Shardul Anveshika Gurukul के 30 बच्चों की 210 किलोमीटर साइकिल यात्रा: चोटीला दर्शन के लिए निकले युवा

🗓️ Published on: December 7, 2025 12:00 am
Shardul Anveshika Gurukul

Shardul Anveshika Gurukul के 8 से 11 साल के 30 छात्र, 10 शिक्षक और कुछ माताएं एक अद्भुत आध्यात्मिक और शैक्षिक साइकिल यात्रा पर निकले हैं। यह यात्रा जमीयतपुरा गाँव से 6 दिसंबर, 2025 को प्रारंभ हुई और 12 दिसंबर तक चोटीला के प्रसिद्ध शक्तिपीठ और मेघाणीजी के जन्मस्थान तक पूरी होगी। इस यात्रा की दूरी कुल 210 किलोमीटर है, जिसे बच्चे उत्साह और समर्पण के साथ पूरा करेंगे।

Shardul Anveshika Gurukul

Shardul Anveshika Gurukul के संचालक श्री उत्कर्षभाई पटेल ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्म-श्रद्धा, धर्म-श्रद्धा, राष्ट्र-भक्ति, शास्त्र-ज्ञान और ईश्वर-भक्ति को प्रोत्साहित करना है। गुरुकुल हर साल बच्चों के लिए विभिन्न तीर्थस्थलों की ऐसी श्रद्धा यात्राओं का आयोजन करता है, ताकि उन्हें जीवन में आध्यात्मिक और सामाजिक मूल्यों का अनुभव हो।

इस वर्ष की यात्रा का विषय “गीता के माध्यम से पंच-परिवर्तन” रखा गया है। यह पांच परिवर्तन सामाजिक समरसता, पारिवारिक भावनाएं, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक कर्तव्य और आत्म-ज्ञान से संबंधित हैं। यात्रा के दौरान बच्चे भारत के 50 से अधिक गाँवों से गुजरेंगे, जहां वे स्थानीय बच्चों और बुजुर्गों के साथ नाटक, खेल, कहानियाँ, भजन और शास्त्रों का सत्संग साझा करेंगे। यह अनुभव उन्हें सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समृद्ध करेगा।

यात्रा के दौरान बच्चे गीता के 18 अध्यायों का पारायण करेंगे। साथ ही, वे रास्ते में आने वाले गाँवों के मंदिरों, जलाशयों, कृषि पद्धतियों और देवी-देवताओं के विभिन्न रूपों का अध्ययन करेंगे। इससे बच्चों को भारत की सांस्कृतिक, प्राकृतिक, ऋषि-कृषि और आध्यात्मिक विरासत की गहरी समझ प्राप्त होगी। भोजन के लिए बच्चे गाँवों में जाकर भिक्षा ग्रहण करेंगे और इसके बदले में गीता के श्लोकों के रूप में विचार और ज्ञान साझा करेंगे।

Shardul Anveshika Gurukul की यह विचरण यात्रा केवल आध्यात्मिक नहीं है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायक है। बच्चों को भूगोल, इतिहास, समाजशास्त्र, कृषि विज्ञान, व्यवहारिक शिक्षा, ग्राम संस्कृति और धर्मशास्त्र जैसे कई विषयों का व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा। यह यात्रा साहस, निर्भयता, एकता, सहनशीलता, कृतज्ञता, भावनात्मक समझ, आत्मविश्वास और सेवा भाव को भी बढ़ावा देती है। साथ ही, यह बच्चों में देश, धर्म और शास्त्रों के प्रति अटूट श्रद्धा का निर्माण करती है।

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यात्रा को और भी रोचक बनाने के लिए विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ और कला जगत के विद्वान बच्चों के साथ जुड़े हैं। इनमें प्रसिद्ध चित्रकार श्री प्रकाश गर्ग और केरल मुरल आर्ट विशेषज्ञ शकीलाजी जैसी हस्तियाँ शामिल हैं। ये विशेषज्ञ बच्चों को कला, संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से यात्रा का अनुभव और समृद्ध बनाते हैं।

इस प्रकार, Shardul Anveshika Gurukul की यह 210 किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा न केवल बच्चों के शारीरिक विकास और साहस को प्रोत्साहित करती है, बल्कि उन्हें भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर से भी जोड़ती है। यह यात्रा बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बन रही है, जो जीवन भर उनके मूल्य और संस्कारों का मार्गदर्शन करेगी।