाई पटेल के भारत के एकता और अखंडता के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए समर्पित है।
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प्रमुख अतिथि और अधिकारियों की उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें शामिल थे:
- श्रम और रोजगार मंत्री श्री कुँवरजी बावलिया
- राज्य मंत्री, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, श्री त्रिकम छांगा
- जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जनकसिंह जडेजा
- विधायक श्री केशुभाई पटेल, श्री प्रद्युमन्सिंह जडेजा, श्री अनिरुद्धा डे
- पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार
- कच्छ कलेक्टर श्री आनंद पटेल
- जिला विकास अधिकारी श्री उत्सव गौतम
- गुजरात पर्यटन निगम के एमडी श्री प्रभव जोशी
- जीएलपीसी के एमडी श्री सुधीर पटेल
- धोरदो ग्राम पंचायत सरपंच श्री मिया हुसैन
Rann Utsav 2025–26: वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में
Rann Utsav 2025–26 ने गुजरात को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पारंपरिक कला, लोक संस्कृति, साहसिक गतिविधियाँ और आधुनिक सुविधाओं के संयोजन से यह उत्सव अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक आकर्षक स्थल बन गया है।
इस दौरान पर्यटक लोक कला प्रदर्शनी, ऊँट की सवारी, साहसिक खेल, संगीत और नृत्य कार्यक्रम का आनंद ले सकते हैं। हर गतिविधि का उद्देश्य पर्यटकों को कच्छ की संस्कृति में डुबो देना और उन्हें यादगार अनुभव प्रदान करना है।
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निष्कर्ष
Rann Utsav 2025-26 का उद्घाटन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल द्वारा गुजरात की सांस्कृतिक और पर्यटन विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इस उत्सव ने यह साबित किया है कि कैसे सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक विकास और आर्थिक समृद्धि को जोड़कर एक सफल और स्थायी पर्यटन मॉडल तैयार किया जा सकता है।
प्रधानमंत्री के विजन “विकास भी, विरासत भी” को साकार करते हुए, Rann Utsav 2025–26 ने धोरदो और कच्छ को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत किया है। यह उत्सव सभी पर्यटकों को कच्छ की रेत, कला और संस्कृति की जादुई दुनिया का अनुभव करने का अवसर प्रदान करता है।













