Gujarat में हाल ही में हुए एक दर्दनाक leopard attack Gujarat घटना के बाद धारी तालुका के त्राम्बकपुर गाँव में माहौल अभी भी शोकमग्न है। कुछ दिन पहले गाँव में एक दीपड़े के अचानक हमले में मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं।
वन विभाग ने राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार बच्ची के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह राशि तात्कालिक राहत के रूप में स्वीकृत कर परिवार को सौंपी गई, ताकि इस कठिन समय में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके।
चेक सौंपने के दौरान वन विभाग के एसीएफ दीपक चौधरी, आरएफओ वणिक, फॉरेस्टर सावल्या, और वन्यजीव वॉर्डन महावीर बापू मौजूद थे। अधिकारियों ने परिवार को संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि विभाग क्षेत्र में ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी और आवश्यक कदमों को मजबूत करेगा।
गाँव के लोगों ने भी इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता ज़ाहिर की है। कई ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र में दीपड़ों की हलचल बढ़ी है, जिससे शाम के बाद गाँव में डर का वातावरण रहता है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
यह दुखद leopard attack Gujarat घटना मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाये रखने की चुनौती को एक बार फिर सामने लाती है। विभाग की ओर से दी गई राहत राशि परिवार की पीड़ा को कम तो नहीं कर सकती, लेकिन कठिन परिस्थिति में उनके लिए एक आवश्यक सहायता सिद्ध होगी।










