जीतू वघाणी का बड़ा बयान-धोलेरा को भावनगर में शामिल करने की प्रक्रिया होगी शुरू
saurashtra samachar bhavnagar: भावनगर जिले के औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उस समय दर्ज हुआ, जब जिला स्तरीय वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का आयोजन भावनगर के इस्कॉन क्लब में भव्य रूप से किया गया। यह कॉन्फ्रेंस राज्य सरकार के ‘डेवलप्ड इंडिया 2047’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
इस सम्मेलन की अध्यक्षता भावनगर जिले के प्रभारी मंत्री तथा राज्य के कानून एवं न्याय, ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल्स मंत्री कौशिक वेकारिया ने की। कार्यक्रम में उद्योग, स्टार्टअप, MSME, खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर और नगर विकास से जुड़े अनेक विभागों की भागीदारी देखने को मिली। VGRC भावनगर में कुल 248 मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनके माध्यम से ₹1731 करोड़ से अधिक के प्रस्तावित निवेश और 21,276 नए रोज़गार अवसरों के सृजन का रास्ता खुला है।
स्थानीय व्यापारिक हलकों और औद्योगिक जगत में इस कॉन्फ्रेंस को भावनगर के भविष्य के लिए “गेम-चेंजर” के रूप में देखा जा रहा है। यही कारण है कि saurashtra samachar bhavnagar जैसे प्रमुख क्षेत्रीय समाचार मंचों में इस आयोजन को व्यापक महत्व दिया जा रहा है।
किन सेक्टर्स में कितना निवेश हुआ?
उद्योगों की विविधता ने भावनगर को बनाया निवेश का हॉटस्पॉट
VGRC के दौरान जिन 248 MOU पर हस्ताक्षर हुए, वे कई अहम सेक्टर्स में फैले हुए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि भावनगर केवल एक या दो उद्योगों तक सीमित नहीं, बल्कि एक मल्टी-सेक्टर इंडस्ट्रियल हब के रूप में उभर रहा है।
- कमर्शियल और रेजिडेंशियल डेवलपमेंट: ₹460.57 करोड़
- एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर: ₹120.82 करोड़
- केमिकल इंडस्ट्री: ₹40.84 करोड़
- इंजीनियरिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर: ₹102.59 करोड़
- प्लास्टिक इंडस्ट्री: ₹40.49 करोड़
- MSME सेक्टर: ₹122.11 करोड़
- माइनिंग और जियोलॉजी सेक्टर: ₹844 करोड़
इन सभी सेक्टर्स को मिलाकर कुल प्रस्तावित निवेश ₹1731.41 करोड़ तक पहुँच गया है। इन MOU में डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्री सेंटर (DIC), भावनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन, गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (GIDC) और जियोलॉजी एवं माइनिंग विभाग की प्रमुख भूमिका रही।
कौशिक वेकारिया बोले-धोलेरा डेवलपमेंट से भावनगर को मिलेगा नया आयाम
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री कौशिक वेकारिया ने कहा कि यह भावनगर जिले के लिए गर्व का क्षण है कि एक ही मंच पर ₹1700 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में शुरू हुआ वाइब्रेंट गुजरात समिट आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है, जिसकी छाया में गुजरात का हर जिला विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
वेकारिया ने विशेष रूप से धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR) का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले समय में धोलेरा का विकास भावनगर के लिए नए औद्योगिक, लॉजिस्टिक और रोजगार के द्वार खोलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के लिए ₹10,000 करोड़ से अधिक की सहायता की घोषणा की है, जिसमें से ₹6,900 करोड़ से ज्यादा की राशि कुछ ही दिनों में किसानों और प्रभावित लोगों तक पहुँचा दी गई है।
जीतू वघानी का बड़ा ऐलान-धोलेरा को भावनगर में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू होगी
कृषि मंत्री जीतू वघानी ने अपने संबोधन में VGRC को गुजरात की विकास यात्रा का अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट की नींव वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के तहत रखी गई थी। उसी सोच का परिणाम है कि आज गुजरात निवेश, उद्योग और रोजगार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
जीतू वघानी ने एक महत्वपूर्ण संकेत देते हुए कहा कि धोलेरा को भावनगर जिले से जोड़ने और शामिल करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उनके इस बयान को भावनगर के औद्योगिक भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले वाइब्रेंट समिट केवल गांधीनगर तक सीमित था, लेकिन अब इसे जिला स्तर पर लाया गया है, जिससे स्थानीय उद्योगपतियों को घर बैठे निवेश और नीति से जुड़ा प्लेटफॉर्म मिल रहा है।
जामनगर-भावनगर एक्सप्रेसवे और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट से बढ़ेंगी संभावनाएं
जीतू वघानी ने भावनगर की औद्योगिक क्षमता पर बोलते हुए कहा कि जिले में कई ऐसी इंडस्ट्रीज़ हैं, जिनका उत्पादन केवल भावनगर में ही होता है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट, धोलेरा SIR, IT पार्क, और जामनगर को भावनगर से जोड़ने वाला नया एक्सप्रेसवे जिले की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों की ज़रूरतों के अनुसार नई-नई नीतियाँ बना रही है, जिससे इंडस्ट्रियलिस्ट्स को सीधा लाभ मिल रहा है।
गुजरात 2047 रोडमैप तैयार: डॉ. धवल पटेल
जियोलॉजी और माइनिंग विभाग के कमिश्नर डॉ. धवल पटेल ने कहा कि जिस तरह भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का रोडमैप तैयार किया गया है, उसी तर्ज पर गुजरात 2047 विज़न का भी विस्तृत रोडमैप बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि भावनगर में प्लास्टिक इंडस्ट्री, शिपब्रेकिंग, शिप रीसाइक्लिंग और शिप बिल्डिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने उद्योगपतियों और स्टार्टअप्स से अपील की कि वे आगामी राजकोट VGRC में भी सक्रिय रूप से भाग लें।
एक्सपर्ट सेमिनार और ओपन हाउस डिस्कशन रहे आकर्षण का केंद्र
VGRC भावनगर में केवल MOU साइनिंग ही नहीं, बल्कि ज्ञान और नीति आधारित संवाद भी देखने को मिला। विभिन्न एक्सपर्ट्स ने
- धोलेरा SIR में भविष्य के अवसर,
- पोर्ट डेवलपमेंट,
- शिपब्रेकिंग और शिप बिल्डिंग,
- गुजरात स्टेट बायोटेक्नोलॉजी मिशन,
- IT और इनोवेशन पॉलिसी
जैसे विषयों पर विस्तृत सेमिनार किए। इसके साथ ही VGRC पर आधारित फिल्म प्रेजेंटेशन, MSME की सक्सेस स्टोरीज़ और ओपन हाउस डिस्कशन आयोजित हुए, जिनमें बेस्ट प्रैक्टिस, इंफ्रास्ट्रक्चर फैसिलिटी, स्किल डेवलपमेंट और पॉलिसी इंटरवेंशन पर चर्चा की गई।
स्टॉल विज़िट और लाभार्थियों को सहायता
कार्यक्रम की शुरुआत डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर डॉ. मनीष कुमार बंसल के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद मंत्रियों द्वारा वाजपेयी बैंकेबल योजना के लाभार्थियों को ₹178.05 लाख की सहायता राशि के चेक और ₹9.3 करोड़ के लोन चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया, जहाँ योजनाओं, सब्सिडी और निवेश से जुड़ी जानकारियाँ साझा की गईं।
कई जनप्रतिनिधि और उद्योगपति रहे मौजूद
इस सम्मेलन में मेयर भरत बराड़, जिला पंचायत अध्यक्ष रईयाबेन मियानी, विधायक सेजलबेन पंड्या, गौतम चौहान, हीरा सोलंकी, जिला नेता दिग्विजय सिंह गोहिल, कुमार शाह, दिव्येश सोलंकी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्टार्टअप एंटरप्रेन्योर और उद्योगपति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
VGRC भावनगर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह गुजरात के औद्योगिक भविष्य का एक प्रमुख केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। ₹1700 करोड़ से अधिक का निवेश, 21 हजार से ज़्यादा रोज़गार और धोलेरा जैसे मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ने की संभावनाएँ भावनगर को नई पहचान देने वाली हैं।
यही वजह है कि saurashtra samachar bhavnagar जैसे मंचों पर यह सम्मेलन केवल एक इवेंट नहीं, बल्कि भावनगर के विकास की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।










