Vantara: UN वन्यजीव व्यापार संस्था ने भारत के संरक्षण मॉडल को दिया वैश्विक समर्थन

📝 Last updated on: November 28, 2025 11:24 am
Vantara

विश्व स्तर पर भारत की वन्यजीव संरक्षण क्षमता को एक बड़ा प्रमाणपत्र तब मिला जब संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध वन्यजीव व्यापार निकाय ने स्पष्ट कर दिया कि भारत पर किसी भी प्रकार की आयात संबंधी पाबंदी लगाने की आवश्यकता नहीं है। यह फैसला खास तौर पर Vantara से जुड़े उन आरोपों के बाद आया है, जिनकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (SIT) ने गहन जांच करने के बाद पूरी तरह खारिज कर दिया।

Vantara, जो रिलायंस समूह के अनंत अंबानी द्वारा संचालित एक अत्याधुनिक वन्यजीव बचाव और संरक्षण केंद्र है, पिछले कई महीनों से अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय रहा है। लेकिन अब संयुक्त राष्ट्र के वन्यजीव व्यापार निकाय CITES के निर्णय ने यह साफ कर दिया है कि भारत का संरक्षण ढांचा, और विशेष रूप से Vantara का मॉडल, पूरी तरह पारदर्शी, वैज्ञानिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

CITES के कोप-20 में बड़ा फैसला: भारत को मिली व्यापक समर्थन की मुहर

23 नवंबर को उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित CITES Conference of the Parties (CoP-20) की बैठक में अमेरिका, ब्राज़ील, जापान समेत कई देशों ने भारत का पूर्ण समर्थन किया। इन देशों ने एक स्वर में कहा कि भारत या Vantara के खिलाफ किसी भी तरह की व्यापारिक कार्रवाई का कोई आधार नहीं है।
उनका स्पष्ट मत था—ऐसा कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है जिससे यह सिद्ध हो कि भारत ने लुप्तप्राय जंतुओं के व्यापार में कोई उल्लंघन किया है।

CITES, यानी Convention on International Trade in Endangered Species, दुनिया भर में संकटग्रस्त प्रजातियों के व्यापार को विनियमित करता है। इसी वैश्विक संस्था ने सितंबर महीने में दो दिनों तक Jamnagar स्थित Vantara का निरीक्षण किया था। इसमें बाड़ों की संरचना, चिकित्सा सुविधाएं, रिकॉर्ड्स, बचाव प्रक्रियाएं तथा कल्याण मानकों की गहन जांच शामिल थी।

Supreme Court SIT की जांच में Vantara पूरी तरह निर्दोष साबित

CITES के इस फैसले की पृष्ठभूमि में सबसे अहम भूमिका रही भारत की सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की।

SIT ने कानूनी, वित्तीय, कल्याण तथा CITES मानकों से जुड़े सभी आरोपों की विस्तृत जांच की। इस जांच में शामिल थे:

  • दस्तावेज़ों की ऑडिट
  • राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अधिकारियों के साथ परामर्श
  • जामनगर स्थित Vantara परिसर का स्थल निरीक्षण
  • वित्तीय व कानूनी लेन–देन की बारीकी से जांच

जांच के बाद SIT ने स्पष्ट रूप से बताया कि:

  • सभी जानवर वैध अनुमति के साथ केवल अ-व्यावसायिक (non-commercial) उद्देश्यों के लिए प्राप्त किए गए थे।
  • किसी भी प्रकार की वाइल्डलाइफ़ तस्करी, वित्तीय अनियमितता या मनी-लॉन्ड्रिंग का कोई प्रमाण नहीं मिला।
  • आयात से संबंधित कागज़ात सामान्य कस्टम वैल्यूएशन प्रक्रियाओं का हिस्सा थे।
  • Vantara, Central Zoo Authority (CZA) के सभी नियमों के अनुसार संचालित हो रहा है और Global Humane Certified™ मानकों को पूरा करता है।

SIT की रिपोर्ट के बाद यह भी साबित हो गया कि Vantara किसी निजी संग्रहालय की तरह नहीं बल्कि एक वैश्विक स्तर पर मान्य बचाव, पुनर्वास और संरक्षण केंद्र के रूप में काम करता है।

CITES का फैसला: Vantara के वैज्ञानिक और नैतिक मॉडल को विश्व की स्वीकृति

CITES द्वारा भारत पर कोई प्रतिबंध न लगाने का निर्णय केवल एक कूटनीतिक जीत नहीं बल्कि Vantara के संचालन मॉडल पर अंतरराष्ट्रीय विश्वास का प्रतीक है।

इस फैसले के महत्व को निम्न रूप में समझा जा सकता है:

  • यह दर्शाता है कि Vantara वैश्विक संरक्षण मानकों के अनुरूप कार्य कर रहा है।
  • संस्थान की पारदर्शिता, दस्तावेज़ीकरण और पशु कल्याण प्रक्रियाओं को विश्व भर के देशों ने मान्यता दी।
  • यह निर्णय उन भ्रांतियों को खत्म करता है जो हाल के समय में कुछ समूहों द्वारा फैलायी गई थीं।
  • यह भारत की वन्यजीव नीति और संरक्षण प्रतिबद्धता के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय का भरोसा मजबूत करता है।

Vantara की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि
“यह वैश्विक समर्थन न सिर्फ भारत की CITES प्रणाली का समर्थन है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि Vantara शुरुआत से ही इन सभी मानकों का पालन करता आया है। यह फैसला हमारे काम, मूल्यों और वैश्विक संरक्षण में योगदान का सशक्त प्रमाण है।”

Vantara: आधुनिक भारत का विश्वस्तरीय संरक्षण मॉडल

इस पूरे घटनाक्रम में जिस संस्था ने विश्व का ध्यान खींचा, वह है-Vantara
जामनगर, गुजरात में स्थित यह केंद्र आज एशिया ही नहीं, बल्कि विश्व के सबसे उन्नत बचाव और पुनर्वास संस्थानों में गिना जाता है।

Vantara की प्रमुख विशेषताएँ:

1. विश्व-स्तरीय पशु चिकित्सा सुविधाएँ

यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों, सर्जनों और अंतरराष्ट्रीय पशु चिकित्सकों की टीम काम करती है।
अत्याधुनिक ICU, ऑपरेशन थिएटर, क्वारंटीन ज़ोन और मेडिकल अनुसंधान सुविधाएँ इसे अग्रणी बनाती हैं।

2. पुनर्वास और बचाव मिशनों में अग्रणी

भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से संकटग्रस्त या घायल जानवरों को यहां लाया जाता है।
उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और पुनर्वास के लिए विशिष्ट प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।

3. वैज्ञानिक और नैतिक संरक्षण मॉडल

Vantara सिर्फ बचाव केंद्र नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक शोध और संरक्षण इकाई के रूप में काम करता है।
यहां व्यवहार अध्ययन, पोषण शोध, जैव विविधता संरक्षण और प्रजाति पुनर्स्थापन कार्यक्रम चलाए जाते हैं।

4. अंतरराष्ट्रीय मानकों का अनुपालन

CZA और CITES के सभी नियमों का पालन
Global Humane Certified™ का दर्जा
पारदर्शी दस्तावेज़ीकरण और रिकॉर्ड-कीपिंग

5. बिना व्यावसायिक लाभ के, केवल संरक्षण के उद्देश्य से संचालन

यह पहल किसी भी प्रकार के व्यावसायिक हित से नहीं जुड़ी है।
इसका उद्देश्य केवल-“संरक्षण, पुनर्वास और प्रजातियों की सुरक्षा” है।

यह भी पढ़े: IFFI 2025 में ICFT–UNESCO गांधी मेडल की दौड़ में शामिल 10 वैश्विक फिल्में, शांति और मानवता की कहानियों को मिला मंच

भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का क्षण

CITES के सदस्य देशों द्वारा भारत के पक्ष में दिया गया यह समर्थन कई मायनों में ऐतिहासिक है।
यह भारत की उन दीर्घकालिक कोशिशों की पुष्टि है, जिनके तहत देश में वाइल्डलाइफ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती रही है।

इस फैसले ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि

  • भारत एक जिम्मेदार संरक्षण राष्ट्र है
  • उसका वन्यजीव व्यापार और आयात ढांचा कानूनी और पारदर्शी है
  • Vantara जैसे संस्थान भारत की वैश्विक छवि को मजबूत कर रहे हैं

गलत धारणाओं का अंत और सत्य की स्थापना

पिछले कुछ समय में Vantara को लेकर कुछ प्लेटफॉर्म पर गलत सूचनाएं और भ्रांतियां फैलाई गई थीं।
लेकिन CITES और सुप्रीम कोर्ट SIT की जांचों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साफ हो गया है कि—

Vantara के खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं था।

इस फैसले ने न केवल तथ्यों को स्पष्ट किया, बल्कि उन सभी प्रश्नों का भी जवाब दे दिया जो Vantara की कार्यप्रणाली पर उठाए जा रहे थे।

यह भी पढ़े: What Is Saurashtra: भारत के इस ऐतिहासिक क्षेत्र को समझने का सरल परिचय

निष्कर्ष: Vantara वैश्विक संरक्षण नेतृत्व की दिशा में एक निर्णायक कदम

UN वन्यजीव व्यापार संस्था का यह निर्णय न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक वन्यजीव संरक्षण समुदाय के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Vantara को मिला यह समर्थन इस बात का प्रमाण है कि:

  • भारत का संरक्षण मॉडल मजबूत है
  • Vantara एक कानूनी, पारदर्शी और विश्व-स्तरीय संरक्षण केंद्र है
  • दुनिया भारत से संरक्षण के क्षेत्र में नेतृत्व की उम्मीद कर रही है

यह परिणाम Vantara के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और भारत के लिए एक गर्व का क्षण।
यह न केवल संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, बल्कि विश्व के सामने यह भी संदेश देता है कि-

सही उद्देश्य, पारदर्शिता और विज्ञान पर आधारित प्रयास किसी भी आरोप के शोर को शांत कर देते हैं।