Vishv Umiya Dham में ऐतिहासिक गर्भगृह अनुष्ठान, 504 फीट ऊँचे भव्य उमिया माता मंदिर का निर्माण तेज़

🗓️ Published on: December 15, 2025 5:17 pm
Vishv Umiya Dham

भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। गुजरात के पवित्र जासपुर में स्थित Vishv Umiya Dham में निर्माणाधीन जगतजननी मां उमिया के भव्य मंदिर के गर्भगृह में विशेष वैदिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। यह मंदिर 504 फीट की ऊँचाई के साथ विश्व का सबसे ऊँचा उमिया माता मंदिर बनने जा रहा है, जो भविष्य में वैश्विक स्तर पर आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा।

गर्भगृह में 108 कलशों की विधिपूर्वक स्थापना

इस पावन अवसर पर 108 यजमान दंपतियों द्वारा गंगाजल से भरे 108 पवित्र कलश गर्भगृह में स्थापित किए गए। इसके साथ ही भारत की 108 पवित्र नदियों के जल से पूरे गर्भगृह को विधिवत पवित्र किया गया। सनातन परंपरा में इस प्रकार का अनुष्ठान मंदिर को दिव्य ऊर्जा से परिपूर्ण करने का प्रतीक माना जाता है।

विश्व उमिया फाउंडेशन की ऐतिहासिक पहल

विश्व उमिया फाउंडेशन के प्रणेता और अध्यक्ष आर. पी. पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि जहां मां उमिया की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, उस स्थान के नीचे गंगाजल से भरे 108 कलश और शास्त्रों में वर्णित 108 पवित्र नदियों के जल से भरा विशेष कलश प्रस्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया Vishv Umiya Dham को आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली बनाती है।

देशभर से एकत्र किया गया पवित्र जल

इस विशाल धार्मिक अभियान के तहत कश्मीर से हिमालय, अरुणाचल प्रदेश से लेकर दक्षिण भारत तक विद्वान ब्राह्मणों के मार्गदर्शन में पवित्र जल एकत्र किया गया। यह अभियान भारत की आध्यात्मिक एकता और सांस्कृतिक अखंडता का प्रतीक बनकर उभरा है।

51 भक्तों की 365 दिनों से अधिक की कठिन यात्रा

108 नदियों का जल एकत्र करने के लिए 51 से अधिक श्रद्धालुओं ने 365 दिनों से अधिक समय तक कठिन यात्रा की। इस दौरान टीम ने हिमालय क्षेत्र में लगभग 20 दिनों तक ठहरकर अत्यंत दुर्गम परिस्थितियों में भी अपने संकल्प को पूरा किया। विशेष रूप से मानसरोवर से जल लाना इस यात्रा का सबसे चुनौतीपूर्ण और पवित्र चरण रहा।

108 पवित्र नदियों का अद्भुत संगम

इन नदियों में मानसरोवर, गंगा, यमुना, सरस्वती, नर्मदा, गोदावरी, कावेरी, कृष्णा, ब्रह्मपुत्र, सिंधु, सरयू, गोमती, घाघरा, सोन, चंबल, ताप्ती, महानदी, कोसी, गंडक, साबरमती, माही, पेरियार, वैगई, तामिरपरणी, अलकनंदा, भागीरथी, मंदाकिनी, ब्यास, रावी, चिनाब, झेलम, सतलुज, लूणी, सुवर्णरेखा, दामोदर, तीस्ता, लोहित, बराक, इंद्रावती, तुंगभद्रा, भीमा, केन, बेतवा, अजय, द्वारकावती और प्राची सहित अनेक पवित्र नदियाँ शामिल हैं।

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दिसंबर 2027 में होगा भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

विश्व उमिया फाउंडेशन के अनुसार, दिसंबर 2027 में मां उमिया की प्रतिमा Vishv Umiya Dham में विधिपूर्वक विराजमान की जाएगी। उसी समय भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

आस्था, संस्कृति और एकता का वैश्विक केंद्र बनेगा Vishv Umiya Dham

Vishv Umiya Dham केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। 504 फीट ऊँचा यह भव्य मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए श्रद्धा, प्रेरणा और आध्यात्मिक ऊर्जा का स्थायी केंद्र बनेगा।